नैनो तकनीक किसे कहते हैं , नैनोतकनीकी की परिभाषा क्या है , अनुप्रयोग , प्रयोग , शब्द किसने दिया , nanotechnology in hindi

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नैनो तकनिकी : तकनिकी विज्ञान की वह शाखा जिसके अन्दर 100 नैनो मीटर या उससे कम आकार की वस्तुओ का अध्ययन किया जाता है , नैनों तकनिकी कहलाती है।

नैनो तकनिकी में सूक्ष्म कणों के गुण , उनके स्थूल आकार (बड़े आकार) के गुणों से भिन्न होते है।

नैनो तकनिकी में निम्न तथ्य समावेशित है –

1. सूक्ष्म कणों का आकार 100 नेनो मीटर या उससे कम होना चाहिए।

2. सूक्ष्म कणों के गुण अद्वितीय होने चाहिए।

3. सूक्ष्म आकार व उनके गुणों पर नैनो स्केल का नियंत्रित होना चाहिए।

भारत में नैनो व माइक्रो लिथोग्राफी नैनो तकनिकी का विकास हुआ है जिसे माइक्रो इलेक्ट्रॉनिकी क्रांति का जनक कहा जाता है।

नैनोतकनीकी के कुछ प्राकृतिक उदाहरण –

1. कीट/मक्खी की आँख का आकार नैनो मीटर कोटि का होता है तथा षट्कोणीय होता है। इसका आकार प्रकाश की तरंग दैर्ध्य की कोटिका होने के कारण इनकी आँखों पर जब बहुत कम प्रकाश किरणें आपतित होती है तो इतने कम प्रकाश पर भी यह कीट मनुष्य की तुलना में वस्तुओ को बेहतरीन तरीके से देख सकती है।

2. तितली के पंख बहु परतीय व नेनों आकार के होते है। इन पंखो पर जब श्वेत प्रकाश आपतित होता है तो श्वेत प्रकाश का व्यतिकरण हो जाता है जिसके कारण तितली के पंखो से अलग अलग रंग का प्रकाश उत्सर्जित होता है अत: तितली के पंखो की सहायता से नैनो तकनिकी में ऐसी परत का निर्माण किया जा रहा जिसके द्वारा अलग अलग रंग का प्रकाश प्राप्त किया जा सके।

3. एडलेवाइस पादप का पुष्प जो उच्च पर्वतीय क्षेत्रो में अल्पाइन पादप के रूप में पाया जाता है , की पत्तियाँ श्वेत प्रकाश में उपस्थित पैराबैंगनी किरणों को अवशोषित करके दृश्य प्रकाश को उत्सर्जित करती है। इस पादप के पुष्प की पत्तियों से ऐसी परत का निर्माण किया जा रहा है जो सूर्य से आने वाली पैराबैगनी किरणों को अवशोषित करके दृश्य प्रकाश को उत्सर्जित करती है।

नैनो तकनिकी में प्रेक्षण के लिए उपयोग में आने वाली सूक्ष्म दर्शीयां :

1. प्रकाशिकी सूक्ष्मदर्शी : नैनो तकनिकी में प्रकाश की सहायता से प्रकाशिकी सूक्ष्मदर्शी द्वारा 250 नैनो मीटर आकार तक का वस्तुओ का अध्ययन किया जाता है।

2. इलेक्ट्रॉनिकी सूक्ष्मदर्शी : इलेक्ट्रोनिकी सूक्ष्मदर्शी में प्रकाश किरण पुंज के स्थान पर त्वरित इलेक्ट्रॉन किरण पुंज की सहायता से 100 नैनों मीटर आकार तक की वस्तुओ का अध्ययन किया जाता है।

3. प्रोष स्केनिंग सूक्ष्मदर्शी : इसमें त्वरित इलेक्ट्रॉन किरण पुंज की सहायता से 1 नैनोमीटर आकार तक की वस्तुओ का अध्ययन किया जाता है।