पोलेरॉइड क्या है , परिभाषा , उदाहरण , कार्य , उपयोग पोलेरोइड (what is polaroid in hindi)

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(what is polaroid in hindi) पोलेरॉइड क्या है , परिभाषा , उदाहरण , कार्य , उपयोग पोलेरोइड : यह एक ऐसा पदार्थ है जिसका उपयोग अध्रुवित प्रकाश को ध्रुवित प्रकाश में परिवर्तित करने के लिए किया जाता है। अत: समतल ध्रुवित प्रकाश उत्पन्न करने के लिए यह सबसे बेहतरीन पदार्थ या विधि है।
समतल ध्रुवित प्रकाश में बदलने के लिए इनमे हरपेथाइट का इस्तेमाल किया जाता है तो आपतित साधारण प्रकाश को पहले दो तरंगों में परिवर्तित करता है पहले बूस्टर O तरंग और दूसरा E तरंग।  साधारण प्रकाश को इन दोनों प्रकार की तरंगों में विभक्त करने के बाड़ा यह इनमे से एक प्रकार की तरंगों को अवशोषित कर लेता है और दूसरी प्रकार की तरंगों को जाने देता है जिससे इस क्रिस्टल से बाहर निकलने वाली तरंगे केवल एक तल में कम्पन्न करती है अर्थात बाहर निकलने वाला प्रकाश समतल ध्रुवित प्रकाश होता है।
पोलेरॉइड एक विशेष प्रकार के कार्बनिक यौगिक हरपेथाइट (कुनैन आयडोसल्फेट) के क्रिस्टल से बना होता है जिनमे यह विशेष गुण होता है कि यह पदार्थ एक विशेष प्रकाश को अवशोषित करते है और अन्य विशेष प्रकाश को इसमें से जाने देते है जिससे इससे प्रकाश के ध्रुवन के लिए फ़िल्टर बनाये जाते है अर्थात इनकी सहायता से अध्रुवित प्रकाश को ध्रुवित प्रकाश में बदला जाता है।

वर्तमान समय में पोलेरॉइड बनाने के लिए पॉलीविनायल अल्कोहल (polyvinyl alcohol) की फिल्म का उपयोग किया जाता है , यह आधुनिक पोलेरॉइड से अधिक उपयोगी है क्यूंकि यह अधिक प्रकाश को इससे पार करने देता है जिससे बाहर निकलने वाला प्रकाश अधिक मात्रा में ध्रुवित प्रकाश होता है।

पोलेरॉइड के उपयोग या अनुप्रयोग (Uses of Polaroid)

  • पोलेराइड का उपयोग प्रगोशाला में समतल ध्रुवित प्रकाश उत्पन्न करने के लिए बहुत अधिक किया जाता है।
  • इनका बहुत अधिक उपयोग सूर्य वाले चश्मों में प्रकाश को ध्रुवित करने के लिए किया जाता है ताकि आँखों को सुरक्षित रखा जा सके।
  • इसका उपयोग रात में सामने से आने वाले बाहन के कारण उत्पन्न तेज रौशनी से बचने के लिए किया जाता है।
  • 3D (तीन डी) फिल्म बनाने के लिए पोलेरॉइड की कई परतों (फिल्म) का उपयोग किया जाता है।
  • सूक्ष्मदर्शी में पोलेरॉइड लगे होते है जिससे हम इसकी सहायता से अधिक छोटी चीजो को भी आसानी से देख सकते है।
  • पोलेरॉइड का उपयोग कर विभिन्न प्रकार के पदार्थों के प्रकाशीय गुणों का अध्ययन किया जाता है।
  • पोलेरॉइड को ट्रेन और हवाई जहाजों की खिडकियों में किया जाता है जिससे सूर्य से आने वाले प्रकाश की तीव्रता को कण्ट्रोल किया जा सके।
  • पोलेरॉइड की सहायता से अणुओं के आकार व आकृति का भी अध्ययन किया जाता है।