लेसर का पूरा नाम in hindi | LASER full form in hindi meaning फुल फॉर्म इन हिंदी पूर्ण प्रारूप क्या है

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LASER full form in hindi meaning लेसर का पूरा नाम in hindi फुल फॉर्म इन हिंदी पूर्ण प्रारूप क्या है ?

 LASER का पूर्ण प्रारूप क्या है? – Light Amplification by Stimulated Emission of Radiation

 X- किरणें किसको पार नहीं कर सकती? -अस्थि
 अतिचालकता किस तापमान पर अत्यधिक आर्थिक महत्व की हो सकती
है, जिससे लाखों रुपये की बचत हो -सामान्य तापमान पर
 क्रिस्टल संरचना के अध्ययन के लिए X -किरणों का उपयोग क्यों किया जाता है?
– X-किरणों की तरंगदैर्घ्य तथा क्रिस्टल के परमाणु की अन्तरपरमाणुक दूरी की कोटि समान होती है
 वह प्रयुक्ति जो धारा को केवल एक दिशा में प्रवाहित होने देती क्या है? -डायोड
 सिलिकॉन (Silicon) क्या है? -सेमीकंडक्टर
 ट्रान्जिस्टर के संविरचन में किस वस्तु का प्रयोग होता है? -सिलिकॉन
 N-P-N ट्रांजिस्टर P-N-P ट्रान्जिस्टर की तुलना में श्रेष्ठ क्यों होते हैं? -क्योंकि इनमें इलेक्ट्रॉनों का प्रवाह अधिक होता है
 सामान्यतः कौन-सी धातु अर्द्धचालक की तरह ट्रांजिस्टर में प्रयुक्त होती है? -जर्मेनियम
 टीवी सेट को चलाने के लिए टीवी रिमोट नियंत्रण इकाई में किसका प्रयोग किया जाता है? -सूक्ष्म तरंगों का
 टेलीविजन सिग्नल एक विशिष्ट दूरी के बाद सामान्यतया टीवी सेट द्वारा ग्रहण नहीं किये जाते हैं, इसका क्या कारण है?
-पृथ्वी की वक्रता
 रडार का उपयोग किसलिए किया जाता है?
-जहाजों, वायुयानों आदि को ढूँढ़ने एवं मार्ग निर्देश करने के लिए
 त्रिविमीय चित्र किसके द्वारा लिया जाता है? -होलोग्राफी
 लेसर बीम का उपयोग कहाँ होता है? -गुर्दे की चिकित्सा में
 लेसर अथवा किसी अन्य संसक्त प्रकाश स्रोत से निकली दो प्रकाश किरणों के व्यतिकरण से त्रिविमीय प्रतिबिम्ब बनाने से सम्बद्ध संवृति क्या कहलाती है? -होलोग्राफी
 लेसर किरणें कितने रंगों की होती हैं? -केवल एक रंग की
 बिना शल्य चिकित्सा के पथरी का इलाज किसके द्वारा किया जाता है?
-लेसर द्वारा
 हाल ही में खोजा गया उच्च तापीय अतिचालक कौन सा है?
-सिरेमिक ऑक्साइड
 लेजर युक्ति द्वारा क्या उत्पन्न किया जाता है? -उद्दीप्ति विकिरण
 जब ज्टका स्विच ऑन किया जाता है, तो दृश्य तुरन्त प्रारम्भ हो जाता है, लेकिन श्रव्य बाद में सुनाई देता है, ऐसा क्यों होता है?
-क्योंकि ध्वनि प्रकाश की अपेक्षा कम वेग से चलता है
 कौन एक कण जिसका आविष्कार करने का दावा किया जा रहा है, अल्बर्ट आइन्स्टीन के सापेक्षवाद सिद्धान्त को गलत साबित करने के जोखिम में डाल सकता है? -माइक्रोवेव फोटॉन
 सितारों में अक्षय ऊर्जा के स्रोत का क्या कारण है?
-हाइड्रोजन का हीलियम में परिवर्तन
 एक्स-किरणों की बेधन क्षमता किसके द्वारा बढ़ाई जा सकती है?
-कैथोड और एनोड के बीच विभवान्तर बढ़ाकर
 पहले तापायनिक बल्ब का आविष्कार किसने किया था?
-जे. ए. फ्लेमिंग ने
 न्यूनतम तापमान पैदा करने के लिए किस सिद्धान्त का प्रयोग किया जाता है? -अतिचालकता
 X-किरणें, प्रकाश, पराश्रव्य तरंगें तथा ऊष्मीय विकिरण में से कौन विद्युत चुम्बकीय तरंग नहीं है? -पराश्रव्य तरंगें
 वह समयान्तराल जिसमें किसी रेडियोएक्टिव पदार्थ की मात्रा अर्थात् उसके अविघटित परमाणुओं की संख्या रेडियोएक्टिव क्षय के फलस्वरूप घटकर अपने प्रारम्भिक मान की आधी रह जाती है, इसे क्या कहते हैं?
-अर्द्ध-आयु
कुछ समस्यानिक उनके सकेंत तथा अर्द्ध-आयु
समस्थानिक संकेत अर्घ आयु (T)
ऽ पोलोनियम-212 3×10-7 सेकण्ड
ऽ ब्रोमीन-80 18 मिनट
ऽ ब्रोमीन-82 35.9 घंटा
ऽ सल्फर-35 8.67 दिन
ऽ कोबाल्ट-60 5.2 वर्ष
ऽ हाइड्रोजन-3 12.26 वर्ष
ऽ यूरेनियम-235 7.04ग108 वर्ष

