स्पेक्ट्रोस्कोपी , आण्विक ऊर्जा के प्रकार या बोर्न ओपन हीमर सन्निकटन , बैण्ड स्पेक्ट्रम ,

spectroscopy (स्पेक्ट्रोस्कोपी) : किसी अज्ञात संरचना वाले कार्बनिक अथवा अकार्बनिक यौगिक का स्पेक्ट्रम प्राप्त कर उसका विश्लेषण करके यौगिक की संरचना ज्ञात करने की तकनिक को स्पेक्ट्रोस्कोपी कहते है।
spectrum (स्पेक्ट्रम) : यौगिक द्वारा विद्युत चुम्बकीय विकिरणों के अवशोषण अथवा उत्सर्जन बैण्ड प्राप्त होते है , जिन्हें स्पेक्ट्रम कहते है।
स्पेक्ट्रोस्कोपी में पदार्थ की विद्युत चुम्बकीय विकिरणों के साथ अन्त: क्रिया होना आवश्यक होता है।
स्पेक्ट्रम दो प्रकार का हो सकता है
1. रेखिक (atom)
2. आण्विक (molecule)
आण्विक ऊर्जा के प्रकार या बोर्न ओपन हीमर सन्निकटन (born oppenheimer approximation in hindi)
अणु (गैस , द्रव) विभिन्न प्रकार की ऊर्जाए रखता है , जो निम्न लिखित है –
1. इलेक्ट्रॉनिक ऊर्जा (electronic energy) : अणु में विभिन्न ऊर्जा स्तरों में उपस्थित electron से सम्बंधित ऊर्जा को इलेक्ट्रॉनिक उर्जा कहते है।
यह ऊर्जा अणुओ में अलग अलग electron की व्यवस्था के कारण होती है।
2. कम्पन्न ऊर्जा (vibrational energy ) : यह ऊर्जा अणु में स्थित परमाणुओ के एक दूसरे के सापेक्ष कंपन्न के कारण होती है।
3. घूर्णन ऊर्जा (rotational energy) : यह ऊर्जा अणु के पूर्ण घूर्णन के कारण होती है।
4. स्थानान्तरण ऊर्जा (translational energy ) : यह ऊर्जा अणु की स्थानांतरण गति के कारण होती है।
बोर्न ओपन हीमर सन्निकटन के अनुसार किसी अणु की ये विभिन्न उर्जायें एक दूसरे से स्वतंत्र होती है एवं अणु की कुल ऊर्जा इन सभी ऊर्जाओ का योग होती है।
कुल ऊर्जा = इलेक्ट्रॉनिक ऊर्जा + कम्पन्न ऊर्जा + घूर्णन ऊर्जा + स्थानान्तरण ऊर्जा
इसे बोर्न ओपन हीमर सन्निकटन समीकरण कहते है।

बैण्ड स्पेक्ट्रम का वर्गीकरण

1. घूर्णन स्पेक्ट्रम : पदार्थ को दी गयी ऊर्जा यदि अणु में घूर्णन उत्पन्न करती है तो घूर्णन स्पेक्ट्रम प्राप्त होती है।
अणु के घूर्णन स्तरों में संक्रमण के लिए सबसे कम ऊर्जा की आवश्यकता होती है।
घूर्णन स्पेक्ट्रम शुद्ध होते है अत: इनमें बैण्ड स्पेक्ट्रम न होकर रेखीय स्पेक्ट्रम मिलता है।
2. कम्पन्न घूर्णन स्पेक्ट्रम : कम्पन्न ऊर्जा स्तरों में संक्रमण के साथ साथ घूर्णन संक्रमण भी होते है , अत: कम्पन्न स्पेक्ट्रम कभी भी शुद्ध नहीं होते है , इस कारण इन्हें कम्पन्न घूर्णन स्पेक्ट्रम कहते है।
इस संक्रमण के लिए आवश्यक ऊर्जा अवरक्त क्षेत्र (IR region) से अवशोषित होती है।
3. इलेक्ट्रॉनिक स्पेक्ट्रम : अणु में electrons के एक ऊर्जा स्तर से दूसरे उर्जा स्तर में संक्रमण से प्राप्त स्पेक्ट्रम इलेक्ट्रॉनिक स्पेक्ट्रम कहलाते है।
इनके लिए आवश्यक उर्जा U.V व दृश्य क्षेत्र से प्राप्त होती है।
स्वतंत्रता की कोटि (degree of freedom) : किसी कण अथवा वस्तु की सम्पूर्ण स्थिति निर्धारित करने के लिए आवश्यक निर्देशांको की संख्या को उस कण की स्वतंत्रता की कोटि कहते है।

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