GST लागू करने वाला भारत का अंतिम राज्य कौनसा है ? which was the last indian state to implement gst in hindi ?

By   February 23, 2021
which was the last indian state to implement gst in hindi ? GST लागू करने वाला भारत का अंतिम राज्य कौनसा है ?
उत्तर : जीएसटी को लागू करने वाला भारत अंतिम राज्य ‘जम्मू कश्मीर’ था। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि तब तक जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा प्राप्त राज्य माना जाता था , इसलिए वहां इस GST को लागू करने के अलग प्रावधान थे। जिनके कारण इसे वहाँ लागू करने में कुछ समय अधिक लगा और जम्मू कश्मीर अंतिम राज्य था जहाँ GST लागू किया गया था।
वर्तमान समय में 31 October 2019 से जम्मू कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश है , 31 October 2019 को जम्मू और कश्मीर राज्य का विशेष राज्य का दर्जा समाप्त कर इसे केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा दे दिया गया।
कहने का तात्पर्य यह है कि 1 जुलाई 2017 को जब GST सम्पूर्ण भारत में प्रभावी रूप से लागू की गयी तब यह जम्मू कश्मीर में लागू नही हुआ था , कुछ दिनों बाद जब जम्मू और कश्मीर के राज्य विधानसभा में इसे स्वीकृति मिली तब इसे उस राज्य में लागू किया गया।
GST की मुख्य विशेषताएँ बताइए –
  1. GST एक देश एक कर के सिद्धात पर आधारित कर व्यवस्था है।
  2. GST एक व्यापक कर व्यवस्था मानी जाती है क्योंकि GST में , केन्द्र और राज्य सरकारों के अधिकांश करों को शामिल किया गया है अर्थात यह केन्द्र और राज्य के अधिकतर करों को सम्मिलित करता है एवं GST में वस्तु और सेवाओं दोनों क्षेत्रों को शामिल किया जाता है , इसलिए इसे सम्पूर्ण रूप से व्यापक कर प्रणाली कहा जाता है।
  3. GST कर प्रणाली में टैक्स की दोहरी संरचना को अपनाया गया है क्योंकि इसमें केंद्र सरकार और राज्य सरकार दोनों सरकारों को टैक्स लगाने की शक्ति दी गयी है इसलिए इसे दोहरी संरचना वाली कर निति कहा जा सकता है। जब विक्रय दो राज्यों के मध्य होता है तो उस स्थिति में केंद्र सरकार द्वारा IGST कर लगाया जाता है और जब विक्रय किसी एक राज्य के अन्दर ही हो रहा हो अर्थात स्थानीय विक्रय होने की दशा में कुल कर का 50 प्रतिशत केन्द्र सरकार द्वारा CGST के रूप में और 50 प्रतिशत राज्य सरकार द्वारा SGST के रूप में लिया जाता है। अत: यह दोहरी कर संरचना विशेषता है।
  4. GST एक गंतव्य आधारित कर होता है। अर्थात वस्तु जिस राज्य में जा रही है या पहुँच रही है उस राज्य को GST कर का लाभ दिया जाता है। जैसे कोई वस्तु बिहार से उत्तर प्रदेश जाती है तो चूँकि वस्तु का उपभोग उत्तर प्रदेश राज्य द्वारा किया जा रहा है अत: GST टैक्स का लाभ उत्तर प्रदेश राज्य को दिया जाता है , इस व्यवस्था को गंतव्य आधारित व्यवस्था कहा जाता है।
  5. GST कर एक प्रकार का बहुस्तरीय कर माना जाता है क्योंकि यह टैक्स वस्तु के उत्पादन और उसके विक्रय के प्रत्येक स्तर पर लागू होता है इसलिए इसे बहुस्तरीय कर कहते है।
  6. GST एक प्रकार का मूल्य आधारित कर होता है अर्थात यह वस्तु के विक्रय मूल्य पर न लगकर वस्तु के मूल्य में संवर्धन पर लगाया जाता है। अर्थात एक स्तर से दुसरे स्तर पर वस्तु के मूल्य में कितना अंतर के साथ बेचा गया उस अंतर मूल्य (लाभ कह सकते है) पर ही लागू होता है।
  7. GST एक पूर्ण रूप से ऑनलाइन कर है क्योंकि इसमें टैक्स से सम्बन्धित सभी कार्य ऑनलाइन संपन्न किये जाते है। GST में पंजीकरण से लेकर कर के भुगतान तक सभी क्रियाएँ ऑनलाइन संपादित की जाती है। GST में कर का विवरण आदि भी ऑनलाइन ही दिया जाता है।
  8. प्राचीन कर पद्धति में विद्यमान दोहरे कर की समस्या से व्यापारियों को बचाने के लिए इनपुट क्रेडिट सिस्टम लागू किया जाता है। इस प्रणाली का प्रयोग कर व्यापारी दोहरे कर से बच सकता है।
  9. GST में टैक्स की कई कर दरें होती है जैसे – 0% , 0.25% , 1% , 3% , 5% , 12% , 18% , 28% , वर्तमान में ये 8 कर की दरें है।
  10. GSTN कम्पनी द्वारा GST का नेटवर्क और पोर्टल तैयार किया गया है। अर्थात इसका सञ्चालन GST नेटवर्क प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किया जाता है। यह एक निजी कम्पनी है।
  11. GSTN कम्पनी के अधिकांश बहुमत या शेयर एक निजी कम्पनी के पास है। अर्थात हम कह सकते है कि यह एक निजी कम्पनी के अधीन है।
  12. GSTN कम्पनी में केन्द्र सरकार और राज्य सरकार दोनों भी हिस्सेदारी में है।
  13. यदि किसी व्यपारी का वार्षिक कारोबार 40 लाख से कम हो तो उसे GST में पंजीकरण की आवश्यकता नहीं होती है लेकिन यदि किसी व्यापारी का वार्षिक कारोबार 40 लाख से अधिक रुपयों का है तो उस व्यापारी को GST में पंजीकरण करवाना जरुरी होता है।
  14. जब कोई व्यापारी GST में पंजीकरण करवाता है तो पंजीकरण के बाद उस व्यापारी को एक अद्वितीय पहचान संख्या आवंटित की जाती है , इस अद्वितीय पहचान संख्या को उस व्यापारी का GSTIN (Goods and Services Tax Identification Number) कहा जाता है। यह ठीक उसी प्रकार कार्य करता है जैसे आयकर में PAN (Permanent Account Number) कार्ड कार्य करता है।