धातु कार्बोनिल यौगिकों में बंधन Bonding between metal carbonyl compounds

Carbonyl compounds कार्बोनिल यौगिक :

धातु व कार्बन मोनोऑक्साइड (CO) की क्रिया से बने ऑक्साइड को कार्बोनिल यौगिक कहते है।  संक्रमण धातुएँ इस प्रकार के यौगिक बनाती है।
उदाहरण : [Ni(CO4)] टेट्रा कार्बोनिल निकैलेट (0)
धातु कार्बोनिल यौगिकों में बंधन (Bonding between metal carbonyl compounds):
धातु कार्बोनिल यौगिकों में अभिक्रिया शीलता बंधन अन्योन्य क्रिया
1. लिगेंड के भरे हुए शंकर कक्षक धातु के खाली शंकर कक्षकों से अतिव्यापन कर सिग्मा (σ) बंध बनाते है।
2. (σ) बंध बनने पर इलेक्ट्रॉन लिगेंड से धातु की ओर जाते है जिससे धातु पर इलेक्ट्रॉन का घनत्व बढ़ जाता है।
3. धातु पर इलेक्ट्रॉन के घनत्व को कम करने के लिए पश्च बंध बनता है इसमें धातु के भरे हुए d कक्षक लिगेंड के खाली कक्षकों से अतिव्यापन कर पाई (π) बंध निर्माण करते है।
4. (π) बंध बनने पर इलेक्ट्रॉन धातु से लिगेंड की ओर जाते है।
5. (σ) व (π) बंध एक दूसरे की सामर्थ बढ़ाते है इसे क्रियाशीलता प्रभाव कहते है।

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