आवेश का मात्रक क्या है , विमा , परिभाषा तथा सूत्र unit of charge in hindi

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आवेश का मात्रक (unit of charge) : विद्युत धारा को S.I (system international) (अंतर्राष्ट्रीय पद्धति) में मूल राशि के रूप में माना जाता है तथा विधुत धारा का मात्रक एम्पियर (A) होता हैं। 

आवेश का S.I पद्धति में मात्रक कूलम्ब (Coulomb) (कूलॉम) होता है।

1C = 1 AS

विद्युत आवेश की विमा निम्न प्रकार लिखी जाती है।

[Q] = M0L0T1A1

अन्य मात्रक निम्न प्रकार भी लिखे जाते हैं।

1 PC = 10-12 C

1 nC = 10-9 C

1 μC = 10-6 C

आवेश का CGS (centimetre–gram–second) (सेन्टीमीटर – ग्राम – सेकण्ड ) पद्धति में मात्रक फ्रैंकलिन या स्टेट कूलाम है।

1  C = 3 x 109 esu

आवेश का मात्रक फैराडे भी होता हैं।

1 फैराडे = 96500 C

आवेश की परिभाषा (definition of charge) :

आवेश का मात्रक कूलाम होता है इसको निम्न प्रकार से परिभाषित किया जा सकता है –

किसी तार में एक बिंदु से गुजरने वाले आवेश की प्रति सेकंड की मात्रा जबकि धारा 1 एम्पियर रखी जाये , आवेश की इस मात्रा को 1 कूलॉम आवेश कहते है।

इसको निम्न सूत्र द्वारा भी समझा जा सकता है –

चूँकि हम जानते है

 

विद्युत धारा (I) = गुजरने वाला आवेश (Q) (कूलॉम में) / समय (T) (सेकंड में)

अतः

Q (आवेश) = IT

यदि I = 1 ऐम्पियर रखा जाए तथा समय 1 सेकण्ड रखी जाये तो आवेश (Q) का मान 1  कूलॉम होगा।

Q = 1 x 1

Q = 1 A