ग्रीन हाउस प्रभाव (Green House Effect) पौध घर प्रभाव क्या है , रोकथाम के उपाय

(Green House Effect in hindi ) ग्रीन हाउस प्रभाव पौध घर प्रभाव रोकथाम के उपाय

शीत ऋतु में काँच के बने पौध घर के समान की पृथ्वी की सतह एवं वायुमण्डल के वर्न हो जाने की क्रिया को ग्रीन हाउस प्रभाव (हरित ग्रह प्रभाव) कहते है। हरित ग्रह प्रभाव उत्पन्न करने वाली गैसों को ग्रीन हाउस गैसे कहते है। ये गैसे पृथ्वी की सतह को लौटाने वाले विकिरणों को अवशोषित कर लेती है तथा पुनः पृथ्वी की सतह की ओर लौटा देती है जिससे पृथ्वी की सतह एवं वायुमण्डल गर्म हो जाता है ग्रीन हाउस गैसे एवं उनकी प्रतिशत मात्रा।

चित्र

 प्रभाव(Effects):-

1     हानिकारक वातावरणीय प्रभाव उत्पन्न होना।

2     विचित्र जलवायु परिवत्रन अलमिनो प्रभाव

3     वैश्विक ऊष्णता में वृद्धि एसोबल वार्मिग-

गत शताब्दी में विश्व का तापमान 0.60 डिग्री सेंटीग्रेट बढा है। यही स्थिति रही तो 2100 तक तापमान में 1.40 से 5.80 डिग्री सेंटीग्रेट तक वृद्धि हो सकती है यदि ग्रीन हाउस प्रभाव न हो तो पृथ्वी की सतह का औसत तापमान 150 डिग्री सेंटीग्रेट के स्थान पर .180 डिग्री सेंटीग्रेट होता है।

3    ध्रुवों की बर्फ पर पिघलना

4     नदियों में बाढ आना।

5     समुद्र के किनारे स्थित शहरो के ढूबने का खतरा।

 रोकथाम के उपाय(ways of Prevention):-

1     जीवशनीय ईधन का प्रयोग कम करना।

2     उर्जा दक्षता में सुधार करना।

3     जनोन्मूलन रोकना।

4     वृक्षारोपण करना।

5     जनसंख्या वृद्धि को नियंत्रित रोकना

6    अंतराष्ट्रीय प्रयास करना।

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नाभिकीय रसायन व उसके प्रभाव

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