Queue : Implementation With Linked List in c language in hindi , क्यु को लिंक लिस्ट के साथ use करना हिंदी में

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क्यु को लिंक लिस्ट के साथ use करना हिंदी में , Queue : Implementation With Linked List in c language in hindi :-
इससे पहले article मे , Queue के basic और implementation with array को पढ़ा |अब इस article मे , Queue implementation using linked list को पढेगे|सबसे पहले ,linked list से Queue को implement करने के लिए linked लिस्ट को पढना पड़ेगा |सबसे पहेले linked लिस्ट को बनाया जाता है :-
struct employee
{
int salary;
struct employee *address;
};
इस उदहारण मे , employee का structure है जो linked list के एक node को define करता है |जिसमे salary ,linked list का item field है |address linked list का address field है |
यहा पर address एक structure है जो front ,rear और nodes की सख्या को रखता है |इसलिए Queue को तीन तरह से पढ़ा जा सकता है |(i) count (ii)front (iii) rear |
किसी Queue with linked लिस्ट मे तीन node होते है |count node ,front और rear node को लिंक करता है |अतः किसी Queue का structure होता है :-
struct Queue
{
int *front;
int *rear;
int count;
};
किसी  linked लिस्ट को initial करना next काम होते है |अतः किसी Queue मे front = null ,rear=null और count =0 से initial करते है |जैसे
struct Queue
{
int *front=NULL;
int *rear=NULL;
int count=0;
};
जब Queue मे underflow और overfull किक condition को check किया जाता है |तब अगर rear की value null होती तब Queue empty होता है |अतः हम Queue के status को easily प्राप्त कर लेते है | इसलिए क़ुएउ के empty का प्रोग्राम है |
#include<conio.h>
#include<studio.h>
void is_empty( struct Queue);
struct employee
{
int salary;
struct employee *address;
}head;
struct Queue
{
int *front;
int *rear;
int count ;
}q1;
void main()
{
q1->front=NULL;
q1->front=NULL;
q1->front=NULL;
is_empty( q1);
getch();
}
void is_empty(Queue *q)
{
if(q->rear == NULL)
{
printf(“Queue is empty “);
}
else
{
printf(“Queue is not empty “);
}
}

इसके अलावा Queue मे data insert और data डिलीट का operation भी perform होता है |इसके algorithm और प्रोग्राम code नीचे है |

1.EnQueue
किसी Queue मे नए data को add करने के प्रोसेस को EnQueue कहते है |इसके अलोरिथ्म होती है :-
1.सबसे पहले एक node variable  declare किया जाता है |जिसका नाम ‘t’ होता है |
2.इस variable मे dynamic memory allocation से allocate memory के address assign होता है |
3.उसके बाद , इस variable के item field मे data को assign किया जाता है |
4.फिर  condition check की जाती है |
5.अगर Queue empty होती है तब दोनों pointer front और rear ,इस variable ‘t’ को point करते है |
अन्यथा Queue के rear pointer इस new variable ‘t’ को point करेगा |और इस नए variable को rear बना देते है |
6.counter variable ‘c’ मे increment हो जाता है |

2.DeQueue
इस operation मे ,front से data को डिलीट करते है और value को return करते है |इसके लिए नया front node ,current node के अगले वाले node को point करेगा |लेकिन येसा करने पर current node को access नहीं कर सकते है |इसलिए सबसे पहेले , एक temperory node को declare किया जाता है |जिसमे current node के address को store किया जाता है |बाद मे इसे free() function से डिलीट कर दिया जाता है |
1.Temporary node को बनाया जाता है |
2. ये Temporary node  , Queue के front node को point करता है |
3. Temporary node के item feild मे store data को variable मे store कर दी जाती है |
4.इसके बाद front pointer ,current node से next node को point करता है |
5.Temporary node को डिलीट  कर देते है |

Source Code :

#include <stdio.h>
#include <stdlib.h>
#include<conio.h>
#define SIZE 10
void initialize(queue *q1);
int is_empty(queue *q1);
void enqueue(queue *q1, int value);
int dequeue(queue *q1);
void display(employee *h);
struct employee
{
int salary;
struct employee *next;
}employee;

struct queue
{
int count;
employee *front;
employee *rear;
}queue;

int main()
{
queue *q1;
q1 = malloc(sizeof(queue));
initialize(q1);
enqueue(queue *q1, 120);
enqueue(queue *q1, 230);
enqueue(queue *q1, 345);
enqueue(queue *q1, 255);
printf(“queue before delete operation \n”);
display(q1->front);
dequeue(q1);
printf(“queue after delete operation\n”);
display(q1->front);
getch();
}

void initialize(queue *q1)
{
q1->count = 0;
q1->front = NULL;
q1->rear = NULL;
}

int is_empty(queue *q1)
{
return (q1->rear == NULL);
}

void enqueue(queue *q1, int value)
{
if (q1->count < SIZE)
{
employee *t;
t = malloc(sizeof(employee));
t->salary = value;
t->next = NULL;
if(!isempty(q1))
{
q1->rear->next = t;
q1->rear = t;
}
else
{
q1->front = q1->rear = t;
}
q1->count++;
}
else
{
printf(“List is full\n”);
}
}

int dequeue(queue *q1)
{
employee *t;
int n = q1->front->salary;
t = q1->front;
q1->front = q1->front->next;
q1->count–;
free(t);
return(n);
}

void display(employee *h)
{
if(h == NULL)
{
printf(“NULL\n”);
}
else
{
printf(“%d\n”, h -> salary);
display(h->next);
}
}

इस प्रोग्राम मे , पांच function को use किया गया है :-
void initialize(queue *q1): इस function का use ,queue के तीन element front ,rear और count को initial करने के लिए किया गया है |
int is_empty(queue *q1): इस function से ,queue के emptyness को check किया गया है |अगर queue empty है तब null value return होगी |
void enqueue(queue *q1, int value): इससे queue मे data को add किया गया है |
int dequeue(queue *q1): इससे queue मे data को डिलीट किया गया है |
void display(employee *h): इस function का use ,queue के सभी data को display करने के लिए किया जाता |

main() मे ,
enqueue(queue *q1, 120); इस statement से , queue के front position पर 120 insert होगी |
enqueue(queue *q1, 230); इस statement से , queue के front position पर 230 insert होगी |
enqueue(queue *q1, 345); इस statement से , queue के front position पर 345 insert होगी |
enqueue(queue *q1, 255); इस statement से , queue के front position पर 255 insert होगी |

आउटपुट होगा :-
queue before delete operation
120
230
345
255
queue after delete operation
230
345
255