Monthly Archives: October 2017

वनोन्मूलन क्या है , परिभाषा , deforestation के कारण, प्रभाव , रोकथाम के उपाय

deforestation definition causes effects preventions वनोन्मूलन क्या है , परिभाषा  कारण, प्रभाव , रोकथाम के उपाय वनोन्मूलन(Vannomoolan):- वनोन्मूलन के कारण शीतोषण क्षेत्रों के वनों में 1 प्रतिशत तथा उष्ण कटिबन्धीय वनों में 40 प्रतिशत की कमी आयी है। भारत में वनों का प्रतिशत:- 20 वीं सदी के प्रारंभ में 30 प्रतिशत 20 वीं सदी के अन्त में 19.4 प्रतिशत वन होने चाहिए राष्ट्रीय वन नीति के अनुसार मैदानी क्षेत्रों में 33 प्रतिशत और पहाडी क्षेत्रों में 67 प्रतिशत… Continue reading »

संसाधनो के अनुचित अनुरक्षण व प्रयोग द्वारा निम्नीकरण maintenance and use of resources

(Degradation by improper maintenance and use of resources) संसाधनो के अनुचित अनुरक्षण व प्रयोग द्वारा निम्नीकरण:- प्रदूषण के साथ-2 प्राकृतिक संसाधनों के सही तरीके से प्रयोग न करने के कारण भी इनका निम्नीकरण होता है जैसे:- 1     मृदा अपरदन व मृरूथलीकरण:- मनुष्य के निम्न क्रियाकलापो के कारण मृदा अपसदन होता है। 1     कृर्षि के कारण वनों को काटा जाना 2     नगरीकरण 3     सिंचाई के गलत तरीके 4     अबाधिक चराई इस प्रकार उपरोक्त कारणों से शुष्क मृदा खण्ड बन जाते है तथा इनके मिलने से मरूस्थल का निर्माण होता है। जलाक्रांति व मृदा लवणता… Continue reading »

ओजोन अवक्षय परत व इसके प्रभाव कारण ,  प्रभाव रोकथाम के उपाय Ozone depletion layer

Ozone depletion layer ओजोन अवक्षय परत व इसके प्रभाव , कारण ,  प्रभाव(effects) , रोकथाम के उपाय/प्रयास क्षोभमण्डल में मौसम संबंधी परिवर्तन होते है। जबकि समताप मण्डल में ताप लगभग स्थिर रहता है। तथा इसमें अच्छा ओजोन पाया जाता है जो हानिकारक पराबैंगनी विकिरणों से हमारी रक्षा करता है ओजोन परत की मोटाई इकाई डॉबसन यूनिट (du) है।  ओजोन अवक्षय परत व इसका कारण:- ओजोन परत की मोटाई में कमी आने के कारण ओजोन स्थिर पतला होता जाता है इस क्रियाको ओजोन अवक्षय कहते है। अटाँर्कटिका क्षेत्र में ओजोन की खतबस्तुत अधिक पतली हो गयी है तथा इसे ओमोन छिद्र कहते है। पराबैंगनी किरणों की उपस्थिति में ओजोन आॅक्सीजन में विघटित होती रहती है तथा पुनः ओजोन का निर्माण भी होता रहता है। O3  ⇌  O2  +… Continue reading »

ग्रीन हाउस प्रभाव (Green House Effect) पौध घर प्रभाव क्या है , रोकथाम के उपाय

(Green House Effect in hindi ) ग्रीन हाउस प्रभाव पौध घर प्रभाव रोकथाम के उपाय शीत ऋतु में काँच के बने पौध घर के समान की पृथ्वी की सतह एवं वायुमण्डल के वर्न हो जाने की क्रिया को ग्रीन हाउस प्रभाव (हरित ग्रह प्रभाव) कहते है। हरित ग्रह प्रभाव उत्पन्न करने वाली गैसों को ग्रीन हाउस गैसे कहते है। ये गैसे पृथ्वी की सतह को लौटाने वाले विकिरणों को अवशोषित कर लेती है तथा पुनः पृथ्वी की सतह की ओर लौटा देती है जिससे पृथ्वी की सतह एवं वायुमण्डल गर्म हो जाता है ग्रीन हाउस गैसे एवं उनकी प्रतिशत मात्रा। चित्र  प्रभाव(Effects):- 1     हानिकारक वातावरणीय प्रभाव उत्पन्न होना। 2     विचित्र जलवायु परिवत्रन अलमिनो प्रभाव 3     वैश्विक ऊष्णता में वृद्धि एसोबल वार्मिग- गत शताब्दी में विश्व का तापमान 0.60… Continue reading »

