वर्तनी शुद्ध कीजिए | शुद्ध वर्तनी का चयन कीजिए | निम्नलिखित शब्दों की वर्तनी शुद्ध कीजिए vartani shudh kijiye in hindi

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vartani shudh kijiye in hindi वर्तनी शुद्ध कीजिए | शुद्ध वर्तनी का चयन कीजिए | निम्नलिखित शब्दों की वर्तनी शुद्ध कीजिए ?

वर्तनी
वर्तनी का तात्पर्य स्पेलिंग या हिज्जे से है। भाषा में कोई शब्द जिस ‘वर्णानुक्रम‘ में लिखा जाता है, उसे वर्तनी (ेचमससपदह) कहते हैं। उच्चारण की अशुद्धता एवं व्याकरणिक अज्ञान के कारण अधिकतर वर्तनी की भूलें होती हैं। वर्तनी यदि अशुद्ध है तो वाक्य भी अशुद्ध हो जाता है, अतः वाक्य शुद्धि के लिए वर्तनी की शुद्धता भी परम आवश्यक है।
यहाँ प्रमुख शब्दों की सूची प्रस्तुत है, जिनमें वर्तनी की अशुद्धि है-
अशुद्ध     शुद्ध        अशुद्ध     शुद्ध
अध्यन अध्ययन अनाधिकार अनधिकार
आधुनीक आधुनिक आध्यात्म अध्यात्म
अध्यात्मिक आध्यात्मिक अध्यात्मक आध्यात्मिक
अनुसूया अनसूया आधीन अधीन
आदिकवी आदिकवि अन्तध्र्यान अन्तर्धान
आ£शवाद आशीर्वाद अत्योक्ति अत्युक्ति
अतिश्योक्ति अतिशयोक्ति अल्हाद आट्टाद
अरुड़ अरुण अधोपतन अधःपतन
अधीनस्त अधीनस्थ अनुवादित अनूदित
अनुग्रहीत अनुगृहीत अनुगृह अनुग्रह
अनुषंगिक आनुषंगिक अहार आहार
आहिल्या अहल्या अन्तर्राष्ट्रीय अन्तर्राष्ट्रीय
आयुर्वैदिक आयुर्वेदिक अवश्यक आवश्यक
अजमाइश आजमाइश अर्ध अर्द्ध
आर्यवेद आयुर्वेद अच्छर अक्षर
अन्त्यक्षरी अन्ताक्षरी अभीमान अभिमान
अर्थिक आर्थिक अतिथी अतिथि
आजकाल आजकल अभ्यारण्य अभयारण्य
अभीनेता अभिनेता अधिग्रहीत अधिगृहीत
अनाथिनी अनाथा आर्द आद्र्र
आवश्यकीय आवश्यक अजस्त्र अजस्र
अन्तद्र्वन्द अन्तद्र्वन्द्व अध्यावसाय अध्यवसाय
अपन्हुति अर्पीुति अनिष्ठ अनिष्ट
अभिसेक अभिषेक अह£नशि अह£नश
अर्थात अर्थात् अष्टवक्र अष्टावक्र
अनुस्ठान अनुष्ठान अंधेरा अँधेरा
अनभिग्य अनभिज्ञ आकांछा आकांक्षा
अगामी आगामी इसलिये इसलिए
इंदोर इंदौर इन्द्रा इन्दिरा
ईर्षा ईष्र्या ईर्षालु ईष्र्यालु
इकटठा इकट्ठा इतवार इतबार
ईमारत इमारत इमान ईमान
इन्द्रीय इन्द्रिय इस्त्री स्त्री
इश्वर ईश्वर उन्यासी उनासी
ऊषा उषा उ£म ऊ£म
उच्छिष्ठ उच्छिष्ट ऊंट ऊँट
उन्नती उन्नति उन्नतिशील उन्नतशील
उष्मा ऊष्मा उज्जयनी उज्जयिनी
उपलच्छ उपलक्ष्य उत्तरदाई उत्तरदायी
उद्योगीकरण औद्योगीकरण उदार्य औदार्य
ओषधि औषध आभूषड़ आभूषण
