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हाइड्रोजन क्लोराइड क्या है , सूत्र , गुण , हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl) बनाने की विधियाँ , उपयोग (Hydrogen chloride in hindi)

(Hydrogen chloride in hindi) हाइड्रोजन क्लोराइड क्या है , सूत्र , गुण , हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl) बनाने की विधियाँ , उपयोग : एचसीएल अम्ल की खोज ग्लैमर ने सन 1648 में की थी जब वे नमक और सान्द्र सल्फ्यूरिक अम्ल की क्रिया करवा रहे थे तो क्रिया के फलस्वरूप उन्होंने एचसीएल (हाइड्रोजन क्लोराइड) को प्राप्त किया।
ग्लैमर ने केवल इस अम्ल के बारे में बताया था जो इस क्रिया के बाद प्राप्त होता है , इसके बाद सन 1810 ने डेबी नामक वैज्ञानिक ने यह बताया था कि यह अम्ल हाइड्रोजन और क्लोरिन से मिलकर बना हुआ होता है।

हाइड्रोजन क्लोराइड के रसायनीक और भौतिक गुण

हम यहाँ इसके कुछ गुणों का अध्ययन करेंगे जिससे इसकी प्रकृति आदि का पता चलता है।
  • यह एक रंगहीन गैस होती है यह बहुत ही अधिक तीखी गंध वाली गैस होती है।
  • यह 189K ताप पर गलकर एक रंगहीन द्रव्य में बदल जाती है और यह द्रव 159K ताप पर सफ़ेद ठोस के रूप में जम जाता है।
  • यह जल में बहुत अधिक विलेय होती है। जब हाइड्रोजन क्लोराइड को जल में घोला जाता है तो यह जल में घुलकर हाइड्रोक्लोरिक अम्ल बना लेता है।
  • हाइड्रोक्लोरिक का वियोजक स्थिरांक अधिक होता है और यही कारण है कि यह अधिक प्रबल अम्ल होता है।
  • एचसीएल (HCl) धातुओं और लवणों के साथ क्रिया करके क्लोराइड बनाता है , जैसे यह जिंक के साथ क्रिया करके जिंक क्लोराइड बनाता है , यहाँ जिंक एक धातु है।
  • हाइड्रोक्लोरिक अम्ल आयरन के साथ क्रिया करके फेरस क्लोराइड बनाता है , यह क्रिया निम्न तरह होती है –
Fe + 2HCl → FeCl2 + H2
  • हाइड्रोजन क्लोराइड का रासायनिक सूत्र HCl होता है तथा इसका मोलर द्रव्यमान 36.46 lb/mol होता है।
  • इसका क्वथनांक-120.8°Fहोता है।
  • इसका गलनांक-173.6 °F होता है।
  • जब सान्द्र HCl और नाइट्रिक अम्ल 3:1 में उपस्थित हो तो यह उत्कृष्ट धातुओं से क्रिया करते है , इस प्रकार सान्द्र HCl और नाइट्रिक अम्ल 3:1 में उपस्थित हो तो इस अनुपात को एक्वारेजिया कहते है।
  • हाइड्रोक्लोरिक अम्ल , कम कमजोर अम्लीय लवणों के साथ क्रिया करते है। इन कमजोर अम्लीय लवणों में सोडियम कार्बोनेट, सोडियम बाइकार्बोनेट आदि शामिल है , अर्थात HCl इनसे आसानी से क्रिया कर लेता है।
  • इसके अलावा HCl सोडियम कार्बोनेट और सोडियम बाइकार्बोनेट के साथ साथ क्रिया करके सोडियम क्लोराइड, कार्बन डाइऑक्साइड, और पानी का निर्माण करते है , यह क्रिया निम्न प्रकार संपन्न होती है –
एचसीएल की सोडियम कार्बोनेट के साथ क्रिया निम्न तरह होती है –
Na2CO3 + 2HCl → 2NaCl + CO2↑ + H2O
एचसीएल की सोडियम बाइकार्बोनेट के साथ क्रिया निम्न तरह होती है –
NaHCO3 + HCl → NaCl + CO2↑ + H2O
  • hcl सोडियम सल्फेट को सोडियम क्लोराइड , सल्फर डाइ ऑक्साइड , और जल में तोड़ देता है अर्थात अपघटन कर देता है।
सोडियम सल्फेट के साथ हाइड्रोजन क्लोराइड की क्रिया निम्न प्रकार है –
Na2SO3 + 2HCl → 2NaCl + SO2↑ + H2O

एचसीएल (HCl) (हाइड्रोजन क्लोराइड) बनाने की विधि

हम यहाँ HCl (हाइड्रोक्लोरिक अम्ल) बनाने की कुछ विधियाँ अध्ययन करेंगे –
1. प्रयोगशाला में जब सोडियम क्लोराइड की क्रिया सान्द्र सल्फ्यूरिक अम्ल के साथ 420 ताप पर गर्म करके की जाती है तो इस मिश्रण को 420K ताप पर गर्म करने से हमें हाइड्रोक्लोरिक अम्ल प्राप्त होता है , यह क्रिया निम्न प्रकार होती है –
NaCl + H2SO4 → NaHSO4 + HCl
2. ऊपर वाली विधि में हम देख सकते है कि अभिक्रिया के फलस्वरूप हमें सोडियम बाइसल्फेट (NaHSO4) भी उप-उत्पाद के रूप में प्राप्त हो रहा है , इसे जब हम आगे और सोडियम क्लोराइड के साथ मिश्रित करके इसे उच्च ताप पर लगभग 823K ताप पर गर्म करते है तो इस क्रिया के फलस्वरूप भी हमें HCl (हाइड्रोक्लोरिक अम्ल) प्राप्त होता है , यह निम्न तरह संपन्न होता है –
NaHSO4 + NaCl → Na2SO4 + HCl

हाइड्रोजन क्लोराइड (HCl) के उपयोग

यहाँ हम एचसीएल के कुछ उपयोगो के बारे में अध्ययन करते है।
  • इसका उपयोग प्रयोगशाला में अभिकर्मक के रूप में किया जाता है।
  • हाइड्रोजन क्लोराइड का उपयोग औषधियों में भी किया जाता है।
  • टिन प्लेटिंग और गैल्वैनिकरण के समय लोहे की चादरों को साफ़ करने के लिए भी इसी का इस्तेमाल होता है।
  • जंतु उत्तक और हड्डियों से रस निकालने के लिए इसका प्रयोग होता है।
  • क्लोरिन , क्लोराइड और एक्वारेजिया के उत्पादन में भी हाइड्रोजन क्लोराइड (HCl) का उपयोग किया जाता है।