गागर में सागर भरना मुहावरे का अर्थ या गागर में सागर भरना मुहावरे का वाक्य प्रयोग gagar me sagar bharna in hindi

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gagar me sagar bharna in hindi गागर में सागर भरना मुहावरे का अर्थ या गागर में सागर भरना मुहावरे का वाक्य प्रयोग क्या है बताइये ?

61. जूतियाँ चटकाना (इधर-उधर बेकार फिरना)- आजकल सैंकड़ो पढ़े-लिखे जवान नौकरी के लिए जूतियाँ चटकाते फिरते हैं।
62. कलेजा मुँह को आना (बहुत दुखी होना)- विधवा की करुणा कथा सुनकर मेरा कलेजा मुँह को आ गया।
63. कलई खुलना ( भेद खुलना)- कलई खुल जाने पर आखिर रामू को चोरी करने की बात स्वीकार करनी पड़ी।
64. चुल्लू भर पानी में डूब मरना (शर्म महसूस करना)- बाप बेचारा मेहनत से कमाकर लाता है और तुम शराब पी रहे हो, जाओ चुल्लू भर पानी मे डूब मरो।
65. कान कतरना (बढ़-चढ़कर काम कर जाना)- आजकल के बच्चों को आप कम न समझिए, वे बड़े-बड़ों के कान कतरते हैं।
66. कान भरना (चुगली करना)- चापलूस लोग सदा किसी न किसी के विरूद्ध अधिकारियों के कान भरते रहते हैं।
67. चिकना पड़ना (निर्लज्ज जिस पर कहने सुनने का कुछ असर न हो)- वह तो चिकना घड़ा है, उस पर किसी की भी सीख का कोई प्रभाव नहीं पड़ता।
68. कीचड़ उछालना (दूसरों का निरादर करना)- चुनाव में एक पार्टी दूसरी पार्टी पर कीचड़ उछालती है।
69. ठन-ठन गोपाल (बिलकुल कंगाल)- तुम उससे किस वस्तु की आशा रखते हो, वह तो बिल्कुल ठन-ठन गोपाल है।
70. आकाश से बातें करना (बहुत ऊँचा होना)- हिमालय की चोटियाँ तो आकाश से बाते करती हैं।
71. ठिकाने लगाना (दफनाना या जलाना)- कत्ल करने के बाद वह लाश को ठिकाने लगा ही रहा था कि पुलिस आ गई।
72. कलेजे पर साँप लौटना (ईर्ष्या से जलना)- जब मुझे अपने विभाग का अध्यक्ष बना दिया गया तो सभी के कलेजे पर साँप लौटने लगा।
73. डंका बजाना (प्रभाव होना)- सिंहगढ़ जीतने से भारत में शिवाजी का डंका बजने लगा।
74. डींग मारना/हाँकना (अपनी झूठी प्रशंसा करना)- वह अपनी बहादुरी की डींगे मारता है पर है पूरा कायर।
75. कमर कसना (तैयार होना)- परीक्षा में केवल एक महिना रह गया है कमर कसकर तैयार हो जाओ।
76. पट्टी पढ़ाना (बहका देन, बुरी सलाह देना)- मंथरा ने कैकेयी को ऐसी पट्टी पढ़ाई कि कैकेयी अंत तक अपने हठ पर डटी रही।
77. राई का पहाड़ बनाना (छोटी सी बात को बहुत बढ़ा-चढ़ाकर कहना)- जरा सी बात थी परंतु इसने तो इतना बढा चढ़ाकर कहा कि राई का पहाड़ बना दिया।
78. कान काटना (बहुत चालाक होना)- इस बच्चे को कम मत समझना। यह तो बड़े-बड़ों के कान काट लेता है।
79. खबर लेना (सजा देना)- पुलिस ने ठगों की अच्छी खबर ली और उन्हें जेल भिजवाकर ही छोड़ा।
80. दम भरना (अभिमान से करना)- क्यों सोहन! उस समय तो तू बड़ा दम भरता था कि वह मेरा दोस्त है, मेरी उससे बड़ी बनती है लेकिन जब काम पड़ा तो पीछे भागने लगा।
81. दम में दम आना (शांति प्राप्त होना)- जब उसका पुत्र खतरे से बचकर आ गया तभी माता के दम में दम आया।
82. खून खौलना (अत्यंत कोधित होना)- मूर्तियों का अपमान होते देख भक्तों का खून खोलने लगा।
83. खटाई में पड़ना (कुछ भी निश्चय तथा निर्णय न होना)- विपक्षी दलों के विरोध के कारण इस बिल निर्णय खटाई में पड़ा हुआ है।
84. आँखों से ज्वाला निकलना (अत्यंत कोध के लक्षण प्रकट होना)- शूर्पणखा की बातें सुनकर लक्ष्मण की आँखों से ज्वाला निकलने लगी औन उन्होंने उसकी नाक काट दी।
85. खरी-खरी सुनाना (सच्ची-सच्ची कह देना)- जब मैनें उसे सबके सामने खरी-खरी सुनाई तो मारे शर्म के बोल न सका।
86. डूब मरना (बहुत लज्जित होना)- अगर तुम इस बार भी परीक्षा में फेल हुए तो तुम्हें कहीं जाकर डूब मरना चाहिए।
87. आँखों में खटकना (बुरा लगना)- कमरे की हर वस्तु नीले रंग में है, उसमें यह हरे रंग का पायदान आँखों में खटक रहा है।
88. आँखों में मेघमाला घिर आना( आँखों में आँसू आ जाना)- आरुषि बहुत संवेदनशील है, सिनेमा में भी नायिकाओं को रोते देखकर उसकी आँखों में आँसुओं की मेघमाला घिर आती है।
89. गागर में सागर भरना (थोड़े शब्दों में बहुत कुछ कह. देना)- बिहारी ने अपने दोहों में गागर में सागर भर दिया।
90. आँखे चार होना (दोनों का एक-दूसरे को देखना)- दीपक की उपस्थिति में अंजान माया ने जैसे ही नजर उठाई दोनों की आँखें चार हो गई।