 आधुनिक भौतिकी का जनक किसे कहते हैं? -जे. जे. थामसन
 न्यूट्रॉन का जीवनकाल कितना होता है? -17 मिनट
 पॉजिट्रॉन की खोज किसने की थी? -एण्डरसन ने
 इलेक्ट्रॉन का एन्टिकण किसे कहते हैं ? -पॉजिट्रॉन
 न्यूट्रिनो की खोज किसने की थी? -पाउली ने
 पाई मेसॉन की खोज किसने की थी? -एच. युकावा
 पाई मेसॉन का जीवनकाल कितना होता है? -108 से
 पाई मेसॉन का द्रव्यमान कितना होता है?
-इलेक्ट्रॉन के दव्यमान का 274 गुना
 परमाणु का केन्द्रीय भाग जिसमें परमाणु का कुल धन आवेश और लगभग सभी द्रव्यमान केन्द्रित रहता है, क्या कहलाता है? -नाभिक
 नाभिक की त्रिज्या कितनी होती है? -10-2 सेमी
 द्रव्यमान-ऊर्जा सम्बन्ध किसका निष्कर्ष है?
-सापेक्षता का सामान्य सिद्धान्त

आइंसटीन का द्रव्यमान ऊर्जा सम्बन्ध
इस नियम के अनुसार ऊर्जा को द्रव्यमान के तुल्य तथा द्रव्यमान को ऊर्जा के तुल्य निम्न समीकरण द्वारा किया जा सकता है-
E = mc2
जहाँ म् = ऊर्जा
m = कण का द्रव्यमान
c = प्रकाश का वेग है।
तथा

नियम/सिद्धान्त व्याख्या
न्यूटन के गति के नियम

संवेग संरक्षण सिद्धान्त

न्यूटन का गुरुत्वाकर्षण नियम

पास्कल का नियम
हुक का नियम
आर्किमिडीज का सिद्धान्त
बॉयल का नियम
चार्ल्स का नियम
गैसों का गतिज सिद्धान्त

