ऋचा किसे कहते है ? ऋग्वेद में ऋचा की परिभाषा क्या है अर्थ मतलब richa in rigveda in hindi definition

By   May 30, 2021

richa in rigveda in hindi definition meaning ऋचा किसे कहते है ? ऋग्वेद में ऋचा की परिभाषा क्या है अर्थ मतलब ?

प्रश्न: ऋचा
उत्तर: वैदिक काल में जो मंत्र गाकर के पढ़े जाते थे ‘ऋचा‘ कहलाते थे। लोपामुद्रा, घोषा, शची, पौलोमी तथा कामावति पांच विदुषी महिलाओं ने ऋग्वेद की ऋचाओं की रचना की थी।

अतिलघूत्तरात्मक प्रश्नोत्तर
प्रश्न: वेद का अर्थ एवं प्रमुख वेदों का नाम बताइए।
उत्तर: वेद का अर्थ ‘ज्ञान‘ अथवा ‘जानना‘ है जो नैतिक एवं भौतिक व्यवस्था का ज्ञान कराते हैं। वेद चार हैं – ऋग्वेद, सामवेद, यर्जुवेद एवं अथर्ववेद।
प्रश्न: सबसे प्राचीन वेद कौनसा है? इसमें कितने मण्डल है? किस सूक्त में वर्णों की उत्पत्ति का उल्लेख है?
उत्तर: सबसे प्राचीन वेद ऋग्वेद है। इसमें 10 मण्डल है। 10वें मण्डल के पुरुष सुक्त में चारों वर्णों की उत्पत्ति उल्लेखित है।
प्रश्न: श्रुति/संहिता
उत्तर: चारों वेदों को संहिता भी कहा जाता है तथा परम्परा से मौखिक उच्चारण करने के कारण इन्हें श्रुति कहा गया। प्रारम्भिक तीनों (ऋग्वेद, सामवेद व अथर्ववेद) वेदों को त्रयी कहा जाता है।
प्रश्न: ऋग्वेद
उत्तर: इसे ऋक् संहिता भी कहा जाता है। ऋक् का शाब्दिक अर्थ है ‘‘छन्दों व चरणों से युक्त देवताओं की स्तुति के मंत्र।‘‘ वेदों में सबसे प्राचीन वेद ऋग्वेद को माना गया है। यह भारत का उपलब्ध प्राचीनतम साहित्य है। इसमें भारत की 1500 ई.पू.-1000 ई.पू. की राजनीतिक, सामाजिक, धार्मिक एवं आर्थिक जानकारी मिलती है।
प्रश्न: आयुर्वेद
उत्तर: आयुर्वेद का जन्मदाता प्रजापति (ब्रह्मा) है तथा, इसके आठ भाग हैं – शल्य, शाकल्य, काय-चिकित्सा, भूतविद्या, कुमार, भृत्य, अगदतंत्र, रसायन और वाजीकरण।
प्रश्न: चारों वेदों के उपवेद उनके विषय एवं उनके प्रणेताओं के बारे में बताइए।
उत्तर: चारों वेदों के उपवेद निम्नलिखित हैं
ऋग्वेद – आयुर्वेद (चिकित्सा) (प्रणेता-ब्रह्म)
यजुर्वेद – धनुर्वेद (युद्ध कला) (प्रणेता-विश्वामित्र)
सामवेद – गन्धर्ववेद (संगीत कला) (प्रणेता-नारद)
अथर्ववेद – शिल्पवेद. (भवन निर्माण कला) (प्रणेता-विश्वकर्मा)
प्रश्न: स्मृति/धर्मशास्त्र से आप क्या समझते हैं?
उत्तर: सामाजिक, धार्मिक, आर्थिक व्यवस्था पर प्रकाश डालने वाले प्राचीन हिन्दू ग्रन्थ धर्मशास्त्र हैं। प्राचीनतम स्मति मनस्मति विश्व का सबसे प्राचीन लिखित कानूनी ग्रन्थ है जो हिन्दू विधि का आधार है। इसकी रचना शुंग काल में हुई।
प्रश्न: नाराशांसी साहित्य से आप क्या समझते हैं?
उत्तर: राजाओं एवं ऋषियों के स्तुतिपरक गीतों का संकलन नाराशांसी साहित्य के अन्तर्गत रखा गया है।

