अवस्था परिवर्तन क्या है , परिभाषा , उदाहरण (phase change in hindi)

(phase change in hindi) अवस्था परिवर्तन क्या है , परिभाषा , उदाहरण : पृथ्वी पर कोई भी पदार्थ तीन अवस्थाओं में रह सकता है ठोस , द्रव तथा गैस। और इन अवस्थाओं में से पदार्थ अन्य अवस्था में परिवर्तित होता है ये अवस्था परिवर्तन निम्न में से कुछ भी हो सकते है गलन , हिमीकरण , वाष्पन , द्रवीकरण , क्वथन , पुनर्हिमापन , उर्ध्वपातन आदि।

वैसे देखा जाए तो पदार्थ की चार अवस्थाएं होती है प्लाज्मा , ठोस , द्रव और गैस लेकिन अधिकतर पदार्थ तीन अवस्थाओं में ही पाए जाते है ठोस , द्रव और गैस।

जब कोई पदार्थ इन तीनों अवस्थाओं से किसी अन्य किसी अवस्था में बदलता है तो पदार्थ की इस अवस्था परिवर्तन को सामान्यत: अवस्था परिवर्तन कहते है।

जैसे जब किसी ठोस को गर्म किया जाता है तो बहुत अधिक देर तक उच्च ताप पर गर्म करने पर यह ठोस से द्रव में परिवर्तित होता है अत: यह ठोस पदार्थ की अवस्था परिवर्तन है , ठीक ऐसे ही जब द्रव को और अधिक गर्म किया जाता है तो यह वाष्प अवस्था में परिवर्तित होने लगता है , इसे द्रव की अवस्था परिवर्तन कहते है। ऐसे ही जब कोई पदार्थ अपनी अवस्था से दूसरी अवस्था को ग्रहण करता है तो इस प्रक्रिया को अवस्था परिवर्तन कहते है।

प्रकृति में पाया जाने वाला हर पदार्थ अपनी अवस्था परिवर्तित कर सकता है इसके लिए इसे प्रयाप्त मात्रा में ताप , दाब , ऊर्जा की आवश्यकता होती है , अगर इनको आवश्यकता पूर्ण हो जाती है तो यह अपनी अवस्था में परिवर्तित कर लेता है और नयी अवस्था को ग्रहण कर लेता है।

पदार्थ ऊष्मा त्यागकर भी अपनी अवस्था में परिवर्तन कर सकते है जैसे जब कोई जल ऊष्मा त्यागता है तो यह जल से बर्फ में बदल जाता है अर्थात द्रव , ठोस अवस्था में परिवर्तित हो जाता है।

गलन : इसमें ठोस अपनी ठोस अवस्था से द्रव अवस्था में परिवर्तित होते है। , बर्फ का पिघलना।

हिमीकरण : इसमें द्रव अपनी द्रव अवस्था से ठोस अवस्था में परिवर्तित होते है , पानी का जमना।

द्रवीकरण : वाष्प का द्रव अवस्था में परिवर्तन होना।

वाष्पन : द्रव का वाष्प अवस्था में परिवर्तन।

उर्ध्वपातन : किसी ठोस का सीधे ठोस अवस्था से वाष्प अवस्था में परिवर्तन होना।

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