अधिरचना किसे कहते है | अधिरचना की परिभाषा क्या है अर्थ या मतलब Superstructure in hindi meaning

By   February 6, 2021

Superstructure in hindi meaning and definition अधिरचना किसे कहते है | अधिरचना की परिभाषा क्या है अर्थ या मतलब ?

शब्दावली
अलगाव (Alienation): एक प्रक्रिया जिससे व्यक्ति अपने श्रम के फल के अधीन हो जाता है।
बुनियादी ढांचा और अधिरचना: (नींव/आधार) मार्क्स ने किसी संस्थान की तुलना करने के
(Base and Superstructure) लिए एक मानक या नमूने का प्रयोग किया है जिसके माध्यम से उसका महत्व दर्शाया जाता है। सामान्यतया इसका आशय ‘आधारशिला‘ से होता है।
व्यवसाय (Calling): निजी धंधा या व्यवसाय करना
पूँजीवाद (Capitalism): एक आर्थिक प्रणाली जिसमें स्वतंत्र श्रमिकों को श्रम देकर उनकी उत्पादकता को यंत्रों की सहायता से बढ़ाया जाता है। बाजार में उत्पादन की बिक्री कर मुनाफा कमाया जाता है।
सामन्तवाद (Feudalism): एक आर्थिक प्रणाली जिसमें श्रमिक, मालिक/स्वामी के अधीन हैं और उत्पादन केवल पेट पालने के लिये किया जाता है।
विचारधारा (Ideology): इसके दो अर्थ हैं।
1) किसी भी वर्ग विशेषरूप से शासक वर्ग के राजनीतिक विचार
2) एक प्रकार की विकृत छवि/सोच
पूर्वनियत (Predestination): ‘पहले से चुनी हुई‘ या ‘पूर्वनिर्धारित‘
प्यूरिटन (Puritan): किसी भी प्रोटेस्टैंट पंथ का कट्टर अनुयायी
तर्कसंगतिकरण (Rationalçation): विचारों से जादुई तत्वों को हटाकर उन्हें एकरूप और व्यवस्थित बनाना।
मोक्ष (Salvation): जीवन के कष्ट से मुक्ति या ‘जीवन के बाद‘ का समय।
पंथ (Sect): एक धार्मिक समूह जो धार्मिक विचारों/ ग्रंथों पर नया प्रकाश डालता है।
समाजवाद (Socialism): एक सामाजिक व्यवस्था जिसमें निजी संपत्ति निषिद्ध हो।

बोध प्रश्न 1
प) बताइए, निम्नलिखित कथनों में से कौन से सही हैं और कौन से गलत । प्रत्येक कथन के आगे () या ( ग ) का निशान लगाइए:
क) सामान्यतः अर्थशास्त्र उत्पादन एवं वितरण से संबंधित है। ( )
ख) फ्यूअरबॉक के अनुसार धर्म, व्यक्ति के मन से बाहर है। ( )
ग) मार्क्स के अनुसार धर्म, वास्तविक दुनिया का प्रतिबिंब है। ( )
घ) ईश्वर ने शाश्वत जीवन या मोक्ष के लिये किसे चुना है यह ( )

पप) निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखिए। निम्नांकित निर्देशों का पालन कीजिए।
प) उत्तर इकाई में ही छिपे हैं।
पप) उत्तर संक्षिप्त और सटीक हों।
क) वस्तु और धर्म में क्या समानता है? अपना उत्तर पाँच पंक्तियों में दीजिए।
ख) धर्म के अंत/पतन के विषय में मार्क्स के क्या विचार हैं। अपना उत्तर पाँच पंक्तियों में दीजिए।
ग) पूर्वनियति के सिद्धांत का सामाजिक प्रभाव क्या है? अपना उत्तर पाँच पंक्तियों में दीजिए।
घ) लूथर और कैल्विन द्वारा दी गई ‘‘व्यवसाय (Calling)‘‘ की अवधारणाओं में क्या अंतर है? अपना उत्तर पाँच पंक्तियों में दीजिए।
च) तर्कसंगतिकरण को पाँच पंक्तियों में परिभाषित कीजिए।