प्रश्न: अर्थववेद में वर्णित विविध विषयों का नामोल्लेख कीजिए।
उत्तर: अर्थववेद में वर्णित विविध विषय हैं – राजभक्ति, विवाह, प्रणयगीत, रोगनिवारण, औषधि, ब्रह्मज्ञान, शत्रुदमन, ही सामाजिक नैतिकता, चिकित्सा, तंत्र-मंत्र, जादू-टोना आदि का उल्लेख मिलता है।
प्रश्न: त्रयी
उत्तर: वैदिक पद्य को ऋचा, गद्य को गजुष और गेय पद को साम कहते हैं। इन्हीं रूपों के कारण प्रथम तीन वेद (ऋग्वेद सामवेद व युर्जवेद) सामवेद व यर्जुवेद) त्रयी कहलाते हैं।
प्रश्न: ब्राह्मण
उत्तर: वेदों की सरल व्याख्या कर यज्ञों के विषयों का प्रतिपादन करने वाले विधि प्रधान ग्रंथ ब्राह्मण कहलाये।
प्रश्न: अरण्यक
उत्तर: एकांत वन में पढ़े जाने वाले ग्रंथ अरण्यक कहलाये। ये कोरे यज्ञवाद के स्थान पर चिंतनशील ज्ञान के पक्ष को अधिक महत्व देते हैं। इनकी संख्या 7 है:- एतरेय, तैतिरीय, शांखायन, मैत्रायणी, माध्यन्दिन, ब्रवृहदारण्यक, तल्वकार, छान्दोग्य।
प्रश्न: उपनिषद् का शाब्दिक अर्थ क्या हैं ? उपनिषद् काल की उस महिला का नाम बताइये, जिसने याज्ञवल्यक के साथ दार्शनिक वाद-विवाद किया ?
उत्तर: उपनिषद् का शाब्दिक अर्थ है ‘गुरु के पास बैठकर शिक्षा (ज्ञान)‘ लेना। उपनिषद् काल में प्रसिद्ध महिला गार्गी थी जिसने याज्ञवल्यक के साथ दार्शनिक वाद-विवाद किया था।
प्रश्न: प्रमुख वैदिक उपनिषदों के नाम बताइये।
उत्तर: प्रमुख वैदिक उपनिषद् हैं-ईशोपनिषद्, केनोपनिषद्, कठोपनिषद्, छान्दोग्योपनिषद, ऐतरेयोपनिषद्, तैत्तिरीयोपनिषद, मुण्डकोपनिषद प्रश्नोपनिषद्, माण्डुक्योपनिषद, वृहदारण्यकोपनिषद्, श्वेताश्वरोपनिषद्, कौवित कियोपनिषद् मैत्रायणियोपनिषद्।
प्रश्न: वेदांगों के नाम बताइये।
उत्तर: वेदांगों के नाम इस प्रकार हैं – शिक्षा, कल्प (श्रौत सूत्र, गृह सूत्र, धर्म सूत्र, शुल्व सूत्र), व्याकरण, निरूक्त, छन्द व ज्योतिष।
प्रश्न: व्याकरण
उत्तर: व्याकरण की सबसे प्रमुख रचना 5वीं शताब्दी ई.पू. में पाणिनीकृत अष्टाधायी है, जिसमें 8 अध्याय हैं। कात्यायन का वार्तिक, पातंजली का महाभाष्य, अमरसिंह का अमरकोष भी व्याकरण ग्रंथ हैं।
प्रश्न: किन्हीं दो महत्वपूर्ण स्मृतियों, सूत्रों व उनके लेखकों के नाम लिखिए।
उत्तर: स्मृतियों में मनु रचित मनुस्मृति तथा याज्ञवल्क्य रचित याज्ञवल्क्य स्मृति महत्वपूर्ण मानी जाती है। सूत्रों में गौतम का धर्म सूत्र तथा बौधायन का श्रौतसूत्र प्रसिद्ध हैं।