लोटनी गति : क्षैतिज तल व आनत तल पर लौटनी गति क्या है , किसे कहते है , सूत्र (rolling motion in hindi)

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(rolling motion in hindi) लोटनी गति : क्षैतिज तल व आनत तल पर लौटनी गति क्या है , किसे कहते है , सूत्र : वाहन में लगे पहिये की गति हमने देखी है , वाहन का पहिया अपनी अक्ष के परित: घूमता रहता है और अपनी अक्ष के चारों तरफ घूमता हुआ आगे या पीछे की तरफ अर्थात रेखीय गति भी करता है , यह लोटनी गति का उदाहरण है।
परिभाषा : जब कोई वस्तु अपनी अक्ष के परित: घूर्णन गति के साथ साथ रेखीय गति भी करती है तो वस्तु की ऐसी गति को लौटनी गति कहते है।
अन्य उदाहरण : बस , कार आदि के पहिये की गति।

लोटनी गति , घूर्णन गति और रेखीय गति (स्थानान्तरीय गति) का मिला हुआ रूप है जिसमे कण दोनों प्रकार की गति एक साथ करता है।

क्षैतिज तल पर लोटनी गति (rolling motion on horizontal plane)

माना किसी क्षैतिज पर कोई पिण्ड लोटनी गति कर रहा है , इस पिण्ड का भार m है यह Vcm वेग से रेखीय गति कर रहा है तथा इसका घूर्णन गति का कोणीय वेग w है तो पिण्ड में विद्यमान कुल गतिज ऊर्जा दोनों प्रकार की गतियों के कारण होगी , अर्थात पिण्ड में गतिज ऊर्जा घूर्णन गति और स्थानान्तरीय गति दोनों के कारण होगी।

पिंड में गतिज ऊर्जा का मान –
गतिज ऊर्जा = स्थानान्तरीय गतिज ऊर्जा + घूर्णन गतिज ऊर्जा

यहाँ K = लोटनी गति कर रहे पिण्ड की कुल गतिज ऊर्जा का मान।
m = पिंड का द्रव्यमान
Vcm = रेखीय वेग
I = पिण्ड का जड़त्व आघूर्ण
w = कोणीय वेग

आनत तल पर लोटनी गति (rolling motion on inclined plane)

जब कोई तल किसी कोण पर झुका हुआ होता है तो ऐसे तल को आनत तल कहते है , यहाँ एक आनत तल दिखाया हुआ है जो θ कोण पर झुका हुआ है –
जब कोई पिण्ड किसी झुके हुए तल (आनत तल) से लौटनी गति करता है तो पिण्ड की ऐसी गति को आनत तल पर लोटनी गति कहते है।
माना पिण्ड आनत पर पर h ऊँचाई से छोड़ा जाता है , पिंड का द्रव्यमान m , त्रिज्या R है जो θ कोण पर झुकी आनत पर छोड़ा जा रहा है तो h ऊँचाई पर पिण्ड की स्थितिज ऊर्जा , पिंड की घूर्णन उर्जा और रेखीय गतिज ऊर्जा के योग के बराबर होगी।
पिण्ड की h ऊंचाई पर स्थितिज ऊर्जा = घूर्णन गतिज ऊर्जा + रेखीय गतिज ऊर्जा