कोलाइड के उपयोग Uses of colloid in hindi

Uses of colloid in hindi कोलाइड के उपयोग : 

(1) जल को स्वच्छ करने में :

प्राकृतिक स्रोतों से प्राप्त जल में मिट्टी के कोलाइडी कण होते है। इसमें फिटकरी (पोटाश ऐलम ) डालने पर फिटकरी के धनायनों द्वारा मिट्टी के कणों का स्कन्दन हो जाता है इन्हें छानकर हटा देते है।

(2) गन्दे वस्त्र को स्वच्छ करने की क्रियाविधि : (अध्ययन कर चुके )

(3) औषधि के रूप में :

कोलॉइडी औषधियाँ अधिक प्रभावी होती है क्योंकि इनमें अधिशोषण की क्षमता अधिक होती है ये निम्न है

 1. Ag सॉल (अर्जिरॉल )  नेत्र संक्रमण उपचार में
 2. Sb सॉल  कालाजार उपचार में
 3.   Sसॉल  चर्म रोग के उपचार में
 4. मिल्क ऑफ़ मैग्निशिया  उदर रोग के उपचार में
 5. Au सॉल  अन्तः पेशी इंजेक्शन में

(4) चर्म उद्योग में :

चर्म जैली जैसा पदार्थ है इसमें प्रोटीन के धनावेशित कोलाइडी कण होते है इसे टेनिन अम्ल (ऋणावेशित सॉल ) में डालने पर चमड़ी की सतह पर स्कंदन हो जाता है जिससे चमड़ी कठोर हो जाती है इससे जूते , चप्पल , पर्स आदि बनाये जाते है।

(5) रबर उद्योग में :

रबर के पेड़ से प्राप्त गाढ़े दूधिया द्रव को लेटेक्स या रबर क्षीर कहते है। इसमें रबर के कोलाइडी कण होते है लेटेक्स को गर्म करने पर रबर के कोलाइडी कणों का स्कन्दन हो जाता है अर्थात रबर प्राप्त होता है।

(6) फोटोग्राफी में :

जिलेटिन में AgBr के कोलॉइडी कण होते है इस विलयन का लेप फोटोग्राफी प्लेट पर कर दिया जाता है।

(7) धूम्र के विधुत अवक्षेप में :

कारखानों से निकलने वाले धुँए में कार्बन आर्सेनिक के कण होते है इसे कॉट्रेल अवक्षेप में से गुजारते है। कॉट्रेल अवक्षेप में उच्च विधुत विभव के कारण कार्बन तथा आर्सेनिक के कणो का स्कन्दन हो जाता है ये पैंदे में एकत्रित हो जाते है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *