एकीकृत परिपथ (IC) (इंटीग्रेटेड सर्किट) की परिभाषा क्या है तथा प्रकार

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प्रश्न 1 : एकीकृत परिपथ समझाइये इसके लाभ लिखिए ये कितने प्रकार की होती है।
उत्तर :  एकीकृत परिपथ (IC) (इंटीग्रेटेड सर्किट)  : अर्द्धचालक का एकल  क्रिस्टल (सिलिकन) को लेकर उस पर सक्रिय अवयव जैसे डायोड ट्रांजिस्टर और आक्रिय अवयव जैसे प्रतिरोध और संधारिख् का सूक्ष्म रूप से निर्माण करके अनेक इलेक्ट्राॅनिक परिपथ की सरंचना करते है इसे एकीकृत परिपथ कहते है। इसके निम्न लाभ है।
1. टाॅके की संधि नहीं होने के कारण विश्व विश्वसनीय अधिक होती है।
2. ये आकार में छोटे और हल्के होने के कारण इन्हें एक स्थान से दूसरे स्थान तक आसानी से ले जा सकते है।
3. संदेश सिग्नल को एक अवयव में दूसरे अवयव तक जाने से कम समय लगता है।
4. अनेक आई.सी. का एक साथ निर्माण होने के कारण ये सस्ती होती है इनहें खराब होने पर आसानी से बदला जा सकता है आई.सी. के निम्न प्रकार है।
1. लघु स्केल इन्ट्रीग्रेशन SSI) इनमें लाॅजिक गेट अथवा इलेक्ट्राॅनिक परिपथ की संख्या 10 से कम होती है।
2. मध्य स्केल इन्ट्रीगे्रशन (MSI) :  इसमें लाॅजिक गेट अथवा इंलेक्ट्राॅनिक परिपथ की संख्या 100 से कम होती है।
3. वृहत स्केल इन्ट्रीगे्रशन (LSI) : इसमें लाॅजिक गेट अथवा इलेक्ट्रानिक परिपथ की संख्या 1000 से कम होती है।
4. अतिवृहत स्केल इन्ट्रीगे्रशन (VLSI) इसमें लाॅजिक गेट अथवा इलेक्ट्रानिक परिपथ की संख्या 1000 से अधिक होती है।