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उदार की परिभाषा क्या है अर्थ मतलब Liberal in hindi meaning and definition उदार किसे कहते हैं ?

शब्दावली
पादरी (Clergy) ः धार्मिक पद पर नियुक्त व्यक्ति। वे विद्वान् और ज्ञानवान बताए जाते हैं।
संसक्ति (Cohesion) ः व्यक्तियों को एकजुट करने वाली एकता का बोध
संकीर्णता (Conservative) ः परिवर्तन और प्रवर्तन के प्रति रूचि न रखने की
प्रवृत्ति।
उदार (Liberal) ः खुली मानसिकता वाला, परंपराओं से मुक्त ।
राजतंत्र (Monarchy) ः एक किस्म की सरकार जिसका प्रमुख वंशगत होता है, और उसके पास पूर्ण अधिकार होते हैं।
राष्ट्रवाद (Nationalism) ः ऐसे विचारों में विश्वास और प्रचार करना, जिनसे राष्ट्र की एकता और राष्ट्रीय हित को बल मिलता है।
रूढ़िवाद (Orthodoxy) ः स्थापित सिद्धांतों या मतों में विश्वास ।
प्रोटेस्टैंटवाद (Protestantism) ः रोमन कैथोलिक धर्म के विरोधस्वरूप 1529 में उभरने वाला नया धर्म। इस धर्म का विश्वास पोप और संतों की सहायता के बिना परमेश्वर और मनुष्य के बीच प्रत्यक्ष संबंध में था।
धर्मनिरपेक्षीकरण (Secularisation) ः राजनीतिक और नागरिक जीवन से धर्म को अलग करने वाली प्रक्रिया ।
सार्वभौमिकता (Universality) ः एक ऐसी स्थिति जिसमें सभी लोग, बिना किसी अपवाद के प्रभावित होते हैं।

उद्देश्य
इस इकाई को पढ़ने के बाद, आपः
ऽ समझ सकेंगे कि कट्टरपंथी विचारों का उदय कैसे और किन कारणों से होता है,
ऽ ऐसी समान स्थितियों का विश्लेषण कर सकेंगे जहाँ कट्टरपंथ की मौजूदगी मानी जाती है, और
ऽ ईरान और अमेरिका में व्याप्त कट्टरपंथ के बीच भेद कर पाएंगे।

प्रस्तावना
पिछली इकाई में आपने ‘धर्म: सामाजिक स्थिरता और बदलाव‘ के बारे में पढ़ा । इस इकाई में हम धार्मिक कट्टरपंथ के दो उदाहरण प्रस्तुत कर आपको इस पक्ष की जानकारी देंगे। इस इकाई को हमने दो खंडों में विभाजित किया है। इनमें से एक खंड ईरान में व्याप्त कट्टरपंथ को समर्पित है। इस विषय पर अपनी चर्चा का प्रारंभ हमने ईरान के इस्लामी राज्य बनने से पहले वहाँ की राजनीतिक-आर्थिक स्थिति की पृष्ठभूमि के प्रस्तुतीकरण से किया है। हमें आशा है इससे आपको यह समझने में मदद मिलेगी कि इस्लामी पुनरूत्थान के पीछे क्या स्थितियाँ और कारण रहे। इससे आप को कट्टरपंथ की प्रकृति को समझने में भी मदद मिलेगी। इस इकाई के दूसरे भाग में हमने अमेरिका में दक्षिणपंथी धार्मिक आंदोलनों की चर्चा की है, जिनमें धर्म के मूलभूत या अनिवार्य विचारों की ओर ध्यान खींचा गया है। इस आंदोलन के अनुसार धर्म अमेरिकी राष्ट्र और जनता के मार्गदर्शक विचार होने चाहिए।

लेकिन दक्षिणपंथी धार्मिक विचार अमेरिकी राजनीतिक व्यवस्था और जीवन में व्याप्त दिखते हैं।

ईरान और अमेरिका के ये दो उदाहरण प्रस्तुत करके हम आप को कुछ सामाजिक स्थितियों के विषय में समझाना चाहते हैं जिनके कारण कट्टरपंथी विचारों ने सिर उठाया।

सारांश
इस इकाई में हमने कट्टरपंथ की विवेचना की। कट्टरपंथ का शाब्दिक अर्थ है धर्म के मौलिक या अनिवार्य सत्य में विश्वास-जिस तरह इसका उदय हुआ और जिस तरह ईरान और अमेरिका में इसका व्याप्त होना समझा जाता है। ईरान को अक्सर पश्चिमी आधुनिकता के विरूद्ध, पुनरुत्थान के उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया जाता है। दूसरी ओर अमेरिका को किसी भी तरह से कट्टरपंथी राज्य बताना कठिन है।

इस इकाई में हमने उस पृष्ठभूमि को स्पष्ट करने की कोशिश की है जिसमें इस्लामी
मामले में धार्मिक जड़ों की और लौटना अक्सर अलगाव या जड़विहीनता के बोध के कारण होता है। जैसा हमने देखा, आधुनिकता ईरानी समाज में न केवल आर्थिक असमानता बल्कि सामाजिक, मनोवैज्ञानिक और नैतिक असमानता भी लेकर आई, इसलिए कट्टरपंथी राज्य के लिए उठने वाले आग्रह का जनसाधारण में स्वागत हुआ। अमेरिका का दक्षिणपंथी धार्मिक आंदोलन भी जड़विहीनता के ऐसे ही बोध पर टिका है। इस असुरक्षा की भावना का लाभ कट्टरपंथ के हिमायती, अक्सर ही उठाते हैं, वे चाहे ईरान में हों या अमेरिका में।

 कुछ उपयोगी पुस्तकें
कैप्स, वाल्टर एच. (1990) ‘दि न्यू रिलिजस राइट‘- यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ कैरोलिना प्रेस, कोलंबिया, एस. क्रोलिना।
कर्टिस, माइकेल (1981) ‘रिलिजन एंड पॉलिटिक्स इन द मिडिल ईस्ट‘ – वेस्टव्यू प्रेस, बोल्डर, कोलरैडो।
हुसैन, असत (1985) ‘इस्लामिक ईरान – रिवोल्यूशन एंड काउंटर रिवोल्यूशन‘, लंदन: फ्रांसेस प्रिंटर लि.।