गोबर गैस/बायो-गैस- सूक्ष्मजीवों का महत्व Gobar Gas / Biogas Importance of microorganisms

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Gobar Gas / Biogas Importance of microorganisms वाहित:-मल उपचार में सूक्ष्म जीवें का महत्व:- दो विधि है।

A. प्राथमिक उपचार (भौतिक)

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B. द्वितीयक उपचार (जीव विज्ञानीय)

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उदाहरण:-गंगा ऐवसन प्लान (कार्य योजना) एवं यमुना ऐक्सन प्लान

गोबर गैस/बायो-गैस(Gobar Gas / Biogas)- सूक्ष्मजीवों का महत्व:-

सूक्ष्म जीवों द्वारा किण्वन क्रिया से उत्पन्न गैसों को बायो गैस कहते है इसमें मुख्य गैस मेथेन CH4 होती है। तथा इसमें साथ CO2 , H2 आदि गैस भी प्राप्त होती है।

सूक्ष्मजीवों के ऐसे समूह को मिथमोजन कहते है। जिसमें जीवाणु मेथिनोबैक्टिरियम मुख्य है यह कीचड, गोबर एवं पशुओं में प्रथम रूमेन में पाया जाता है।

गोबर गैस संयंत्र:-

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महत्व

1 ईधन के रूप में

2 प्रकाष उत्पन्न करने में

3 स्लरी का प्रयोग खाद्य के रूप् में

बढावा देने वाली संस्थाएं:-

1. The Indian Council of Agricultural Research (ICAR) खादी व ग्रामीण उद्योग आयोग।