निक्षालन विधि अथवा रासायनिक विधि , निक्षालन की परिभाषा क्या है किसे कहते है (chemical method in hindi)

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(chemical method in hindi) निक्षालन विधि अथवा रासायनिक विधि , निक्षालन की परिभाषा क्या है किसे कहते है : सबसे पहले हम बात करते है कि निक्षालन क्या होता है ?

निक्षालन : किसी ठोस पदार्थ से किसी विशेष पदार्थ का निष्कर्षण करना या निकालने की प्रक्रिया को निक्षालन कहते है जब वह ठोस पदार्थ किसी द्रव के संपर्क में आता है।
निक्षालन विधि : जब कोई अयस्क किसी उपयुक्त विलायक में विलेय के रूप में घुला हुआ रहता है तो इस अयस्क को शुद्ध मात्रा में विलायक से अलग करने की विधि को निक्षालन विधि द्वारा कहते है।
यहाँ हम किसी अयस्क को शुद्ध रूप में रासायनिक विधि द्वारा अर्थात रासायनिक अभिक्रियाओं द्वारा प्राप्त करने के लिए दो विधियों का अध्ययन करते है यहाँ दोनों विधियाँ निक्षालन विधि कहलाती है क्यूंकि दोनों ही स्थितियों में किसी विलायक में विलेय के रूप में अयस्क को शुद्ध मात्रा में रखता है जिसे हमें विलायक से अलग प्राप्त करना है।
1. बॉक्साइट से एलुमिना का निक्षालन : बॉक्साइट कई प्रकार की अशुद्धियाँ होती है जैसे SiO2
, Fe
2O3 आदि , बॉक्साइट अयस्क का सांद्रण करने के लिये निक्षालन विधि को काम मे लिया जाता है।
इसके लिय बॉक्साइट अयस्क को NaOH के विलयन के साथ गर्म किया जाता है जिससे Al2O3 , NaOH के साथ क्रिया करके सोडियम मेटाएलुमिनेट के रूप में विलयन में चला जाता है जबकि  SiO2 , Fe2O3 आदि अशुद्धियाँ अघुलनशील होती है इन्हें छानकर विलयन से पृथक कर लिया जाता है , अब छनित को पानी  साथ अच्छी तरह तनु करने के अच्छी तरह हिलाया जाता है जिससे Al(OH)3 अवक्षेपित हो जाता है जिसे छानकर गर्म करने से एलुमिना प्राप्त कर लिया जाता है अर्थात इस प्रकार हमें शुद्ध अवस्था में एलुमिना प्राप्त हो जाता है इस सम्पूर्ण विधि को बॉक्साइट से एलुमिना का निक्षालन कहते है और प्राप्त एलुमिना को सांद्रित एलुमिना कहते है।
Al2O3 + 2 NaOH → 2 NaAlO2 + H2O
2 NaAlO2 + CO2 → 2 Al(OH)3 + Na2CO3 + H2O
2 Al(OH)3 → Al2O3 + 3 H2O

2. चांदी और सोने के अयस्क का निक्षालन

चाँदी या सोने के धातु कर्म में से धातुओं का निक्षालन करने के लिए इस विधि का इस्तेमाल किया जाता है , इस विधि में वायु की उपस्थिति में NaCN या KCN के तनु विलयन द्वारा चांदी या सोने के अयस्क का निक्षालन किया जाता है।
अंत में धातु को प्रतिस्थापन विधि द्वारा प्राप्त कर ली जाती है।