उज्जवल उज्ज्वल उपरोक्त उपर्युक्त
एकतारा इकतारा एश्वर्य ऐश्वर्य
एतिहासिक ऐतिहासिक एकत्रित ऐतरेय
एच्छिक ऐच्छिक ऐक्यता ऐक्य
एक्ट ऐक्ट एकचित्र एकत्र
ओकात औकात ओचित्य औचित्य
कवी कवि कालीदास कालिदास
कविन्द्र कवीन्द्र कुशाड़ कुषाण
क्रषी कृषि क्रति कृति
क्रपा कृपा कुष्ट कुष्ठ
कोमुदी कौमुदी कृतघ्नी कृतघ्न
करूणा करुणा कामनी कामिनी
कालंदी कालिन्दी कदम कदम्ब
कीजिये कीजिए क्योंकी क्योंकि
कनिष्ट कनिष्ठ कवियत्री कवयित्री
कविओं कवियों कोमलांगिनी कोमलांगी
कोतूहल कौतूहल कृत्यकृत्य कृतकृत्य
क्रियायें क्रियाएँ किचिंत किंचित
ड्डशंगिनी कृशांगी क्रियाक्रम क्रियाकर्म
कीर्ती कीर्ति कविन्द्र कवीन्द्र
कवित्री कवयित्री कलेश क्लेश
कंटीला कँटीला कंगा कंघा
क्रतग्य कृतज्ञ खुस खुश
खेतीहार खेतिहर खम्ब खंभा
खीजना खीझना खावेंगे खाएँगे
गत्यावरोध गत्यवरोध गीतांजली गीतांजलि
गांधी गाँधी घोसड़ा घोषणा
गोतम गौतम ग्रहस्थी गृहस्थी
गोष्टी गोष्ठी गरुण गरुड़
गृहणी गृहिणी गरिष्ट गरिष्ठ
गोरव गौरव घोषड़ा घोषणा
गर्भीणी गर्भिणी गृहण ग्रहण
गौरवता गौरव गोतम गौतम
गीध गिद्ध गोप्यनीय गोपनीय
शूंय शून्य घ्रणा घृणा
घ्रत घृत घन्टा घंटा
घनिष्ट घनिष्ठ घोश घोष
चाक्षुस चाक्षुष चातुर्यता चतुराई, चातुर्य
चाहिये चाहिए चिन्ह चि
चर्मोत्कर्ष चरमोत्कर्ष चच्छु चक्षु
चक्षुष चाक्षुष छिपकिली छिपकली
चन्चल चंचल दूकान दुकान
चामर चावल चिकिर्षा चिकीर्षा
छमा क्षमा छिद्रान्वेशी छिद्रान्वेषी
छठवाँ छठा छिप्र क्षिप्र
छुद्र क्षुद्र ज्योत्सना ज्योत्स्ना
जबरजस्ती जबरदस्ती जरुरत जरूरत
जमना यमुना जागृत जाग्रत
जागरित जागृति जोग योग, योग्य
जेस्ठ ज्येष्ठ जिभ्या जिह्ना
तदोपरान्त तदुपरान्त तत्कालिक तात्कालिक
त्रिपुरारी त्रिपुरारि तमाखू तम्बाकू
तड़ित तडित तेजमय तेजोमय
तिरष्कार तिरस्कार दीवाली दीपावली
तिथी तिथि तिर्थंकर तीर्थंकर
तितालिस तैंतालीस तपश्या तपस्या
तदनुसारी तद्नुसार तत्वाध्वन तत्वावधान
तनखा तनख्वाह तदंतर तदनंतर
देविक दैविक दोगुना दुगुना
द्वेश द्वेष दुख दुःख
दुःखी दुखी दिनाँक दिनांक
दाइत्व दायित्व दारिद्रता दरिद्रता
दंडायन दाण्डायन दीच्छा दीक्षा
दुसाध्य दुस्साध्य दृष्टा द्रष्टा
द्वन्द द्वन्द्व दधीच दधीचि
द्वारिका द्वारका धुरंदर धुरंधर
धातव्य ध्यातव्य धैर्यता धैर्य
नर्वदा नर्मदा नराज नाराज
निरभिमानी निरभिमान निरूत्साह निरुत्साहित
निःस्तर निस्सार नही नहीं
नयी नई निसंदेह निस्संदेह