किरचॉफ का ताप नियम

न्यूटन का शीलतन नियम

जूल-थॉमसन प्रभाव

ऊष्मागतिकी के नियम

डॉप्लर का नियम

कलॉम का व्यत्क्रम वर्ग नियम

ओम का नियम
गति के तीन नियम हैं-
प्रथम नियम-कोई वस्तु तब तक अपनी गति अथवा विरामावस्था में बनी रहती है जब तक कि उस पर कोई बाहाबल न आरोपित किया जाए।
द्वितीय नियम-संवेग में परिवर्तन की दर आरोपित बल के समानपाती होती है एवं परिवर्तन उसी दिशा म खाता है जिस दिशा में बल आरोपित किया जाता है।
तृतीय नियम-प्रत्येक क्रिया के विपरीत और बराबर प्रतिक्रिया होती है।
जब दो या दो से अधिक वस्तुएँ एक-दूसरे के साथ परस्पर क्रिया करती हैं एवं कोई भी बाह्य बल नहीं लग रहा है तो उनका कुल संवेग सर्वदा संरक्षित रहता है। उदाहरण- रॉकेट की उड़ान ।
किन्हीं दो पिण्डों के बीच कार्य करने वाले
बल का परिमाण, पिण्डों के द्रव्यमान के गुणनफल के समानुपाती तथा उनके बीच की दूरी के वर्ग के व्युक्रमानुपाती होता है।
संतुलन में द्रव का दबाव चारों तरफ बराबर होता है।
प्रत्यास्थता की सीमा के अन्दर प्रतिबल सदैव विकृति के समानुपाती होता है।
किसी द्रव में डूबे किसी ठोस पर लगा उत्क्षेप, उस ठोस द्वारा हटाए गए द्रव के भार के बराबर होता है।
किसी निश्चित तापक्रम पर किसी गैस की दी गई मात्रा का आयतन उसके दाब के व्युत्क्रमानुपाती होता है।
दाब नियत हो तो, गैस का आयतन परम तापक्रम के समानुपाती होता है।
यदि किसी गैस को घनाकार बर्तन में रखा जाए तो गैसों का दाब गैस के द्वारा उत्पन्न दाब के बराबर होता है, जो गैस द्वारा बर्तन की दीवार के इकाई क्षेत्रफल पर इकाई सेकण्ड में उत्पन्न किया जाता है।
किसी विकिरण के लिए ऊष्मा का अच्छा शोषक, उसी विकिरण के लिए ऊष्मा का अच्छा विकिरक भी होता है। ऊष्मा की इकाई जूल है।
किसी वस्तु के शीतलन की दर उस वस्तु के औसत ताप तथा समीपवर्ती वातावरण के ताप के अन्तर के अनुक्रमानुपाती होती है, जबकि तापमान का अन्तर कम हो।
किसी गैस के प्रभाव को किसी दबाव के अन्दर किसी छिद्रयुक्त माध्यम में मुक्त रूप से फैलने दिया जाए तो गैस के तापमान में अन्तर जूल-थॉमसन प्रभाव कहलाता है। यह प्रभाव शीतलन में प्रयुक्त होता है।
प्रथम नियम-एक यांत्रिक क्रिया में उत्पन्न ऊष्मा किए गए कार्य के समानुपाती होती है। ऊष्मागतिकी का प्रथम नियम ऊर्जा संरक्षण को दर्शाता है। द्वितीय नियम-इस नियम के अनुसार उपलब्ध ऊष्मा के सम्पूर्ण भाग को यांत्रिक कार्य में बदलना सम्भव नहीं है, परन्तु इसके एक निश्चित भाग को कार्य में बदला जा सकता है अर्थात् ऊष्मा अपने आप निम्न ताप की वस्तु से उच्च ताप की वस्तु की ओर प्रवाहित नहीं हो सकती।
यदि ध्वनि स्रोत तथा श्रोता के मध्य सापेक्ष गति हो रही है तो श्रोता को स्रोत की आवृत्ति बदली हुई प्रतीत होती है, इस घटना को डॉप्लर प्रभाव या डॉप्लर का नियम कहते हैं।
समान आवेश परस्पर प्रतिकर्षित व असमान आवेश आकर्षित होते हैं। दो आवेशों के बीच क्रियाशील आकर्षण तथा प्रतिकर्षण का बल उनके गुणनफल के समानुपाती एवं उनके बीच की दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती होता है।
यदि किसी चालक की भौतिक अवस्थाएँ अपरिवर्तित रहें तो उसके सिरों पर लगाए गए विभवांतर तथा उसमें प्रवाहित विद्युत्धारा की निष्पत्ति नियत रहती है।