रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की स्थापना कब हुई थी ? reserve bank of india established in the year in hindi

By   March 29, 2021

reserve bank of india established in the year in hindi

प्रश्न : reserve bank of india ki sthapna kab hui , रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की स्थापना कब हुई थी ?

उत्तर : भारतीय रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया की स्थापना 1 April 1935 को कोलकाता में हुई थी | जब इसकी स्थापना 1 April 1935 को की गयी थी तब इसका मुख्यालय कोलकाता में रखा गया था लेकिन बाद में इसके मुख्यालय को 1937 में बम्बई में स्थानांतरित कर दिया गया था |
1 जनवरी 1949 को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया का राष्ट्रीकरण कर दिया गया अर्थात इस पर पूर्ण रूप से भारत सरकार का नियंत्रण स्थापित हो गया या यह भारत सरकार के अंतर्गत आ गया |

बाजार के रूप

पूर्ण प्रतियोगिता (perfect competition) : पूर्ण प्रतियोगिता उस बाजार को कहते है जिसमें असंख्य क्रेता और समरूप वस्तु के असंख्य विक्रेता होते है तथा वस्तु की कीमत का निर्धारण उद्योग द्वारा किया जाता है | बाजार में केवल एक ही कीमत प्रचलित होती है तथा सभी फर्मों को अपनी वस्तु इसी प्रचलित कीमत पर बेचनी होती है |
एकाधिकार (monopoly) : एकाधिकार उस बाजार को कहते है जिसमें वस्तु का केवल एक विक्रेता होता है तथा उसका वस्तु की कीमत पर पूर्ण नियंत्रण होता है |
एकाधिकारी प्रतियोगिता (monopolistic competition) : एकाधिकारी प्रतियोगिता बाजार की उस स्थिति को कहते है जिसमें विक्रेताओं की बड़ी संख्या विभेदीकृत वस्तुओं का क्रेताओं की बड़ी संख्या में विक्रय करती है | प्रत्येक फर्म का वस्तु की कीमत पर आंशिक नियंत्रित होता है |

भारतीय रिजर्व बैंक के उपकरण –

  1. बैंक रेट
  2. CRR (कैश रिजर्व रेश्यो)
  3. एसएलआर (statutory liquidity ratio)
  4. repo rate
  5. reverse repo rate

1 . बैंक दर (बैंक रेट) : वह ब्याज दर जिस पर RBI अनुसूचित बैंकों को दीर्घकालिक ऋण देती है अथवा वह दर जिस पर RBI प्रथम श्रेणी के बिलों की पुनः कटौती करती है | दीर्घकालीन लेनदेन प्राय: बिलों के माध्यम से होता है |

2. नगद आरक्षित अनुपात (CRR) : सभी अनुसूचित बैंकों की अपनी कुल जमाओं का एक निश्चित प्रतिशत RBI के पास जमा करवाना होता है इसे CRR कहते है |

3. सांविधिक तरलता अनुपात (SLR) : सभी अनुसूचित बैंक को अपनी कुल जमाओं का एक निश्चित प्रतिशत सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश |

4. रेपो दर (repo rate) : वह बाजार जिसमें धन विक्रेता एक निश्चित समय अन्तराल के बाद धन की पुनः खरीद का विकल्प अपने पास सुरक्षित रखता है | इसमें धन का क्रेता कुछ अपनी सम्पति गिरवी रखता है | भारत में रेपो बाजार के तहत केवल RBI तथा बैंकों के मध्य लेनदेन होता है | रेपो बाजार के तहत RBI और बैंकों के मध्य अल्पकालीन लेन देन होता है | वह ब्याज दर जिस पर RBI अनुसूचित बैंकों को अल्पकालीन ऋण देती है |

5. रिवर्स रेपो दर (reverse repo rate) : वह ब्याज दर जिस पर अनुसूचित बैंक अपने अतिरिक्त धन को अल्पकाल के लिए RBI के पास जमा कराती है | रेपो बाजार के तहत सरकारी प्रतिभूतियाँ गिरवी रखी जाती है | नरसिम्हन कमेटी की सिफारिशों के आधार पर भारत में रेपो बाजार को विकसित किया गया है |