संकर बंध्यता की परिभाषा क्या है ? Hybrid Sterility in hindi संकर बंध्यता किसे कहते है ?

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Hybrid Sterility in hindi संकर बंध्यता की परिभाषा क्या है ? संकर बंध्यता किसे कहते है ?

 दशात्मक घातक उत्परिवर्तन (Conditional Lethal Mutations)
इस तकनीक में आनुवंशिक फेर-बदल द्वारा कीटों के ऐसे प्रभेद बनाए जाते हैं जिनमें कुछ खास लक्षण होते हैं- ऐसे लक्षण जो स्पीशीज के लिए उसके प्राकृतिक आवास पर्यावरण में तो हानिकारक होते हैं परंतु प्रयोगशाला दशाओं में हानिकारक नहीं होते। कृत्रिम वरण द्वारा
कीटों के प्रभेदों में इस प्रकार फेर-बदल की जा सकती है कि उनमें ऐसे लक्षण पैदा कर दिए जाएं जिनसे उनके क्षेत्रावास में उनका जीवित बना रहने में तो कठिनाई पैदा कर दे परंतु प्रयोगशाला में कीट के अस्तित्व में कोई बाधा न आए। उदाहरणतः गुलाबी कपास डोंडा कृमि (pink boll worm) के लिए अनुपयुक्त पर्यावरण काल के दौरान डायापौज (diapause) (अर्थात् कीट की विश्रामावस्था) आवश्यक होती है, मगर यदि यह डायापौज में प्रविष्ट नहीं हो पाता तो यह उसका दशात्मक घातक लक्षण होगा परंतु प्रयोगशाला के भीतर डायापौज की आवश्यकता ही नहीं होगी। गुलाबी कपास डोंडा कृमि में डायापौज लक्षण की वंशागति से यह बात निकलती है कि डायापोज न करने वाले प्रभेद के एकल विमोचनों को बड़ी समष्टियों के भीतर जनन ऋतु के लगभग अंत में छोड़ा जाए।

दशात्मक घातक लक्षणों में से जिन कुछ अन्य प्रकार के लक्षणों का उपयोग किया जा सकता है वे हैं शीत-संवेदनशील घातक उत्परिवर्तन, उच्च ताप-संवेदनशील घातक उत्परिवर्तन, उड़ सकने में असमर्थता, सेक्स फीरोमोन उत्पादन अथवा उसके प्रति अनुक्रिया का अभाव, किसी परपोषी विशेष पर विकसित हो सकने की क्षमता का अभाव, सुरक्षाकारी रंग व्यवस्था में परिवर्तन, अथवा कोई भी अन्य ऐसा आनुवंशिक परिवर्तन जिससे व्यष्टि की उत्तरजीविता-क्षमता अथवा जनन-क्षमता प्रभावित हो। दशात्मक घातकों का आप्रवेश लक्ष्य स्पीशीज में प्रेरित अथवा प्राकृतिक रूप में होने वाले उत्परिवर्तनों को पहचान सकने एवं उनके पृथक्करण पर निर्भर होता है। खोजकर्ता आजकल इस प्रकार के उत्परिवर्तनों की खोज में लगे हैं जिन्हें आनुवंशिकतः सुज्ञात जीवों जैसे कि ड्रोसोफिला मैलैनोगैस्टर से प्राप्त किया जा सके एवं आण्विक जैविकी में विकसित नयी तकनीकों का इस्तेमाल करके जिन्हें आर्थिकतरू महत्वपूर्ण जीवों में प्रवेश किया जा सके।

 कोशिकाद्रव्यी असंगतता (Cytoplsamic Incompatibility)
एक ही स्पीशीज के विभिन्न समष्टि समूहों के बीच प्रसंकरण कभी-कभी पूरे जननशील होते हैं अथवा कभी अंशतरू बंध्य होते हैं। इस प्रकार की बंध्यता एक कोशिकाद्रव्यी कारक के कारण प्रकट होती है न कि गुणसूत्र असंगतियों के कारण।

कोशिकाद्रव्यी असंगतता को क्यूलेक्स पाइपिएन्स तथा एफेस्टिया कौटेला में होते पाया गया है, जिससे आशा बंध चली है कि हो सकता है यह आर्थिक महत्व के कई कीटों में पायी जाती होगी। इस परिघटना को मच्छर की अनेक स्पीशीज में होते पाया गया है और प्रयोगात्मक विमोचनों में इसे नियंत्रण उपाय के रूप में इस्तेमाल किया गया है। कोशिकाद्रव्यी असंगतता द्वारा प्रेरित बंध्यता के उपयोग में एक गंभीर कमी है। कीटों के विमोचित प्रभेदों में उनके विमोचन से पूर्व उनके नर-मादा पृथक कर दिए जाने चाहिए ताकि वे परस्पर प्रजनन न कर पाएं और क्षेत्रावास में स्वयं ही स्थापित न हो जाएं।

संकर बंध्यता (Hybrid Sterility)
संकर बंध्यता से अभिप्राय उस बंध्यता से है जो तब आती है जब निकटतरू संबंधित स्पीशीजों, उनकी उपजातियों अथवा प्रभेदों के बीच प्रसंकरण कराया गया हो, और तब F1 संतति की या तो एक या दोनों सेक्स जीवनक्षम होती हैं परंतु जीवनक्षम संतति पैदा नहीं कर सकतीं। अनेक पीड़क कीटों की विकास पृष्ठभूमि से विचार आता है कि एक ही स्पीशीज की विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों में रहने वाली उपजातियों के बीच अथवा निकटतरू संबंधित स्पीशीज के बीच जनन रोध मौजूद हो सकते हैं। इनसे प्रयोगशाला में बंध्य संकर पैदा करके पाले जा सकते है और क्षेत्रवासी समष्टियों में छोड़े जा सकते हैं। यह परिघटना हीलियोथिस वाइरेसेन्स के नरों तथा हीलियोथिस सबफ्लेक्सा की मादाओं के बीच संकरण करा कर स्पष्ट प्रदर्शित की जा चुकी है जिसके द्वारा जननशील मादाएं तथा बंध्य नर पैदा होंगे, परंतु F1 नरों में संगमन ओज पूर्ववत बना रहेगा।

इस परिघटना को अनेक पीड़क कीट स्पीशीजों के प्रबंधन में खोजा एवं उपयोग में लाया जा चुका है, उदाहरणतः ग्लौसाइना (सेट्सी मक्खी) की विभिन्न स्पीशीजों में तथा जिप्सी मॉथ (लिमैंट्रिया डिस्पार) की भिन्न उपजातियों के बीच।

बोध प्रश्न 3
संकर बंध्यता की परिभाषा लिखिए।