नार्मलता : नॉर्मलता क्या है , परिभाषा , नार्मलता का सूत्र या फार्मूला , किसे कहते है (normality in chemistry in hindi)

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(normality in chemistry in hindi) नार्मलता : नॉर्मलता क्या है , परिभाषा , नार्मलता का सूत्र या फार्मूला , किसे कहते है : इसके द्वारा भी किसी विलयन की सांद्रता को प्रदर्शित किया जाता है , नार्मलता बताता है कि एक लीटर विलयन में विलेय का भार घुला हुआ है। जब किसी विलयन के परमाणु भार और विलयन का आयतन ज्ञात हो तो उस विलयन के लिए हम नार्मलता की गणना आसानी से कर सकते है। जब कोई विलयन विलेय तथा विलायक की समान मात्रा द्वारा बना हुआ हो तो ऐसे विलयन को संतृप्त विलयन कहा जाता है।
नार्मलता की परिभाषा “एक लीटर विलयन में घुली हुई विलेय की ग्राम में तुल्यांक की संख्या को उस विलयन की नार्मलता कहते है। ”
नॉर्मलता या नार्मलता को N से प्रदर्शित किया जाता है।

नार्मलता का सूत्र (formula of normality ) –

जैसा हमने परिभाषा में पढ़ा कि विलेय की ग्राम तुल्यांक में वह संख्या जो एक लीटर विलयन में घुली हुई रहती है उसे नार्मलता कहते है , इसलिए इसका फार्मूला निम्न होगा –
नार्मलता = विलेय पदार्थ की ग्राम तुल्यांक में संख्या /विलयन का आयतन लीटर में
चूँकि हम जानते है कि –
पदार्थ का ग्राम तुल्यांक = पदार्थ का ग्राम में द्रव्यमान /पदार्थ का ग्राम तुल्यांक द्रव्यमान
अत: इस प्रकार विलेय पदार्थ का ग्राम तुल्यांक का मान ज्ञात करके इसको विलयन के कुल आयतन द्वारा विभाजित किया जाता है जिससे विलयन की नार्मलता का मान प्राप्त हो जाता है जैसे सूत्र में बताया गया है।
नार्मलता (नोर्मलिटी) का सूत्र (अंग्रेजी में)

अलग अलग नार्मलता वाले विलयन को भिन्न भिन्न नामों से जाना जाता है जो निम्न प्रकार है –
N = नार्मलता विलयन
N/2 = सेमीनार्मल विलयन
N/5 = पेंटीनार्मल विलयन
N/10 = डेसी नार्मल विलयन
N/100 = सेंटीनार्मल
N/1000 = मिली नार्मल विलयन
जब किसी विलयन की मोलरता दी गयी हो तो निम्न सूत्र की सहायता से हम नार्मलता को ज्ञात कर सकते है अर्थात नार्मलता तथा मोलरता में निम्न सम्बन्ध पाया जाता है –
नार्मलता = मोलरता x तुल्यांक संख्या
अत: हम कह सकते है कि नार्मलता का मान कभी भी मोलरता से कम नहीं होता है।
उदाहरण : माना 4.9 ग्राम H2SO4 को जल में घोलकर 5 लीटर आयतन का विलयन बनाया जाता है तो इस विलयन की नार्मलता ज्ञात कीजिये।
हल : नार्मलता = H2SOका ग्राम में द्रव्यमान /(H2SOका तुल्यांक द्रव्यमान x विलयन का आयतन )
नार्मलता = 4.9/49 x 5
N = 1/50
अत: इस विलयन की नार्मलता N/50 होगी।
नोट : ग्राम तुल्यांक संख्या का अभिप्राय होता है कि विलयन में कितने आयन क्रिया कर रहे है , उन आयनों की संख्या को ग्राम तुल्यांक संख्या कहते है जैसे विलेय की ग्राम तुल्यांक संख्या का अभिप्राय है कि विलेय पदार्थ के कितने आयन विलयन में क्रिया कर रहे है उन आयनों की संख्या को ग्राम तुल्यांक संख्या कहते है।
उदाहरण :  NaOH का 0.1381 मोल घुलकर 300 मिली का विलयन बनाता है तो उस विलयन की नार्मलता ज्ञात कीजिये।
हल : NaOH का Na + आयन विलयन में क्रिया करता है चूँकि इस पर 1 + है अत: यहाँ NaOH में आयनों की संख्या 1 है।
विलयन का लीटर में आयतन = 300/1000 = 0.300 लीटर
नार्मलता = मोलरता x तुल्यांक संख्या
नार्मलता = ( 0.1381/0.300 ) x 1
नार्मलता = 0.460 N