नाभिकीय रसायन व उसके प्रभाव Nuclear chemicals and its effects in hindi

Nuclear chemicals and its effects प्रभाव निपटान का तरीका नाभिकीय रसायन व उसके प्रभाव :- नाभिकीय रसायन या परमाणु ऊर्जा के उपयोग की समस्या:- 1     आकस्मिक रिसाव जैसे:- थीमाइल आइलैण्ड अमेरिका, चेरनोबिल खस फुकुशिमा       जापान 2     सुरक्षित निपटान की समस्या  प्रभाव(effects):- नाभिकीय रसायनों के कारण हानिकारक प्रभाव उत्पन्न होते है इनसे उच्च दर से उत्परिवर्तन होते है। इनकी अधिक मात्रा घातक होती है तथा कम मात्रा में उत्पन्न होने वाले नाभिकीय विकिरण अनेक विकार उत्पन्न करते है जिनमे कैंसर मुख्य है। निपटान का तरीका(ways of disposal):-  परमाणु भट्टियों को उपयोग के पश्चात् अच्छी तरह से कवचित पात्रों में बंद करके चट्टानों के नीचे पृथ्वी में 500 मीटर की गहराई में दबा देना चाहिए। यह… Continue reading »

कृषि रसायन व उसके प्रभाव & जैव-कृषि एक अध्ययन bio-agriculture Chemistry in hindi

bio-agriculture Chemistry in hindi कृषि रसायन व उसके प्रभाव & जैव-कृषि एक अध्ययन , महत्व कृषि रसायन व उसके प्रभाव(Agricultural Chemistry and Its Effects):- विभिन्न प्रकार के पीडकनाशी एवं रासायनिक उर्वरकशुदा के परितंत्र को असन्तुलित करते है ये लक्ष्य जीवों के साथ-2 उपलक्ष्य जीवों को भी मार देते है, इनसे मृदा अन उपजाऊ हो जाती है तथा ये जलीय परितंत्र में पहुंचकर जैव-आवर्धन के द्वारा हानिकारक प्रभाव उत्पन्न करते है। जैव-कृषि एक अध्ययन(A study of bio-agriculture):- चक्रिय एवं शून्य अपशिष्ट उत्पाद वाली कृषि को एकीकृत जैव-कृषि कहते है। इसमें कृषि कार्यो के साथ-2 पशुपालन, मधुमक्खी पालन, जल संग्रहण, कम्पोस्ट निर्माण आदि किये जाते है।  महत्व(Importance):- 1     इसमें अपशिष्ट उत्पाद नगणय होते है।… Continue reading »

इलेक्ट्रॉनिक अपशिष्ट क्या है , परिभाषा , तरीके e (electronic) waste in hindi

e (electronic) waste इलेक्ट्रॉनिक अपशिष्ट क्या है , परिभाषा , तरीके:- कम्प्यूटर, मोबाइल, घडी आदि इलेक्ट्रानिक सामान आदि जो मरम्मत योग्य नहीं होता है उसे म्.ूंेजम कहते है। विकसित देश ऐसे इलेक्ट्राॅनिक अपशिष्टों को विकाशील देशों को निर्यात कर देते है अधिकाँश भागों को निकालने के बाद विकासशील देशों में बैच दिया जाता है। शेष भागों का पुनः चक्रण करते है तथा उनसे उपयोगी धातुएं सोना, चाँदी, ताबा आदि पुनः प्राप्त कर लेते है। विकासशील देश ऐसे अपशिष्टों को लेण्डफिल्स में गाढ़ देते है या भस्माक की सहायता से उन्हें नष्ट कर देते है। इन्हें पर्यावरण अनुकूल तरीके से पुनः चक्रण भी किया जा सकता है। Share on: WhatsApp

