जैव अकार्बनिक रसायन , आवश्यक तत्व , धात्विक पॉरफाइरिन bioinorganic chemistry in hindi

bioinorganic chemistry in hindi जैव अकार्बनिक रसायन : विभिन्न जैविक क्रियाओ से सम्बद्ध रसायन विज्ञान के अध्ययन को जैव रसायन कहते है।

जैव रसायन विज्ञान की वह शाखा है जिसमे विभिन्न अकार्बनिक तत्वों एवं उनके यौगिकों आदि की विभिन्न जैविक कार्यो में भूमिका का अध्ययन किया जाता है उसे जैव अकार्बनिक रसायन कहते है।

आवश्यक तत्व

वे तत्व जो शरीर में होने वाली उपापचयी क्रियाओं को सुचारू रूप से चलाने के लिए आवश्यक होते है आवश्यक तत्व कहलाते है।
इनकी संख्या 27 होती है।
शरीर में इनकी आवश्यक मात्रा के आधार पर इन्हें दो भागों में बांटा गया है।
1. मुख्य तत्व :
इन तत्वों की संख्या 11 होती है , शरीर में इनकी आवश्यक मात्रा अधिक होती है।
 मुख्य तत्व
 भार प्रतिशत
 O
65%
 C
 18%
 H
 10%
 N
 3%
 P
 1.1%
 Na
 0.15%
 K
 0.35%
 Mg
 0.01%
 Ca
 Cl
 S
2. सूक्ष्मतम तत्व :
इन तत्वों की शरीर में आवश्यक मात्रा कम होती है अत: इनका भार प्रतिशत कम होता है , इनकी संख्या 16 होती है , जिसमे से अधिकांश तत्व धातुएं है।
तत्व : Mn , Fe , Co , V , Zn , Ni , Cr , Mo , B , Al , Cu , I , Si , Sn , F , Se (सेलेनियम)
धात्विक पॉरफाइरिन :
जैव तंत्रों में धातु मुख्य रूप से वृहद् अणु लिगेंड पॉरफाइरिन के संकुल के रूप में पाया जाता है।
4 पिरौल वलय परस्पर CH समूह द्वारा जुड़कर एक विशाल वलय संरचना युक्त पार्फिन बनाती है , प्रतिस्थापी पॉर्फिनो को पारफाइरिन कहते है।

 

चारों पिरोल वलय के नाइट्रोजन परमाणुओं के मध्य एक गुहा बनती है , जिसका व्यास लगभग 2A’ होता है।  इसी गुहा में धातु आयन रहता है और पाइरिन वलय 2 , H परमाणुओं को H+ के रूप में त्यागकर एक द्विऋणायन बनाता है जो धातु आयन के साथ पॉरफाइरिन संकुल का निर्माण करता है।
पॉरफाइरिन , Fe , प्रोटीन से जुड़कर हीमोग्लोबिन व मायोग्लोबिन एवं साइटोक्रोम का निर्माण करते है।

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