 बोध प्रश्नों के उत्तर
बोध प्रश्न 1
प) क) सही ख) गलत ग) सही घ) गलत च) गलत
पप) क) पुण्य और धर्म दोनों मनुष्य के बनाये हुए हैं। परन्तु वे मनुष्य से अधिक महत्वपूर्ण बनकर उसे संयत करते हैं।
ख) मार्क्स कहता है कि जब शोषण की वास्तविक परिस्थितियाँ नष्ट हो जायेंगी और कष्ट नहीं रहेगा तब धर्म का पतन होगा।
ग) पूर्वनियति के सिद्धांत के सामाजिक परिणाम इस प्रकार हैं:
प) व्यक्ति अकेला हो जाता है क्योंकि जादुई उपाय और मध्यस्ता करने वाला कोई नहीं होता है।
पप) काम अपने में लक्ष्य बन जाता है। प्यूरिटन को ईश्वर की महिमा के लिये काम करना पड़ता है।
पपप) मोक्ष की निश्चितता को साबित करने के लिये कठोर परिश्रम और आत्म नियंत्रण करना पड़ता है।
पअ) जब प्यूरिटन पैसा कमाकर भी ऐश नहीं करता है तब पूँजी एकत्रित होती है जिसका उत्पादन में पुनः निवेश किया जा सकता है।
घ) लूथर के अनुसार पेशा/व्यवसाय का अर्थ यह है कि व्यक्ति को ईश्वर द्वारा दिये गये अपने सामाजिक स्थान को स्वीकार करना चाहिये। कैल्विन के अनुसार व्यक्ति को मेहनत और परिश्रम कर ईश्वर की महिमा की पूजा करनी चाहिये ।
च) तर्कसंगतिकरण में दो प्रक्रियाएँ साथ-साथ देखने को मिलती हैं।
प) जादुई विचारों और कार्यों का पतन
पप) ऐसी प्रक्रिया जिसके माध्यम से विचारों में गूढ़ क्रमबद्धता और स्वाभाविकता देखने को मिलती है। वेबर के अध्ययन का मूल तत्व तर्कसंगतिकरण है।

बोध प्रश्न 2
1) निम्नलिखित का मिलान कीजिए:
क) कार्ल मार्क्स प) ‘‘कार्य स्वर्ग है‘‘
ख) मैक्स वेबर पप) संयुक्त परिवार अपने को औद्योगिक क्षेत्र के अनुकूल बनाता है।
ग) मिल्टन सिंगर पप) उपनिवेशवाद के कारण हिंदू धर्म का पतन होगा।
घ) वीर शैववाद पअ) कर्म सिद्धांत विकास में रूकावट लाता है।
पप) निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखिये और निर्देशों का पालन कीजिए।
प) उत्तर इकाई में ही छिपे हैं
पप) उत्तर संक्षिप्त और सटीक हों
क) हिंदू धर्म के विषय में मार्क्स के विचार क्या थे? अपना उत्तर पाँच पंक्तियों में दीजिए।
ख) कर्म सिद्धांत का सामाजिक असर क्या रहा? अपना उत्तर पाँच पंक्तियों में दीजिए।
ग) क्या हिंदू धर्म संबंधित वेबर के विचारों का समर्थन किया जा सकता है। आपके अपने विचार क्या हैं? अपना उत्तर पाँच पंक्तियों में दीजिए।

बोध प्रश्न 2 उत्तर
1) क) पपप)
ख) पअ)
ग) पप)
घ) प)
पप) क) मार्क्स हिंदू धर्म को प्रकृति की पूजा मानता था। यह एक ठहरी हुई सामाजिक व्यवस्था का स्वाभाविक परिणाम था जो भारतीय ग्रामों पर आधारित थी।
ख) कर्म के सिद्धांत के अनुसार व्यक्ति को अपना जाति धर्म ईमानदारी से निभाना चाहिये ताकि वह अगले जीवन में उच्च जाति में जन्म ले सकें। इससे व्यक्ति बेहतर व्यवसाय खोजने के लिये प्रेरित नहीं होता है।
ग) अनुभाग 10.5.3 को ध्यान से पढ़े और हिंदू धर्म पर वेबर के विचारों के मद्देनजर अपने निजी विचार प्रकट करें।