पदार्थों का शुद्धिकरण (purification of matter in hindi)

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(purification of matter in hindi) पदार्थों का शुद्धिकरण : जब इसी पदार्थ को प्रकृति से प्राप्त किया जाता है तो ये पूर्ण रूप से शुद्ध नहीं होते है अर्थात उनमें कुछ न कुछ अशुद्धियाँ मिली हुई रहती है जिन्हें दूर करना आवश्यक होता है।

प्राचीन काल से ही हम विभिन्न रासायनिक पदार्थो में से अशुद्धियो को दूर करने के लिए विभिन्न प्रकार के तरीके या विधियाँ काम में लेते है ताकि हम हमारे जीवन को और सुविधाजनक बना सके।
जैसे विभिन्न प्रकार की धातुओं को जब खानों आदि में निकाला जाता है तो उनमे कुछ अनचाहे पदार्थ मिले हुए रहते है जिन्हें दूर करना आवश्यक होता है और इस प्रकार विभिन्न विधियों द्वारा पदार्थो में से अनचाहे पदार्थो को अलग करना ही पदार्थों का शुद्धिकरण कहलाता है।
जैसे मान लीजिये कि किसी खनिज से हमने लोहा अयस्क प्राप्त किया है , हम जानते है कि इसमें कई प्रकार के अशुद्ध पदार्थ मिले हुए है और हमारे लिए आवश्यक पदार्थ शुद्ध लोहा होता है इसलिए हम उन अशुद्धियो को रासायनिक विधियों द्वारा हटा देंगे और शुद्ध लोहा धातु प्राप्त कर लेंगे जिसे हम लोहा अयस्क का शुद्धिकरण कहेंगे।
शुद्धिकरण ठीक वही प्रक्रिया है जिसमें हम गेहूं में से कंकड़ को निकालकर बाहर फेंक देते है और गेहू को शुद्ध अवस्था में प्राप्त करते है .
हम यहाँ पदार्थो के शुद्धिकरण के लिए विभिन्न विधियों का अध्ययन करेंगे –
  1. निस्यंदन (filtration)
  2. उर्ध्वपातन (sublimation)
  3. क्रिस्टलीकरण (crystallisation)
  4. विभेदी निष्कर्षण (differential)
  5. आसवन (distillation)
  6. प्रभाजी आसवन (fractional distillation)
आपको जिस विधि के बारे में विस्तार से अध्ययन करना है आप उस विधि पर क्लिक करके पढ़ सकते है।

पदार्थों के शुद्धिकरण के कारण

किसी भी पदार्थ या मिश्रण के शुद्धिकरण के दो मुख्य कारण हो सकते है –
1. पहला कारण तो यह हो सकता है कि कभी मिश्रण में कुछ ऐसे पदार्थ होते है जिनकी आवश्यकता नहीं होती है लेकिन वे उस मिश्रण में उपस्थित रहते है , चूँकि ये अनावश्यक है इसलिए इनको उस मिश्रण में से हटाना आवश्यक होता है।
उदाहरण : जैसे कि जब एक कृत्रिम दवाई बनाई जाती है तो इसमें कई प्रकार के यौगिक उपस्थित रहते है और ये सभी यौगिक एक निश्चित अनुपात में होते है , अब मान लीजिये कि इस कृत्रिम दवाई में से किसी एक यौगिक को हटाना पड़े तो हम किसी न किसी रासायनिक विधि द्वारा उसको हटा सकते है और इसके लिए हम पदार्थो का शुद्धिकरण विधि को काम में लेंगे , दवाई में से कभी कभी यौगिक को हटाना इसलिए भी आवश्यक होता है क्यूंकि हो सकता है वह पदार्थ शरीर के लिए नुकसान दायक हो इसलिए उस मिश्रण दवाई में से उस एक हानिकारक यौगिक को हटाना आवश्यक होता है।
2. दूसरा कारण यह हो सकता है कि जब हम किसी चीज को प्राकृतिक रूप से प्राप्त करते है तो इसमें कुछ अशुद्ध चीजे भी घुली हुई रहती है और चूँकि हमें केवल शुद्ध चीज की आवश्यकता होती है इसलिए इन अशुद्ध चीजो को अलग करना आवश्यक होता है।
जैसे : जब सोना प्राप्त किया जाता है तो इसमें कुछ अन्य धातु मिश्रित होती है और चूँकि हमें केवाल्स शुद्ध सोने की आवश्यकता होती है इसलिए हम इसमें घुली हुई अन्य अशुद्धियो को हटा देते है। अर्थात उसका शुद्धिकरण कहते है।
ऊपर हमने छ: विधियों का नाम लिखा है जिनको प्राय हम पदार्थो के शुद्धिकरण में काम लेते है।