संघट्ट क्या है , परिभाषा , प्रकार , संघट्ट किसे कहते है (what is collision in hindi)

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(what is collision in hindi) संघट्ट क्या है , परिभाषा , प्रकार , संघट्ट किसे कहते है : जब दो या दो से अधिक वस्तुएँ आपस में टकराती है या दोनों के मध्य अन्योन्य क्रिया होती है जिसमे में दो वस्तुएं आपस में एक दुसरे के सम्पर्क में बहुत अल्प समय के लिए आते है या अल्प समय के लिए दो वस्तुएं आपस में अन्योन्य क्रिया करते है जिसके कारण अल्प समय के लिए दोनों वस्तुओं के मध्य एक शक्तिशाली बल कार्य करता है , इसे संघट्ट कहते है।
सीधे शब्दों में दो पिण्डो के मध्य होने वाली टक्कर को संघट्ट कहते है।
संघट्ट से सम्बंधित समस्याएँ रेखीय संवेग तथा ऊर्जा के संरक्षण के नियम द्वारा हल की जाती है क्यूंकि संघट्ट में रेखीय संवेग का मान संरक्षित रहता है लेकिन यांत्रिक ऊर्जा संरक्षण का नियम पालन नही होता है।
संघट्ट दो प्रकार के होते है –
1. प्रत्यास्थ संघट्ट (Elastic Collision)
2. अप्रत्यास्थ संघट्ट (Inelastic Collision)
अब हम यहाँ इन दोनों प्रकार के संघट्टो के बारे में विस्तार से अध्ययन करते है।

1. प्रत्यास्थ संघट्ट (Elastic Collision)

वह संघट्ट ता टक्कर जिसमे टक्कर के बाद वस्तुओं में रेखीय संवेग और गतिज ऊर्जा दोनों मान संरक्षित रहता है इस प्रकार की टक्करों को प्रत्यास्थ संघट्ट कहते है। इनमे टक्कर के बाद वस्तुएं एक दुसरे से दूर हो जाती है।
उदाहरण : पिंग पोंग की गेंदों की टक्करें।

2. अप्रत्यास्थ संघट्ट (Inelastic Collision)

जब किसी संघट्ट में कुछ ऊर्जा की हानि होती है इसे निम्न प्रकार परिभाषित कर सकते है –
ऐसी टक्कर जिसमें वस्तु का टक्कर से पहले व टक्कर के बाद रेखीय संवेग का मान तो संरक्षित रहता है लेकिन चूँकि इस प्रकार की टक्करों में ऊर्जा की हानि होती है इसलिए गतिज उर्जा संरक्षित नही रहती है , इस प्रकार की टक्करों को अप्रत्यास्थ संघट्ट कहते है।
उदाहरण : हमारे दैनिक जीवन में होने वाली कार व जिप के मध्य टक्कर , अप्रत्यास्थ संघट्ट का एक उदाहरण है।
अप्रत्यास्थ संघट्ट के लिए निम्न सूत्र होता है –
यहाँ V = संघट्ट के बाद वस्तु की गति है।
M1 = प्रथम वस्तु का भार या द्रव्यमान
V1 = प्रथम वस्तु का संघट्ट से पहले वेग
M2 = द्वितीय वस्तु का भार या द्रव्यमान
V2 = द्वितीय वस्तु का संघट्ट से पहले वेग