मिलिकन का तेल बूंद प्रयोग (millikan oil drop experiment in hindi)

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(millikan oil drop experiment in hindi) मिलिकन का तेल बूंद प्रयोग : सन 1909 में रॉबर्ट मिलिकन और हार्वे फ्लेचर ने इलेक्ट्रॉन पर उपस्थित आवेश का मान ज्ञात करने के लिए एक प्रयोग किया जिसे तेल बून्द प्रयोग कहते है।
सामान्यत कोई भी तेल की बूंद , अपने द्रव्यमान के कारण गुरुत्वाकर्षण बल के प्रभाव से नीचे गिर जाती है , लेकिन यदि इस तेल की बूंद को आवेशित कर दिया जाए तो इस तेल की बूंद के गुरने को विद्युत क्षेत्र द्वारा रोका जा सकता है क्यूंकि इस स्थिति में विद्युत बल , द्रव्यमान बल को संतुलित कर देता है।
आरोपित विद्युत बल का मान तेल की बूंद के आकार पर निर्भर करता है , यदि तेल की बुँदे अधिक बड़ी अर्थात अधिक द्रव्यमान वाली है तो इन्हें संतुलित करने के लिए अधिक विद्युत बल आरोपित करना पड़ता है।
तेल की बूंद का द्रव्यमान ज्ञात करने के लिए इन्होने हवा के श्यानता का उपयोग किया जो स्ट्रोक के नियम का पालन करती है।

गणना : जब तेल की बूंदें आवेशित होने के कारण इनका द्रव्यमान बल (W) , विद्युत बल (F) से संतुलित हो जाता है जैसा चित्र में दिखाया गया है –

चूँकि इस स्थिति में बूंद संतुलित अवस्था में है अर्थात कही भी गति नहीं कर रही है तो इसका तात्पर्य है कि विद्युत बल का मान द्रव्यमान बल के बराबर होगा।
F = Eq
यहाँ F = विद्युत बल , E = आरोपित विद्युत क्षेत्र , q = तेल की बूंदों पर विद्युत आवेश
W = mg
यहाँ W = बूंदों के भार के कारण बल , m = बूंदों का द्रव्यमान , g = गुरुत्वीय त्वरण
बूंदों का द्रव्यमान ज्ञात करने के लिए हवा की श्यानता का का उपयोग किया गया जिसमे उन्होंने स्ट्रोक के नियम की पालना की।

श्यानता बल D = 6πηvr
यहाँ n = हवा की श्यानता , r = बूंद की त्रिज्या , v = बूंद की गति
यहाँ विद्युत क्षेत्र को आरोपित नहीं किया जाता है , बूंदों को स्वतंत्र रूप से गिरने दिया जाता है।
विभिन्न प्रकार की गणना करने के बाद मिलिकन ने इस प्रयोग के आधार पर इलेक्ट्रान का आवेश ज्ञात करने के लिए निम्न सूत्र दिया –

यहाँ q = इलेक्ट्रान पर आवेश
n = श्यानता गुणांक
Vg = बूंदों का सीमांत वेग (विद्युत क्षेत्र की अनुपस्थिति में)
Ve = बूँदों का सीमांत वेग (विद्युत क्षेत्र की उपस्थिति में)
V = प्लेटों पर आरोपित विभवान्तर का मान
d = प्लेटों के बीच का अन्तराल
p = तेल की बूंद का घनत्व
σ = वायु का घनत्व
g = गुरुत्वाकर्षण त्वरण
E = विद्युत क्षेत्र