पौरुषत्व पौरुष न्यूनधिक न्यूनाधिक
निर्दयी निर्दय निर्धनी निर्धन
निस्प्राण निष्प्राण निर्लोभी निर्लोभ
निरपराधी निरपराध नीलमा नीलिमा
नुपुर नूपुर नायका नायिका
निस्वार्थ निःस्वार्थ निरोग नीरोग
निर्पेक्ष निरपेक्ष नरायण नारायण
नराच नाराच नदिओं नदियों
पड़ोसन पड़ोसिन परिवेक्षक पर्यवेक्षक
परिमाजित परिमा£जत परणीता परिणीता
पाली भाषा पालि भाषा पुरुस्कार पुरस्कार
पुनरावलोकन पुनरवलोकन पुनरोत्थान पुनरुत्थान
पत´जली पत´जलि पत्नि पत्नी
प्रमाणिक प्रामाणिक प्रोद्योगिकी प्रौद्योगिकी
प्रागेतिहासिक प्रागैतिहासिक परिस्तिथि परिस्थिति
परियाय पर्याय पुनजन्म पुनर्जन्म
पकोड़ी पकौड़ी परिच्छा परीक्षा
परीचित परिचित पिताम्बर पीताम्बर
पितर)ण पितृ)ण पिजड़ा पिंजरा
पातंजल पातंजलि पांडे पांडेय
पुरौहित पुरोहित पौदा पौधा
पैत्रिक पैतृक परिप्रेक्ष परिपे्रक्ष्य
परिणित परिणत परणीता परिणीता
परंतू परंतु पट्ट पट
पट्टु पटु परमाण परिमाण
पुत्रेषण पुत्रैषणा पूँछना पूछना
पृष्ट पृष्ठ प्रसंशा प्रशंसा
पूज्यनीय पूजनीय प्रद£शनी प्रदर्शनी
परिशिष्टि परिशिष्ट परिषद परिषद्
फटकरी फिटकरी वंधू बंधु
बन वन बंजारन बंजारिन
बहोत बहुत बनस्पति वनस्पति
विचारा बेचारा बेजती बेइज्जती
ब्रहत्तर बृहत्तर वृहद् बृहत्
बाधा वाधा बाहुल्यता बहुलता
बंदना वंदना वाहु बाहु
वेईमान बेईमान बिन्दू बिन्दु
बृज ब्रज बारात बरात
ब्रम्ह ब्रह्म ब्राम्हण ब्राह्मण
बेफिजूल फिजूल बजार बाजार
ब्रहस्पति बृहस्पति भाग्यमान भाग्यवान्
भरतरी भर्तृहरि भगन भग्न
भंगन भंगिन भरथ भरत
भारथ भारत भरम भ्रम
भोगोलिक भौगोलिक भ्रत्य भृत्य
भ्रांती भ्रांति भूमी भूमि
भिच्छा भिक्षा भिभीषण विभीषण
भगीरथी भागीरथी भाषायें भाषाएँ
भृकुटी भृकुटि भगवत गीता भगवद्गीता
भाग्यवान भाग्यवान् भिकारी भिखारी
भाष्कर भास्कर माधुर्यता माधुर्य
मधू मधु महत्व महत्त्व
मंजू मंजु मिथलेशकुमारी मिथिलेशकुमारी
मैथलीशरण मैथिलीशरण मेघनाथ मेघनाद
मजूरी मजदूरी मान्यनीय माननीय
मुरारी मुरारि मृन्मय मृण्मय
मत्सेन्द्र मत्स्येन्द्र महात्म माहात्म्य
मानवीयकरण मानवीकरण मर्तक मृतक
मरीच मारीच मिठायी मिठाई
मक्षर मच्छर मनुस्य मनुष्य
मतबल मतलब मर्तक मृतक
मध्यान्ह माध्र्याी मद्घम मद्धिम
मिष्टान्न मिष्ठान्न मिहरि मिहिर
मिलित मीलीति मंत्रीमण्डल मंत्रिमण्डल
मनःकामना मनोकामना मात्रभूमि मातृभूमि
मायाबी मायावी माॅसाहारी मांसाहारी
मार्दवता मार्दव मानों मानो
मुकंद मुकंुद संगृह संग्रह
