थाली का बैंगन मुहावरे का अर्थ या थाली का बैंगन होना मुहावरे का वाक्य thali ka baingan hona meaning

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thali ka baingan hona meaning थाली का बैंगन मुहावरे का अर्थ या थाली का बैंगन होना मुहावरे का वाक्य क्या है ?

31. घोड़े बेचकर सोना (गहरी नींद में सोना)- परीक्षा देने के बाद विद्यार्थी घोड़े बेचकर सोते हैं।
32. आँखे पथरा जाना (राह देखते-देखते थक जाना)- पति की प्रतीक्षा करते-करते पत्नी की आँखें पथरा गई।
33. आँखें उठाना (बुरी दृष्टि से देखना)- ध्यान से सुन लो अगर तुमने मेरी ओर आँख उठाकर भी देखा तो तुम्हारी खैर नहीं।
34. पापड़ बेलना (कष्ट से जीवन व्यतीत करना)- बहुत पापड़ बेलने के पश्चात अब जाकर बेचारे रहमान को नौकरी मिली है।
35. आँखों पर पर्दा पड़ना( अक्ल मारी जाना)- जयचंद की आँखों पर ऐसा पर्दा पड़ा था कि उसको अपने-पराये का भी ज्ञान न रहा।
36. बरस पड़ना (कोधित होना)- मुझ पर क्यों बरस रहे हो, यह पुस्तक तो संजय ने फाड़ी है।
37. तलवे चाटना (चापलूसी करना)- तुम्हारे जैसा आदमी केवल अधिकारियों के तलवे चाटने से ही नौकरी पा सकता है और कोई तरीका काम नहीं आएगा।
38. आस्तीन का साँप (कपटी मित्र)- तुमने जिसको नौकरी दिलवाई है वही तुम्हारे लिए आस्तीन का साँप बना हुआ है। हर जगह तुम्हारी निंदा करता है।
39. आसमान पर थूकना (निर्दोष पर लांछन लगाना)- उस महात्मा पर दोष लगाना तो आसमान पर थूकना है।
40. घाव पर नमक छिड़कना (दुखी को अधिक दुखी करने वाली बात करना)- परीक्षा में फेल हो जाने पर श्याम पहले ही दुखी है, तुम उल्टी बातें करके क्यों उसके घावों पर नमक छिड़क रहे हो।
41. घाट-घाट का पानी पीना (देश-विदेश का व्यापक अनुभव प्राप्त होना)- तुम उसका क्या मुकाबला करोगे, उसने तो घाट-घाट का पानी पी रखा है।
42. इधर-उधर की हाँकना (व्यर्थ की गप्पें मारना)- फातिमा की कोई भी बात सच्ची नहीं होती, वह तो इधर-उधर की हाँकती रहती है।
43. इंट से ईंट बजाना (नष्ट करना)- नादिरशाह ने दिल्ली की ईंट से ईंट से बजा दी।
44. उन्नीस-बीस का अंतर होना (बहुत थोड़ा अंतर होना) इन दोनों भाइयों में उन्नीस-बीस का ही अंतर है।
45. उड़ती-चिड़िया पहचानना (बहुत अनुभवी होना)- इस थोनेदार की निगाह में कोई अपराधी नहीं बच सकता, उड़ती चिड़िया पहचानना इसे बखूबी आता है।
46. ऊँट के मुंह में जीरा (अधिक खाने वाले को कम देना) खली जैसे पहलवान को नाश्ते में दो समोसे देना ऊँट के मुँह में जीरा देने के समान है।
47. नाक में दम करना (सताना, तंग करना)- शिवाजी ने युद्धों में मुगलों की नाक में दम कर दिया था।
48. थाली का बैंगन (सिद्धांतहीन व्यक्ति)- आजकल के एम.एल.ए. थाली के बैंगन है। जिधर मंत्री पद मिलेगा, उधर ही भागेंगे।
49. एक आँख से देखना (समान दृष्टि से देखना)- भारतीय जन सब धर्मों को एक आँख से देखते हैं।
50. एक ही लकड़ी से हाँकना (सबसे एक जैसा व्यवहार)- तुम्हें बड़े छोटे का भी ज्ञान नहीं है, सब को एक ही लकड़ी से हाँकते हो।
51. एड़ी चोटी का जोर लगाना (बहुत प्रयत्न करना)- एम.ए. में फर्स्ट डिवीजन लाने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगाना पड़ता है।
52. एक ही थैली के चट्टे-बट्टे (एक जैसे)- यहाँ किस पर विश्वास किए जाए, छोटे-बड़े सब एक ही थैली के चट्टे-बट्टे हैं।
53. ओखली में सिर देना (जान बूझकर आपत्ति मोल लेना) जब ओखली में सिर दिया तो मूसल से क्या डरना।
54. कमर बाँधना (कटिबद्ध होना, तैयार होना) -सुभाषचंद्र बोस ने कहा, ‘‘प्यारे वीरों, अगर तुम्हें देश को स्वतंत्र कराना है तो कमर बाँध लो।’’
55. अक्ल पर पत्थर पड़ना (बुद्धि से काम न लेना)- जब बूरे दिन आते हैं तो मनुष्य की अक्ल पर पत्थर पड़ जाते है।
56. अगर-मगर करना (टालमटोल करना, बहाना बनाना)- कल तुमने मेरी पुस्तकें वापस करने का वचन दिया था और अब अगर-मगर करने लगे।
57. चल बसना (परलोक सिधारना)- अंग्रेजों ने लाला जी पर ऐसी लाठियां बरसाई कि वे इस संसार से चल बसे।
58. चिराग लेकर ढूँढना (कठिनाई से मिलना)- आज्ञाकारी पुत्र तो चिराग लेकर ढूँढने पर भी नहीं मिलेगा।
59. कठपुतली बनना (दूसरों के इशारे पर चलना)- हमारा अफसर तो हेड-क्लर्क के हाथों की कठपुतली बना हुआ है।
60. जान के लाले पड़ना (विपत्ति में फँसना)- विमान दुर्घटनाग्रस्त हो जाने से यात्रियों की जान के लाले पड़ गए।