रामकृष्ण का जन्म कहां हुआ रामकृष्ण परमहंस का जन्म कब हुआ birth anniversary of ramakrishna in hindi

By   December 15, 2020

birth anniversary of ramakrishna in hindi रामकृष्ण का जन्म कहां हुआ रामकृष्ण परमहंस का जन्म कब हुआ ?

श्री रामकृष्ण जन्मदिन समारोह (Birthday Celebration of Sri Ramakrishna)
श्री रामकृष्ण का 156वां जन्मदिन समारोह, 27 फरवरी, 1991 को मनाया गया था। उनका जन्म, बंगाल में हुगली जिले में, एक दूरदराज के कामरपुकुर नामक गांव में, 18 फरवरी, 1836 को, सुबह के समय हुआ था। इस दिन बहुत सारी कार्यशालाएं, प्रार्थना सभाएं एवं समारोह होते हैं। उनका नाम श्री गदाधर चट्टोपाध्याय रखा गया था । बचपन से ही उन्होंने अनेक अवसरों पर अपने विचारों एवं गतिविधियों में दैवीय प्रेरणा के स्पष्ट प्रभाव प्रस्तुत किये थे। उनके भक्तों पर इनका तथा उनके आशीर्वादों का भारी असर पड़ा। उनके भीतर एक तीव्र इच्छा यह जानने की थी कि क्या दैवीय शक्तियां वास्तव में मौजूद होती हैं और इस जगत की प्रत्येक चीज के जरिये स्वयं को अभिव्यक्त करती हैं। उन्होंने तपस्या की और अन्ततः इस बात का एहसास किया कि ईश्वर का अस्तित्व है। जन्मदिन की पूजा खासतौर पर शुभ मानी जाती है। उन्होंने अपने जीवन में विभिन्न अवस्थाओं में भिन्न-भिन्न धार्मिक विश्वासों के निर्देशों का पालन किया और यह एहसास किया कि सभी धर्म अलग-अलग रास्तों से होते हुए, एक ही मंजिल अर्थात ईश्वर तक पहुंचने का साधन मात्र हैं। रामकृष्ण का जन्मदिन भक्तों के बीच पवित्रता एवं कल्याणकारिता पैदा करता है।

सांस्कृतिक गतिविधियाँ (Cultural Activities)
रामकृष्ण मिशन नियमित उपदेशों तथा धर्मग्रंथों की व्याख्या तथा अन्य विविध विषयों पर विचार-विमर्श आयोजित कराता है। मठ तथा मिशन के संन्यासी तथा सार्वजनिक जीवन के महत्वपूर्ण लोग इनका संचालन करते हैं। उपदेश हिन्दी में श्री रामकृष्ण कथामृत, श्री रामचरित मानस पर कक्षाएं, बंगला में श्री रामकृष्ण कथामत, श्री रामकृष्ण लीला प्रसंग पर, तथा अंग्रेजी में श्री रामकृष्ण के वचनों, भगवद् गीता, विवेक चैदमी तथा पातांजल योग सूत्र पर आयोजित किये जाते हैं।

 जन्मदिन समारोह (Birthday Celebration)
मिशन द्वारा प्रदान की जाने वाली विभिन्न सामाजिक कल्याणकारी सेवाओं पर विचार करते समय, आपको यह ज्ञात होना चाहिए कि त्रिदेव की एक बुनियादी अवधारणा ही है जो कि रामकृष्ण मिशन के समूचे दर्शन तथा गतिविधियों का मार्गदर्शन करती है।

त्रिदेव की अवधारणा (Concept of Trinity)
प) श्री रामकृष्ण शिक्षक, गुरू, जो कि एक पिता के रूप में नेतृत्व करके मार्गदर्शक रास्ता दिखाते थे।

पप) श्री शारदा देवी पवित्र माता मातृत्व दैवीय शुद्धता सौभाग्य, शाश्वत ।
प्रेम की प्रतीक तथा दैवीय ऊर्जा का स्रोत।
पपप) स्वामी विवेकानन्द शिष्य आत्मा प्रेरित विश्व बंधुत्व के संदेश के जरिये प्रेम सेवा के अग्रदूत के प्रतीक

