ऑक्साइड (oxides in hindi) , साधारण ऑक्साइड , मिश्रित आक्साइड , क्षारीय , अम्लीय , उदासीन ,उभयधर्मी ऑक्साइड

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(oxides in hindi) साधारण ऑक्साइड , मिश्रित आक्साइड , क्षारीय , अम्लीय , उदासीन ,उभयधर्मी ऑक्साइड  , ऑक्साइड : हम यहाँ पर यौगिकों की प्रकृति और गुणों के आधार पर ऑक्साइड के प्रकार के बारे में यहाँ विस्तार से अध्ययन करेंगे। ऑक्साइड एक यौगिक होता है जो ऑक्सीजन का किसी अन्य तत्व के साथ क्रिया करने के फलस्वरूप प्राप्त होता है।

बने यौगिक में ऑक्सीजन की मात्रा के अनुसार हम ऑक्साइड को दो भागो में बाँट सकते है , पहला साधारण ऑक्साइड और दूसरा मिश्रित ऑक्साइड।
हम यहाँ साधारण ऑक्साइड के बारे में विस्तार से अध्ययन करने वाले है।
धातुओं के ऑक्साइड सामान्य क्षारीय प्रकृति रखते है तथा अधातुओं के ऑक्साइड अम्लीय प्रकृति रखते है , कुछ ऑक्साइड ऐसे भी होते है जो अम्लीय और क्षारीय दोनों प्रकार के गुणों को प्रदर्शित करते है ऐसे ऑक्साइड को उभयधर्मी ऑक्साइड कहते है साथ ही कुछ ऑक्साइड उदासीन लक्षण वाले भी होते है , अब हम इन सब ऑक्साइड के बारे में विस्तार से अध्ययन करते है।
साधारण ऑक्साइड : जब कोई धातु अपनी सामान्य संयोजकता जितने ऑक्सीजन के परमाणु रखती है तो ऐसे बने ऑक्साइड को साधारण ऑक्साइड कहते है।
मिश्रित आक्साइड : जब दो साधारण ऑक्साइड मिलकर किसी एक नए ऑक्साइड का निर्माण करते है तो ऐसे बने ऑक्साइड को मिश्रित आक्साइड कहते है।
हम यहाँ साधारण ऑक्साइड के बारे में विस्तार से अध्ययन करते है –
साधारण ऑक्साइड को उनके रासायनिक व्यवहार आदि के आधार पर अम्लीय , क्षारीय , उभयधर्मी और उदासीन ऑक्साइड में वर्गीकृत किया गया है।

1. अम्लीय ऑक्साइड (Acidic Oxide)

वे ओक्साइड जो जल में घुलकर अम्ल बनाते है अम्लीय ऑक्साइड कहलाते है , अधातुएँ जैसे सल्फर , कार्बन , क्लोरिन आदि सामान्यता अम्लीय ऑक्साइड बनाते है।
जैसे SO2, CO2, SO3, Cl2O7, P2O5, and N2O5 आदि अम्लीय ऑक्साइड के उदाहरण है।
जिन धातुओं की ऑक्सीकरण अवस्था उच्च होती है वे भी अम्लीय ऑक्साइड बनाते है जैसे CrO3, Mn2O7, and V2O5 आदि।
अम्लीय ऑक्साइड को एसिड एनहाइड्राइड भी कहा जाता है क्यूंकि ये अम्ल निर्जलीकरण पर अम्लीय ऑक्साइड में परिवर्तित हो जाते है।
जब सल्फर डाइ ऑक्साइड , जल के साथ क्रिया करती है तो उत्पाद के रूप में सल्फ्यूरस अम्ल बनता है इसे निम्न अभिक्रिया द्वारा व्यक्त किया जाता है –
SO2     +     H2O      →     H2SO3

2. क्षारीय ऑक्साइड (Basic Oxide)

वे ऑक्साइड जो जल में घुलकर क्षार बनाते है उन्हें क्षारीय ऑक्साइड कहते है , मुख्यतः धातु के ऑक्साइड क्षारीय प्रकृति के होते है जैसे कैल्शियम , मैग्नीशियम आदि।
जैस क्षारीय ऑक्साइड Na2O, CaO, BaO आदि है।
क्षारीय ऑक्साइड को क्षारीय एनहाइड्राइड भी कहते है क्यूंकि ये क्षार के निर्जलीकरण द्वारा बनाये जा सकते है।
इनके बनने को निम्न क्रिया द्वारा समझा जा सकता है –
जब कैल्शियम ऑक्साइड की क्रिया जल के साथ की जाती है तो क्रिया के फलस्वरूप कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड बनता है जो कि एक क्षार ऑक्साइड है , यह क्रिया निम्न प्रकार संपन्न होती है –
CaO      +    H2O      →       Ca(OH)2

3. उभयधर्मी ऑक्साइड (Amphoteric Oxide)

कुछ ऑक्साइड ऐसे भी होते है जो क्षारीय और अम्लीय दोनों प्रकार के ऑक्साइड की तरह व्यवहार करते है , ऐसे ऑक्साइडो को ही उभयधर्मी ऑक्साइड कहते है।
वे तत्व जो धातु और अधातुओं के मध्य में आते है उनके द्वारा यह व्यवहार दर्शाया जाता है।
ये क्षार और अम्ल , दोनों के साथ क्रिया करते है।

4. उदासीन ऑक्साइड (Neutral Oxides)

वे ऑक्साइड जो न तो अम्ल होते है और न ही क्षार होते है , उदासीन ऑक्साइड कहलाते है।  अर्थात इस प्रकार के ऑक्साइड में अम्ल और क्षार दोनों में से किसी प्रकार का कोई गुण नही पाया जाता है।
ये कुछ अधातुओं के ऑक्साइड द्वारा प्रदर्शित किया जाता है।
उदाहरण : NO, CO आदि।