पृथ्वी की संरचना कक्षा 10 अध्याय 15 structure of earth in hindi class 10 notes chapter 15

By   May 26, 2019

structure of earth in hindi class 10 notes chapter 15 , पृथ्वी की संरचना कक्षा 10 अध्याय 15 : यह पाठ कक्षा 10 वीं का पाठ 15 वाँ है जिसका नाम पृथ्वी की संरचना है जैसा कि इसके नाम से प्रतीत होता है कि इस पाठ में हम पृथ्वी की संरचना के बारे में विस्तार से अध्ययन करेंगे। इस अध्याय में पृथ्वी से सम्बन्धित आधारभूत जानकारी प्राप्त करेंगे जैसे पृथ्वी का घनत्व , सूर्य से इसकी दूरी आदि।

टॉपिक

  • पृथ्वी की उत्पत्ति व विकास
  • पृथ्वी की संरचना
  • पृथ्वी के ऊर्जा तंत्र
  • आंतरिक विवर्तनिक शक्तियाँ
  • ज्वालामुखी
  • भूकम्प
  • सुनामी
  • सृजनात्मक व विनाशक प्राकृतिक बल
  • बाह्य विवर्तनिक शक्तियाँ
  • अपक्षयण की शक्तियाँ
  • अपरदन की शक्तियां
  • बहती वायु की शक्ति
  • असमान वेग की हवाएँ
  • बहते पानी की शक्तिहिमनद
  • समुद्री धाराएँ

बहुचयनात्मक प्रश्न और उत्तर

प्रश्न 1 : पृथ्वी का नाम नहीं है ?

प्रश्न 2 : वर्तमान में भूपर्पटी का कितना प्रतिशत भाग जल से ढका है ?

प्रश्न 3 : पृथ्वी में सर्वाधिक मात्रा में पाए जाने वाला तत्व है ?

प्रश्न 4 : हरप्पा संस्कृति का सबसे बड़ा बंदरगाह शहर किस स्थान पर खोजा गया है ?

प्रश्न 5 : ज्वार भाटा आने का कारण है ?

अतिलघुरात्मक प्रश्न तथा उत्तर

प्रश्न 6 : पृथ्वी पर सूर्य के उत्तरायण दक्षिणायन का क्या कारण है ?

प्रश्न 7 : भूकंप नापने की इकाई क्या है ?

प्रश्न 8 : विवर्तनिक प्लेटें कहाँ पायी जाती है ?

प्रश्न 9 : सुनामी का कारण क्या होता है ?

प्रश्न 10 : केंद्र पर वायुदाब कम हो जाने के कारण कैसी हवाएँ उत्पन्न होती है ?

लघुरात्मक प्रश्न एवं उत्तर

प्रश्न 11 : किसी स्थान पर 7 रिक्टर के भूकंप आने के बाद की स्थिति कैसी होगी ?

प्रश्न 12 : समुद्री धाराएँ क्या होती है ?

प्रश्न 13 : अपक्षयण की शक्तियों का कृषि में क्या लाभ है ?

प्रश्न 14 : अपक्षयण में मदद करने वाले चार कारण लिखिए।

प्रश्न 15 : चन्द्रमा की उत्पत्ति कैसे हुई होगी ?

निबंधात्मक प्रश्न एवं उनके उत्तर

प्रश्न 16 : पृथ्वी की आन्तरिक संरचना को समझाइये , नामांकित चित्र भी बनाइये।

प्रश्न 17 : पृथ्वी की आंतरिक विवर्तनिक शक्तियों का क्या अर्थ है ? किन्ही दो का वर्णन करिए।

प्रश्न 18 : अपरदन का क्या अर्थ है ? दो प्रकार की अपरदन शक्तियों का मानव जीवन में महत्व बताइए।

महत्वपूर्ण बिंदु या पृथ्वी की संरचना पाठ का सारांश

  • पृथ्वी का जन्म कैसे हुआ अर्थात इसका निर्माण कैसे हुआ इस तथ्य पर वैज्ञानिक कई वर्षो से काम कर रहे है और विभिन्न प्रकार के प्रयोगों और वैज्ञानिको के द्वारा प्राप्त किये गए विभिन्न प्रकार के प्रमाणों के आधार पर यह अनुमान लगाया जाता है कि पृथ्वी का जन्म अर्थात निर्माण लगभग 4.5 अरब साल पहले सौर नेबुला से हुआ था।
  • जब पृथ्वी सूर्य से अलग हुई होगी उस समय पृथ्वी का तापमान बहुत अधिक हुआ होगा और यह पृथ्वी इस अत्यधिक ताप के कारण एक उबलते हुए गोले के समान थी और कई सालो तक इस पृथ्वी का अधिकांश भाग इस अत्यधिक ताप के कारण तरल के रूप में होगा और जैसे जैसे समय गुजरता गया होगा वैसे वैसे यह पृथ्वी ठंडी होती गयी होगी।
  • पृथ्वी की संरचना परतो के रूप में होती है और इस पृथ्वी के केंद्र से पृथ्वी की सतह के बीच की दूरी लगभग 3900 किलोमीटर मानी जाती है। पृथ्वी की ऊपर वाली सतह जिसे भूपर्पटी भी कहते है वह ठोस परत होती है , अजब पृथ्वी समय के साथ साथ ठंडी होती गयी वैसे वैसे पृथ्वी की उपरी सतह या भूपर्पटी ठन्डी होकर चट्टान का रूप लेती गयी इन विशाल चट्टान के खंडो को विवर्तनिक प्लेटे कहा जाता है।
  • पृथ्वी के अन्दर हलचल होती रहती है और इस हलचल के कारण धरती हिलती रहती है और यह भू पटल को फोड़कर धुआं , राख , वाष्प और गैस के रूप में बाहर निकलने लगती है और कभी कभी ऐसा होता है कि पृथ्वी के अन्दर अधिक गर्म चट्टाने पिघलकर लावा के रूप में बाहर निकलती रहती है जिसे हम ज्वालामुखी कहते है।