त्रिदेव दैवीय शक्तियों तथा मानव के निकटतम प्रतीक हैं। इन तीन महान हस्तियों ने रामकृष्ण मिशन नामक इस आधुनिक धार्मिक आन्दोलन की भावना एवं उद्देश्यों को प्रेरणा दी। श्री रामकृष्ण ने एक गुरू के रूप में, श्री शारदा देवी ने एक प्रेरक (पवित्र माता) के अनुयायियों-नेताओं एवं समर्थकों के साथ रामकृष्ण मिशन के नेतृत्व में एक आधुनिक धार्मिक आन्दोलन की धाराओं के जरिये देवत्व, मानवता एवं सेवा का स्तंभदीप प्रज्जवलित किया । इन महान हस्तियों के जन्मदिन समारोह, रामकृष्ण मिशन के धार्मिक तंत्र में महत्वपूर्ण अवसर हैं। यह एक ऐसी परंपरा है जो कि पीढ़ी-दर-पीढ़ी चली आ रही है और देवत्व, मानवता एवं सेवा के आदर्शों को प्रेरित करती रही है।

जन्मदिन समारोह किस तरह से मनाये जाते हैं? (How are the Birthday Celebrated?)
आप सभी यह जानते हैं कि भारत में जन्मदिन मनाने के अनोखे तरीके हैं। महान हस्तियों के जन्मदिन के दौरान और भी चार चांद लग जाते हैं। ये जन्मदिन समारोह रामकृष्ण मिशन के परिसर तथा उसके बाहर भी अनेक सार्वजनिक स्थलों एवं संस्थाओं में मनाये जाते हैं।

इन समारोहों के दो पहलू हैं:
प) सामाजिक-धार्मिकय तथा पप) सामाजिक सेवाएं।
समाज सेवा समारोह का धार्मिक अवयव प्रायः निम्न गतिविधियों से जुड़ा रहता हैः
प) जन्म तिथि पूजा,
पप) मंगल आरती,
पप) समाधि,
पअ) वैदिक उच्चारण,
अ) इन महान लोगों के जीवन के उद्धरणों का पाठ,
अप) भजनय
अप) विशेष पूजा एवं हवन।
इसमें संन्यासी, अनुयायी, शिष्य एवं अन्य लोग भी भाग लेते हैं। इन समारोहों के सामाजिक घटक में निम्नलिखित बातें शामिल हैं:
प) सार्वजनिक सभाएंः
पप) कुष्ठ रोगियों की सेवा के कार्यक्रम जो कि नारायण सेवा कहलाते हैं,
पपप) भोजन, कपड़े इत्यादि का वितरण करके, गरीबों व बेसहारा लोगों की सेवा के कार्यक्रम,
पअ) स्कूलों व कालेजों में विभिन्न तरह की प्रतियोगिताएं, खासतौर से राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाये जाने वाले स्वामी विवेकानन्द के जन्मदिन समारोह के अवसर पर किए जाने वाले कार्यक्रम ।

भारत सरकार का मानव संसाधन विकास मंत्रालय अक्सर रामकृष्ण मिशन द्वारा आयोजित इन समारोहों के व्यय को वहन करने के लिए अनुदान के रूप में फंड प्रदान करता है।

उदाहरण के लिए, शायद आप यह जानना चाहेंगे कि 1989-90 के दौरान भारत सरकार के मानव संसाधन मंत्रालय द्वारा स्वामी विवेकानन्द की 125वीं वर्षगांठ के सिलसिले में हुए व्यय का वहन करने के लिए रु. 48.000 का अनुदान दिया था।

रामकृष्ण मिशन की अन्य गतिविधियाँ (Other Activities of Ramakrishna)
आइए अब कुछ अन्य गतिविधियों और समारोहों पर ध्यान केंद्रित करें।

अन्य समारोह (Other Celebrations)
आपको, यह भी मालूम होना चाहिए कि रामकृष्ण मिशन अन्य अनेक समारोहों का आयोजन करता है, जैसे:
प) गुरू पूर्णिमा,
पप) श्री कृष्ण जन्माष्टमी,
पपप) श्री दुर्गा अष्टमी,
पअ) श्री काली पूजा,
अ) महाशिवरात्रि,
अप) क्रिसमसय इत्यादि।
इनके दौरान भक्ति भाव से विशेष पूजा, भजन तथा धर्मग्रंथों का पाठ किया जाता है।