Category Archives: economics

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की स्थापना कब हुई थी ? reserve bank of india established in the year in hindi

reserve bank of india established in the year in hindi प्रश्न : reserve bank of india ki sthapna kab hui , रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की स्थापना कब हुई थी ? उत्तर : भारतीय रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया की स्थापना 1 April 1935 को कोलकाता में हुई थी | जब इसकी स्थापना 1 April 1935 को की… Continue reading »

बैंक ऑफ हिंदुस्तान की स्थापना कब हुई ? bank of hindustan established in hindi in which year

bank of hindustan established in hindi in which year ? प्रश्न : बैंक ऑफ हिंदुस्तान की स्थापना कब हुई ? उत्तर : भारत में यूरोपीय पद्धति पर आधारित बैंक , बैंक ऑफ़ हिंदुस्तान था | बैंक ऑफ़ हिंदुस्तान स्थापना 1770 में की गयी | पहला भारतीय बैंक पंजाब नेशनल बैंक था जिसकी स्थापना 1894 में की गयी… Continue reading »

भारतीय रिजर्व बैंक का राष्ट्रीयकरण कब हुआ ? RBI ka rashtriyakaran kab hua tha ? when rbi nationalised in hindi

when did rbi nationalised in hindi ? प्रश्न : भारतीय रिजर्व बैंक का राष्ट्रीयकरण कब हुआ ? RBI ka rashtriyakaran kab hua tha ? उत्तर : आरबीआई अपनी स्थापना के समय से ही यह केन्द्रीय बैंक था और यह एक निजी बैंक था । 1 जनवरी 1949 को RBI का राष्ट्रीयकरण कर दिया गया | RBI… Continue reading »

बादामी की गुफा कहां स्थित है | बादामी गुफा की खोज किसने की कहाँ अवस्थित है * badami caves in hindi

badami caves in hindi build by whom ? बादामी की गुफा कहां स्थित है | बादामी गुफा की खोज किसने की कहाँ अवस्थित है * ? प्रश्न: बादामी की गुफाएं (पूर्व मध्यकाल) उत्तर: बादामी की गुफाएं ’बीजापुर जिले’ के अंतर्गत ’आइहोल’ के निकट ’महाराष्ट्र प्रांत’ में स्थित हैं। आज ’वात्यपिपुरम’ (Vatapipuram) नामक स्थान का आधुनिक… Continue reading »

रियायती ऋण किसे कहते है | रियायती ऋण की परिभाषा क्या है अर्थ मतलब concessional loan meaning in hindi

concessional loan meaning in hindi रियायती ऋण किसे कहते है | रियायती ऋण की परिभाषा क्या है अर्थ मतलब ? शब्दावली रियायती ऋण ः ब्याज की दर, जो प्रचलित बाजार दर से कम है, पर ऋण प्रदान करना। अर्थात कम ब्याज दर पर इन प्राप्त करना रियायती ऋण कहलाता है | संतुलित विकास ः एक… Continue reading »

कीमत-लागत अंतर मूल्य निर्धारण पद्धति क्या है | price cost differential pricing method in hindi

price cost differential pricing method in hindi कीमत-लागत अंतर मूल्य निर्धारण पद्धति क्या है ? व्यवहार में मूल्य निर्धारण मूल्य निर्धारण व्यवहार के सैद्धान्तिक मॉडलों की गंभीर सीमाएँ हैं। उत्पादकों को सदैव ही अन्य पद्धतियों का सहारा लेना पड़ता है। इनमें से कुछ का विश्लेषण नीचे किया गया है: लागतोपरि अथवा कीमत-लागत अंतर मूल्य निर्धारण… Continue reading »

सीमांत सिद्धांत क्या है | मूल्य निर्धारण सिद्धान्त की परिभाषा किसे कहते है अर्थ सीमांत उपयोगिता के शून्य होने पर कुल उपयोगिता अधिकतम क्यों होती है

सीमांत उपयोगिता के शून्य होने पर कुल उपयोगिता अधिकतम क्यों होती है सीमांत सिद्धांत क्या है | मूल्य निर्धारण सिद्धान्त की परिभाषा किसे कहते है अर्थ ? pricing strategies theory in hindi ? मूल्य निर्धारण सिद्धान्त और तकनीक जैसा कि पहले बताया जा चुका है, विभिन्न प्रकार के बाजार में मूल्य निर्धारण निर्णयों की व्याख्या… Continue reading »

मूल्य निर्धारण निर्णय क्या है |  मूल्य निर्धारण निर्णय किसे कहते है परिभाषा अर्थ Pricing strategies in hindi

Pricing strategies in hindi definition meaning in market or economy  मूल्य निर्धारण निर्णय क्या है |  मूल्य निर्धारण निर्णय किसे कहते है परिभाषा अर्थ ? प्रस्तावना प्रत्येक आर्थिक व्यवस्था में वस्तुओं और सेवाओं का मूल्य सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण है। प्रत्येक व्यक्ति किसी न किसी तरह से मूल्यों से संबंधित है। एक उपभोक्ता अपनी आवश्यकताओं को संतुष्ट… Continue reading »

GST लागू करने वाला भारत का अंतिम राज्य कौनसा है ? which was the last indian state to implement gst in hindi ?

which was the last indian state to implement gst in hindi ? GST लागू करने वाला भारत का अंतिम राज्य कौनसा है ? उत्तर : जीएसटी को लागू करने वाला भारत अंतिम राज्य ‘जम्मू कश्मीर’ था। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि तब तक जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा प्राप्त राज्य माना जाता था , इसलिए वहां इस… Continue reading »

योजित मूल्य किसे कहते है | योजित मूल्य की परिभाषा क्या है अर्थ मतलब बताइए value added in hindi

value added in hindi योजित मूल्य किसे कहते है | योजित मूल्य की परिभाषा क्या है अर्थ मतलब बताइए ? शब्दावली आयात प्रतिस्थापन्न ः आयात की जाने वाली वस्तुओं की प्रतिस्पर्धा में आयात का देश में ही उत्पादन करके प्रतिस्थापन्न करना। ऋण योग्य निधियाँ ः उधार और निवेश के लिए निधियों की पूर्ति पूर्ण उपादान… Continue reading »