यशगान यशोगान यच्छ यक्ष
यग्य यज्ञ युधिष्ठर युधिष्ठिर
यथेष्ठ यथेष्ट यक्रत यड्डत
यर्थाथ यथार्थ रमायन रामायण
राज्यकीय राजकीय रचैता रचयिता
रचियता रचयिता रुची रुचि
रुक्ष रूक्ष राजाभिषेक राज्याभिषेक
रितु ऋतु रिषी ऋषि
रिण ऋण रात्री रात्रि
रवी रबी, रवि रविन्द्र रवीन्द्र
रागनी रागिनी रमन रमण
राच्छस राक्षस रघू रघु
रंगाई रँगाई रच्छक रक्षक
लब्ध प्रतिष्ठित लब्ध प्रतिष्ठ लीजिये लीजिए
लोकेषणा लोकैषणा बाल्मीक बाल्मीकि
बृजभाषा ब्रजभाषा व्यवहारिक व्यावहारिक
व्योपार व्यापार वस्तुयें वस्तुएँ
विसाद विषाद विक्षू विच्छू
विमर्ष विमर्श विछुब्ध विक्षुब्ध
विजई विजयी विधी विधि
वधु वधू व्यंग व्यंग्य
वृद्धी वृद्धि वस्तू वस्तु
वेशभूशा वेशभूषा विशाद विषाद
वाकपटु वाक्पटु शाशक शासक
वरिष्ट वरिष्ठ विप्रीत विपरीत
वाहनी वाहिनी व्यस्क वयस्क
विपच्छ विपक्ष विदीत विदित
विभीषन विभीषण वहिरंग बहिरंग
विरहणी विरहिणी विदेशिक वैदेशिक
विदयार्थी विद्यार्थी वृ;िकरण वृद्धीकरण
शाशकीय शासकीय शूपनखाँ शूर्पणखा
श्रंगार शंृगार श्रगाल शृगाल
श्रंखला शंृखला षटमास षण्मास
षष्ठी षष्ठ सुलोचनी सुलोचना
सन्मान सम्मान सौजन्यता सौजन्य
सामिग्री सामग्री सरोजनी सरोजिनी
साच्छी साक्षी स्त्रीण स्त्रैण
सुकेशिनी सुकेशी सदृश्य सदृश
सदोपदेश सदुपदेश सलज्जित सलज्ज
सप्ताहिक साप्ताहिक साच्छर साक्षर
सहित्यिक साहित्यिक सिंघासन सिंहासन
सीधा-साधा सीधा-सादा सृष्टा स्रष्टा
स्रष्टि सृष्टि श्राप शाप
स्त्रोत स्रोत श्रोत स्तोत्र
स्वास्तिक स्वस्तिक स्वस्थ्य स्वस्थ
सौन्दर्यता सुन्दरता स्वादिष्ठ स्वादिष्ट
संस्कर्ण संस्करण संसंदसदस्य संसत्सदस्य
सतगुण सद्गुण सम्मती सम्मति
संधी संधि समर्पन समर्पण
सवी सब, सभी सहास साहस
सिन्दुर सिंदूर सीड़ी सीढ़ी
हिरणाकश्यप हिरण्यकशिपु हिन्दुस्थान हिन्दुस्तान
हितेषी हितैषी हरद्वार हरिद्वार
हिमालया हिमालय हतभागिनी हतभाग्या
ट्ठदय हृदय हस्ताक्षेप हस्तक्षेप
हिंस्त्र हिंस्र हिरास ट्ठास
हितैशी हितैषी हिन्दुस्थान हिन्दुस्तान
हिंदुवों हिंदुओं हिंदु हिन्दु
इक्षा इच्छा त्रिमासिक त्रैमासिक
क्षती क्षति अनेकों अनेक
अन्तरजातीय अन्तर्जातीय अन्तर्साक्ष्य अन्तःसाक्ष्य
बहिद्वन्द बहिद्र्वन्द्व स्वास्थ स्वास्थ्य
कुसलक्षेम कुशलक्षेम नखलऊ लखनऊ
प्रड़ाम प्रणाम
विभिन्न परीक्षाओं में पूछे गये प्रश्न
निम्न शब्दों की सही वर्तनी का चयन कीजिए-
1. (अ) कवियत्री (ब) कवित्री उ.प्र.टी.ई.टी.
