माइकल डेर्टूउज़ोस ( michael dertouzos in hindi )

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( michael dertouzos in hindi) माइकल डेर्टूउज़ोस : आज हम जिस इन्सान के बारे में जानने जा रहे है वे बहुत ही खास है और इस खास इन्सान के बारे में दुनिया को बताने के लिए आज गूगल ने अपने डूडल पर इनके 82 वें जन्मदिन पर बधाई देते हुए उन्हें याद किया है और इनके अतुल्य योगदान को हमारे सामने लाया है।

माइकल डेर्टूउज़ोस का जन्म 5 नवम्बर 1936 को ग्रीस देश के एथेंस नामक जगह पर हुआ था , तथा इनकी मृत्यु 27 अगस्त 2001 को अर्थात 64 साल की उम्र में अमेरिका की बोस्टन जगह पर हुआ था।

ये ये महान प्रोफेसर के रूप में जाने जाते है।  ये एक बहुत अधिक समय तक कैम्ब्रिज की एक बहुत बड़ी शोध विश्वविद्यालय मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी) के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग एवं कम्प्यूटर साइंस अभियांत्रिकी डिपार्टमेंट में प्रोफेसर रहे थे और इसके बाद इसी विश्वविद्यालय के कंप्यूटर विज्ञान की प्रयोगशाला के डायरेक्टर रहे थे। डायरेक्टर के रूप में इनके जीवन का बहुत अधिक समय बीता ये MIT विश्वविद्यालय में 1974 से 2001 तक डायरेक्टर के पद पर रहे।

MIT में  कम्प्यूटर लैब के डायरेक्टर रहते हुए उन्होंने कई नए काम किये और ये सभी कार्य अलग अलग क्षेत्रों में थे जैसे RSA के लिए मेसेज को कॉड और डिकोड करने का सिस्टम बनाया , इस कॉड- डिकोडिंग ऐसा सिस्टम होता है जिसमे जैसे आप किसी के पास कोई मेसेज भेजते है तो यही इस मेसेज को मध्य में कोई दूसरा पढ़े तो बिना डिकोड किये आपको वास्तविक मेसेज नहीं मिलेगा , डिकोड करके सिर्फ अथॉरिटी वाले आदमी ही इसे पूर्ण रूप से पढ़ सकते है।

स्प्रेडशीट पर भी उन्होंने अपना काफी योगदान किया , स्प्रेड शीट कंप्यूटर में चलने वाली सॉफ्टवेर होता है जो डाटा से सम्बंधित होता है , इसमें विभिन्न प्रकार के डाटा को एक सही तरीका से रखा जाता है और जरुरत पढने पर इनका उपयोग किया जा सकता है।

कंप्यूटर में एक बस होती है जिसका काम डाटा को एक जगह से दूसरी जगह लाने का होता है , MIT में अर्थात इसी शोध विश्वविद्यालय में 1987 में एक प्रोजेक्ट के रूप में बनाया गया था इसे NuBus कहते है। इस समय MIT के कंप्यूटर लैब के डायरेक्टर माइकल डेर्टूउज़ोस ही थे और इस प्रोजेक्ट में उनका योगदान था।

इनके अलावा उन्होंने X विंडोज में भी योगदान किया तथा इन्टरनेट के क्षेत्र में भी काफी योगदान रहा था।

माइकल डेर्टूउज़ोस का प्रारंभिक जीवन और पढाई

इनका जन्म 5 नवम्बर 1936 ग्रीस देश में हुआ था इनके पिता ग्रीस की नेवी में थे और इनकी माता कार्यक्रम में पियोन वादक थी अर्थात पियोन संगीतकार थी। इसी कारण उनका नौकायन और संगीत से बहुत प्रेम था और जीवन भर रहा। उन्होंने एथेंस कॉलेज से 1954 में जिमनासियम डिप्लोमा प्राप्त किया और इसके बाद एथेंस कॉलेज से चले गये क्यूनी उन्हें ओजार्क नामक जगह से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग करने के लिए स्कॉलरशिप प्राप्त हो गयी थी इस विश्वविद्यालय का नाम आर्कान्सा विश्वविद्यालय था जहाँ से उन्हें यह स्कॉलरशिप प्राप्त हुई थी।
तीन साल इस इंजिनियर की पढाई करने के बाद 1957 में इनको यहाँ से स्नातक की डिग्री मिली , इसके बाद दो साल इन्होने मास्टर डिग्री (स्नातकोत्तर उपाधि) 1959 में पूरी की और इसके बाद उन्होंने MIT से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की तीन साल में 1964 में अपनी पीएचडी पूरी कर ली।
इसके तुरंत बाद उन्होंने MIT ज्वाइन कर ली यहाँ वे सहायक प्रोफेसर के रूप में ज्वाइन किया था लेकिन बाद में 1973 में उनका प्रमोशन हो गया था और अब वे MIT में प्रोफेसर के रूप में थे।
MIT ज्वाइन करने के बाद उन्होंने अपना सपूर्ण समय यही पर व्यतीत किया।

माइकल डेर्टूउज़ोस का योगदान

इतने समय पहले ही इन्होने इन्टरनेट को लेकर कई भविष्यवाणी की थी , यहाँ इन्हें भविष्यवाणी कहना ठीक नहीं होगा , कहने का मतलब उन्होंने इन्टरनेट के क्षमता को समझा था और इससे सम्बंधित कई बाते कही थी जैसी की यह आने वाले समय में तकनिकी में क्रांति लायेगा , और हम आज देख सकते है की इन्टरनेट का आज की तकनिकी में कितना अधिक योगदान है।
अपने इसी विश्वास के कारण उन्होंने कंप्यूटर से सम्बंधित कई नयी चीजे की थी जैसे आरएसए एन्क्रिप्शन, स्प्रेडशीट, NuBus, एक्स विंडो सिस्टम, और इंटरनेट में अपना भरपुर योगदान किया था।
और कंप्यूटर की शिक्षा को जितना अधिक हो सके और जितना आसन हो सके करने की कोशिश की थी।
1968 में वे एक ग्राफिक्स से सम्बंधित Computek, Inc. के co- फाउंडर के रूप में भी रहे थे।
उन्होंने इन्टरनेट और कंप्यूटर से सम्बंधित कई कल्पना लोगो को इतने समय पहले ही बता दी थी जब इनके बारे में कोई अधिक नहीं जानता था और आज इनकी सभी कल्पना संभव हुई है इसलिए कह सकते है कि उनकी सोचने की क्षमता कमाल कि थी।
निष्कर्ष
आज इनका 82 वाँ जन्म दिन है और कंप्यूटर और इन्टरनेट की दुनिया में इनके अद्भुद योगदान और इतने समय पहले ही इस तकनीक को बढ़ाने के प्रयास करने वाले महान प्रोफेसर माइकल डेर्टूउज़ोस को श्रृद्धांजलि के रूप में अपने डूडल पर दिखाया है और इनके बारे में दुनिया को बताया है कि इतने समय पहले इन जैसे लोगो ने अपना योगदान दिया है उनकी वजह से आज इन्टरनेट और कंप्यूटर नयी तकनीकी का विकास कर पा रहे है।