तारों का टिमटिमाना की अपवर्तन घटना twinkling of stars in hindi

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(twinkling of stars in hindi ) तारों का टिमटिमाना की अपवर्तन घटना : जैसा की हम जानते है की तारे हमसे हजारो मील दूर स्थित है इसलिए जब हम इन्हें देखते है तो इनका प्रतिबिम्ब हमारी रेटिना पर एक बिन्दु के समान बनता है।

तारों को जब हम देखते है तो हमें ये चमकते हुए प्रतीत होते है , क्या आप जानते है ऐसा क्यों होता है ?

तारों तथा हमारे मध्य की हजारों मील की दूरी में वायुमंडल है इस वायुमंडल में विभिन्न प्रकार की परतें विधमान है और इन परतों का घनत्व भिन्न भिन्न होता है जिसके कारण इन परतों का अपवर्तनांक भी अलग अलग होता है।

जब तारों से कोई प्रकाश हमारी तरफ चलता है तो उसको हमारी आँखों तक पहुचने के लिए इन परतों से होकर गुजरना पड़ता है , चूँकि इन परतों का अपवर्तनांक भिन्न भिन्न होता है अत: एक परत से दूसरी परत में गमन करने पर इसका मार्ग कुछ विचलित हो जाता है अर्थात अपवर्तन की घटना घटित हो जाती है।

प्रकाश इस प्रकार की कई परतों को पार करता है जिससे प्रकाश को हमारे तक पहुँचने के लिए कई अपवर्तनांक से गुजरना पड़ता है अर्थात यह प्रकाश मध्य में आने वाली सभी परतों से जब गुजरता है तो हर बार इसे अपवर्तनांक की घटना से सामना करना पड़ता है।

इन अपवर्तनांक के कारण तारों से चलने वाली प्रकाश की किरणें अपना मार्ग बार बार बदलती है अर्थात इन अपवर्तनांको के कारण प्रकाश का मार्ग बार बार परिवर्तित होता रहता है और प्रकाश का मार्ग परिवर्तन होने के कारण ही हमें तारे टिमटिमाते हुए दिखाई देते है या कहे की टिमटिमाते हुए प्रतीत होते है।