(स) कवयित्री (द) कवियित्री
उत्तर-(स) कवयित्री
2. (अ) उज्जवल (ब) उज्ज्वल
(स) उज्जल (द) उज्वल
उत्तर-(ब) उज्ज्वल
ज्ञान-उत् ़ ज्वल = व्यंजन संधि है।
3. (अ) श्राप (ब) शाप
(स) साप (द) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-(ब) शाप
4. (अ) ज्योत्सना (ब) ज्योतिस्ना
(स) ज्योत्स्ना (द) ज्योतिसना
उत्तर-(स) ज्योत्स्ना
5. (अ) जजीविशा (ब) जिजीविषा
(स) जिजिविशा (द) जिजविषा
उत्तर-(ब) जिजीविषा
6. (अ) अतियुक्ति (ब) अत्युक्ति हरियाणा टी.ई.टी.
(स) अत्योक्ति (द) अतिउक्ति
उत्तर-(ब) अत्युक्ति
7. (अ) अन्तर्ध्यान (ब) अन्तर्धान
(स) अतध्यान (द) अन्तरध्यान
उत्तर-(ब) अन्तर्धान
8. सही वर्तनी कौन-सी है?
(अ) सुश्रूषा (ब) शुश्रुषा
(स) शुश्रूषा (द) सुश्रूसा
उत्तर-(अ) सुश्रूषा
9. (अ) सौहार्द (ब) सौहाद्र
(स) सौहार्द्र (द) सौर्हाद
उत्तर-(अ) सौहार्द
10. (अ) प्रसंशा (ब) प्रशंसा
(स) प्रशंशा (द) प्रशन्सा
उत्तर-(ब) प्रशंसा
11. निम्न में से कौन-सा शब्द शुद्ध है?
(अ) इक्षा (ब) रचैता
(स) हरद्वार (द) सौजन्य
उत्तर-(द) सौजन्य
12. कौन-सा शब्द अशुद्ध है?
(अ) रचयिता (ब) अन्तराष्ट्रीय
(स) सलज्ज (द) प्रदर्शनी
उत्तर-(ब) अन्तराष्ट्रीय
13. कौन-से शब्द की वर्तनी शुद्ध है?
(अ) शाप (ब) हतभागिनी
(स) माधुर्यता (द) हितेषी
उत्तर-(अ) शाप
ज्ञान-माधुर्यता के स्थान पर माधुर्य, हितेषी के स्थान पर हितैषी, हतभागिनी के स्थान पर हतभाग्या शुद्ध होगा, परन्तु शाप शुद्ध वर्तनी है।
14. सही वर्तनी वाला शब्द चुनिए-
(अ) कालीदास (ब) युधिष्ठिर
(स) बाल्मीक (द) मैथलीशरण
उत्तर-(ब) युधिष्ठिर
ज्ञान-कालीदास के स्थान पर कालिदास, बाल्मीक के स्थान पर बाल्मीकि, मैथलीशरण के स्थानपर मैथिलीशरण शुद्ध है। युधिष्ठिर शुद्ध बर्तनी है
15. सही बर्तनी बताइए-
(अ) सम्बत (ब) संवत्
(स) समवत् (द) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-(ब) संवत्