c++ language in hindi , what are C++ : Components , भाषा की खोज किसने और कब की , सी प्लस प्लस

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भाषा की खोज किसने और कब की , सी प्लस प्लस , c++ language in hindi , what are C++ : Components :-
C++ language c language और object oriented language का मेल है जो की 1990 मे पहली बार मार्किट मे आया और बाद मे काफी popular हुआ |अतः येसा भी कहा जा सकता है की C language ,C++ language की जनक है |ओए object oriented concept को add किया गया है |ज्जिसे मॉडर्न language (c++ ) के नाम से जाना जाता है |इस लेसन मे C++ की history को discuss करेगे |
Components of C++
C++ तीन programming traditions का mixture है जो है :-
(i)Procedure language Tradition – Introduce by c 
(ii)Object oriented language – introduce by class in c++
(iii)Generic programming – introduce by template
इन सभी element को discuss करने से पहले मे ये बता देना चाहता हु की अगर आपको C language का ज्ञान होगा तो C++ को समजना बहुत आसान होगा |इसलिए C++ course को start करने से पहले हमारा C language course को जरुर पढ़े |ताकि आपको C++ को आसनी से grab कर सके |
और अगर c language course को नहीं पढना चाहतो हो तब हम C++ कोर्स मे C और C ++ दोनों language के concept को discuss कर रहे है जो की हमारे reader के लिए बहुत उपयोगी होगा |
History of C++ 
कंप्यूटर technology ने पछले कई सालो मे काफी उन्नति की है |सबसे पहले 1970 मे , C language और Pracle language को introduce की गया है ये language प्रोग्रामर को structure programming सिखाते है |जिसमे syntax भी fixed होते है |c language काफी fast-running programs बनता है जोकि किसी hardware matters जैसे ports और disk drive से data को access कर सकते है |c language ,1980 मे बहुत popular हुई थी |लेकिन 1980 के बाद , object oriented programming को (OOPs) को introduce किया गया है |
C language का जन्म: 
1970 मे , Dennis Richie Bell lab मे एक नए unix operating सिस्टम को develop कर रहे थे|इस task के लिए dennis को एक एसी language की जरुरत थी जो की concise हो जिससे compact , fast प्रोग्राम बन सके और इसके अलावा इनसे एसे code बने जो की computer parts को डायरेक्ट control कर सके |
machine को control करने के लिए assembly language को use किया जा सकता लेकिन ये language low level थी |और अगर assembly भाषा मे code को दुसरे कंप्यूटर मे चलाना हो तो code को कुछ modification करना होगा जो की नामुमकिन है |
लेकिंग unix को तो अलग अलग कंप्यूटर मे चलाना था इसलिए एक high level language की जरुरत थी |ये high level language एक compiler होता जो की high level language को low level language मे convert कर देता है |इस तरह C language का जन्म हुआ |
OOPs 
c language एक structure language है जो की प्रोग्राम की clarity , reliability को काफी हद तक बड़ा देता है लेकिन maintenance of program या length ऑफ़ program को adjust करना मुमकिन है |इसलिय OOPs को बनाया गया |
जैसे c language मे , दिए गये data types को ही use किया जाता है |लेकिन c++ मे प्रोग्रामर खुद के data type को बना कर use कर सकता है |
C++ मे , class को define किया गया है जो की किसी नए data type की तरह कार्य करती है |और object एक data structure है जो code की requirement के हिसाब से set किया जाता है |उदाहरण के लिए
class : flower जिनकी अलग अलग attribute होते है जैसे रंग , सुगंध या प्रकार होता है  और object : lily , rose और sunflower |
अतः class किसी object को define करता है |उदाहरण के लिए अगर प्रोग्रामर को किसी student की specification ( grade, height , weight , standard आदि ) को specify करना है तब student एक class होगी और अगर प्रोग्रामर को दो student की detail को use करना है तब student 1 और student 2 ,दो object होगे |
OOPs मे , class को सबसे पहले define किया जाता है |उसके बाद main() function या object को define किया जाता है |c++ मे भी bottom up programming style को अपनाया जाता है |जिसमे प्रोग्राम को bottom से up की डायरेक्शन मे complie किया जाता है |
इसके अलावा OPPs मे काफी नए feature को introduce किया गया है |जैसे क्लास मे किसी data type और method( function in C language ) को देक्लार और define किया जाता है |जो की बाद मे main() function बाद मे use किया जा सकता है |
OOPs मे किसी efficient क्लास को बनाना मुश्किल है इसलिए preset class को code मे करना आसन होता है |
Generic Programming 
generic programming, C++ का एक उपयोगी feature है |ये feature oops के साथ मिलकर बहुत उपयोगी हो जाता है |इस concept मे किसी code को रयूसे किया जा सकता है |ये technique को generic concept से निकला गया है |जहा पर Oops से किसी large प्रोग्राम को run किया जाता है उसी प्रकार generic programming से किसी code को प्रोग्रम मे बार बार use किया जा सकता है |C++ मे , integer , floating , character, string और compound data type को use किया जा सकता है |
आगे आने वाले article मे , C++ के basic format को पढेगे |