प्लास्टिक के उपचार संबंधी एक अध्ययन & अस्पताल के अपशिष्ट A plastic treatment study

अस्पताल के अपशिष्ट(Hospital waste) प्लास्टिक के उपचार संबंधी एक अध्ययन(A plastic treatment study):- बैंगलोर निवासी अहमदाबाद 51 वर्ष जो लगभग 20 वर्षो से बोरे बेचने का व्यवसाय कर रहे थे उन्होने लगभग 8 वर्ष पूर्व प्लास्टिक अपशिष्ट के निपटान का एक सुरक्षित तरीका खोज निकाला। उसने प्लास्टिक नाम दिया इसे बिटूेन के साथ लाकर इनका उपयोग सडक निर्माण में किया तथा 2000 तक लगीाग 40 किमी सडक का निर्माण किया इस कार्य में उन्होंने R.V. engineering college एवं banglore city corporation (BMC) का सहयोग प्राप्त किया। महत्व(Importance):- 1     बिटूमेन का जल निबर्बण्ड गुण बढ गया।… Continue reading »

मानव अपशिष्ट का निपटान , महत्व , Disposal of human waste के तरीके

(Disposal of human waste) मानव अपशिष्ट का निपटान,  महत्व , तरीके  :- पारिस्थितिक स्वच्छता का सुरक्षित तरीका ‘‘शुष्क टायलेट कम्पोस्टिंग‘‘ महत्व:- 1- व्यावसायिक, स्वास्थ्यकर 2- पीनी की आवश्यकता नहीं 3- पुन:चक्रण द्वारा उर्वरक 4- सस्ता उदाहरण:- इको सैन केरल के कुछ भागों व शहरों में। ठोस अपशिष्ट (solid waste):- वे सभी अपशिष्ट पदार्थ जो कूडे-कचरे में फेंके जाते है उन्हें ठोस अपशिष्ट कहते है मुख्य ठोस अपशिष्ट निम्न है:- 1     नगरपालिका अपशिष्ट:- वे सभी वस्तुएं जो कार्यालयों, विद्यालयों, घरों एवं भण्डारकारों द्वारा कचरे के रूप में फेंकी जाती है इनका एकत्रीकरण एवं निपटान नगर पालिका द्वारा किया जाता है उसे नगरपालिका अपशिष्ट कहते है। जैसे काँच, कागज, वस्त्र, चमडा, धातु, प्लास्टिक आदि।… Continue reading »

एकीकृत अपशिष्ट जल उपचार एक अध्ययन Integrated Waste Water Treatment A Study

(Integrated Waste Water Treatment A Study) एकीकृत अपशिष्ट जल उपचार एक अध्ययन:- (कैलिफोर्निया) में हम्बोल्ट स्टेट यूनिर्वसिटी के सहयोग से अपशिष्ट जल के निपटान हेतु कृत्रिम एवं प्राकृतिक दोनो तरीकों का उपयोग किया। 1-    कृत्रिम विधि(artificial techniques):- इसमें परम्परागत अवसादन तथा निक्यराँपन के पश्चात् क्लोरीन द्वारा उपचारित किया गया किन्तु इसमें भारी धातुएं व अन्य हानिकारक रसायन दूर नहीं किये। 2-    प्राकृतिक/जीव विज्ञानीय उपचार(Natural / Biological Treatment):- इसके अन्तर्गत 60 हैक्टेयर क्षेत्र में फैेले 6 कच्छों को मिलाकर एक श्रृंखला विकसित की गई। इनमें जीवाणु शैवाल एवं पादव डाले गये जिनसे प्रदूषक अवशोषित व निस्प्रभावी हो गये। इन कारणों की देखभाल का जिम्मा को थ्व्ड दी गई। महत्व(Importance):- जल को प्रदूषण समाप्त हो गया तथा इन कच्छों में विभिन्न तरह की मछलियाँ व अन्य जलीय जीव पाये जाने लगे तथा जैव-विविधता में वृद्धि हुई। Share… Continue reading »