रंग में भंग पड़ना मुहावरे का अर्थ या रंग में भंग पड़ना मुहावरे का वाक्य rang mein bhang padna sentence

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rang mein bhang padna sentence in hindi रंग में भंग पड़ना मुहावरे का अर्थ या रंग में भंग पड़ना मुहावरे का वाक्य मीनिंग हिंदी में क्या है ?

251. कान पर जूं न रेंगना (तनिक भी असर न पड़ना)- माता-पिता ने पुत्र को बहुत समझाया पर उसके कानों पर जूं तक न रेंगी।
252. मुँहतोड़ उत्तर देना (निरुत्तर कर देना, खरा उत्तर देना)- सुरेश का बड़ा भाई तो बड़ा मुँहफट है, उससे तो बात ही नहीं करनी चाहिए। हर बात पर मुँहतोड़ उत्तर देता है कि कहते नहीं बनता।
253. मुँह खुन लगना (चस्का लगना)- इस अफसर के मुँह खून लग गया है, रिश्वत के बिना तो यह बात भी नहीं करता।
254. फीकी हँसी हँसना (जबरदस्ती हँसी मुँह पर लाना)- बहुत प्रयत्न करने पर दुखी माँ ने फीकी हँसी हँस तो दी, पर उसकी आँखों में तुरंत आँसू आ गए।
255. पत्थर का कलेजा होना (कठोर हृदय होना )-शैलेष तम्हारा तो बिल्कल ही पत्थर का कलेजा है जो बालक के इतना गिड़गिड़ाने पर भी नहीं पसीजता।
256. रंग में भंग पड़ना (खुशी में बाधा पड़ना)- बड़े मजे का शतरंज का खेल चल रहा था पर बिजली फेल होने से रंग में भंग पड़ गया।
257. रँगा सियार होना (धोखा देने वाला)- आजकल साधु महात्मा के वेश में रँगा सियार होते हैं।
258. पाँचों अँगुलियाँ घी में होना (लाभ ही लाभ होना)- आजकल सीमेंट का व्यापार करने वालों की तो पाँचों अँगुलियाँ घी में है।
259. पानी फेरना (समाप्त कर देना)- बुरी संगति में पड़कर उसने अपने माता-पिता की आशाओं की पानी फेर दिया।
260. पाला पड़ना (वास्ता पड़ जाना)- किस मुर्ख से पाला पड़ा है, कितना ही समझा लो कुछ समझता ही नहीं।
261. अंधे की लाठी (एकमात्र सहारा)- श्रवण कुमार अपने माता-पिता की अंधे की लाठी था।
262. प्राण हथेली पर लिए फिरना (जान की परवाह न करना)- सरदार भगत सिंह सदैव प्राण हथेली पर लिए फिरते थे, वे अंग्रेजों से कभी नहीं घबराए।
263. पानी पानी होना (अत्यंत लज्जित होना)- जब मैंने उसे जुआ खेलते देखा तो वह पानी-पानी हो गया।
264. खरी-खोटी सुनाना (बुरे वचन कहना)- लक्ष्मण ने वन में भरत जी को बहुत खरी-खोटी सुनाई लेकिन बाद में वास्तविकता का पता लगने पर उन्हें बहुत पश्चाताप का बोध हुआ।
265. ताक मे रहना (मौका ढूँढते रहना)- जेबकतरे तो ताक में ही रहते हैं कि कब कोई मुर्गी फँसे और वे अपना काम करें।
266. ताँता बाँधना (लाइन लगना)- साक्षात्कार के लिए युवकों का ताँता बँधा हुआ था।
267. लोहा लेना (सामना करना)- भारतीय जवानों से लोहा लेना आसान काम नहीं है।
268. विष उगलना (कटु वचन कहना)- आजकल पाकिस्तान भारत के विरुद्ध बहुत विष उगल रहा है।
269. अंगारे उगलना (कोध में कठोर वचन बोलना)- बच्चों ने खेलते हुए लाला जी के घर का शीशा तोड़ डाला तो लाला जी अंगारे उगलने लगे।
270. खिसक जाना (चुपके से चले जाना)- जब राहुल को लगा कि उसकी चोरी पकड़ी जाने वाली है, तो वह चुपचाप खिसक गया।
271. खून को लावे में बदलना (अत्यंत उत्तेजित होना)- अपने सामने दुश्मनों को खड़े देख सैनिकों का खुन लावे में बदल गया।
272. पेट में दाढ़ी होना (बहुत चालाक होना)- उसे तुम भोला समझते हो उसके तो पेट में दाढ़ी है।
273. पेट में चूहे कूदना (भूख लगना)- अरे भैया, पहले मुझे खाना खा लेने दो, मेरे पेट में तो चूहे कूद रहे हैं।
274. मुँह दिखाने लायक न रहना (लज्जित होना)- बेटे की हरकत पर पिता इतना लज्जित हुए कि किसी को मुँह दिखाने लायक न रहे।
275. मक्खियाँ मारना (बेकार बैठना)- सारे दिन मक्खियाँ मारने से तो अच्छा है कि कोई काम सीख लो।
276. पैरो तले से जमीन निकल जाना (होश उड़ जाना)-अपने घर में आग लगने की खबर सुनकर उसके पैरों तले से जमीन खिसक गयी।
277. बगलें झाँकना (निरुत्तर हो जाना)- जब मास्टर जी ने सोमनाथ से कुछ प्रसन्न पुछे तो वह बगलें झाँकने लगा।
278. फूंक-फूंक कर कदम रखना (सोच समझकर कार्य करना)- एक बार हानि उठाने के बाद अब वह बहुत फूंक-फूंक कर कदम रखता है।
279. दौड़ धुप करना (कठिन परिश्रम करना)- पुलिस इतनी दौड़ धुप के बाद भी हत्यारे का पता नहीं लगा सकी।
280. दिमाग खरोंचना (बहुत सोच-विचार करना)- बहुत दिमाग खरोंचने पर भी मुझे मेरी समस्या का हल नहीं मिला।