अभिक्रिया के वेग को प्रभावित करने वाले कारक Factors affecting the velocity of the reaction

अभिक्रिया के वेग को प्रभावित करने वाले कारक Factors affecting the velocity of the reaction

सब्सक्राइब करे youtube चैनल

Factors affecting the velocity of the reaction अभिक्रिया के वेग को प्रभावित करने वाले कारक क्रियाकारक की सांद्रता, उत्प्रेरक , ताप reactors Concentrations, Catalysts, Heating  :

  1. क्रियाकारक की सांद्रता :

अभिक्रिया का वेग क्रियाकारको की सांद्रता के समानुपाती होता है अतः क्रियाकारको की सान्द्रता अधिक होने पर अभिक्रिया का वेग भी अधिक होता है।

  1. उत्प्रेरक 

उत्प्रेरक की उपस्थिति में अभिक्रिया वेग अधिक हो जाता है क्यूँकि उत्प्रेरक अभिक्रिया अभिक्रिया के लिए कम ऊर्जा रोध वाला काल्पनिक पथ तैयार करते है जिससे उसे अणुओं की संख्या बढ़ जाता है जो इस ऊर्जा रोध को पार कर सके जिससे अभिक्रिया का वेग बढ़ जाता है।

डायग्राम 

  1. ताप 

ताप बढ़ाने से अभिक्रिया का वेग बढ़ता है।  ताप बढ़ाने से अणुओं की गतिज ऊर्जा भी बढ़ती है।  जिससे उनमे टक्करें अधिक होती है।  टक्करें अधिक होने पर सक्रियण की ऊर्जा प्राप्त कर लेते है।  जिससे अभिक्रिया का वेग बढ़ जाता है।

अभिक्रिया के वेग को वेग स्थिरांक से भी व्यक्त करते है।  ताप बढ़ाने पर वेग स्थिरांक का मान बढ़ता है।  प्रयोगों द्वारा यह पाया गया की 10 डिग्री सेंटीग्रेट ताप बढ़ाने से वेग स्थिरांक का मान दोगुना हो जाता है दूसरे शब्दों में अभिक्रिया का वेग दोगुना हो जाता है।

माना t.c ताप पर वेग स्थिरांक का मान kt है तथा t10 डिग्री सेंटीग्रेट ताप बढ़ाने से वेग स्थिरांक kt+10  हो जाता है

अतः

(kt+10 )/ kt= 2

10 डिग्री सेंटीग्रेट तापंतर पर वेग स्थिरांक के अनुपात को ताप गुणांक कहते है।

प्रश्न : ग्राफ द्वारा समझाइये की 10 डिग्री सेंटीग्रेट ताप बढ़ाने पर अभिक्रिया का वेग दोगुना हो जाता है।

उत्तर : डायग्राम

मैक्सवेल व वॉटसमान ने अणुओं के अंश व गतिज ऊर्जा में एक ग्राफ खिंचा जिसे मैक्सवेल वितरण वक्र कहते है।

अणुओं का अंश = NE/NT

NE  = गतिज ऊर्जा वाले अणुओ की संख्या

NT  = कुल अणुओं की संख्या

इस वक्र का शीर्ष अति सम्भाव्य गतिज ऊर्जा अर्थात अणुओं के सर्वाधिक अंश की गतिज ऊर्जा है।

जब ताप को 10 डिग्री सेंटीग्रेट बढ़ा दिया जाता है तो यह वक्र दायी ओर विस्थापित हो जाता है।  जिससे सक्रिमण  ऊर्जा से अधिक ऊर्जा वाले अणुओ के अंश में दोगुने की वृद्धि हो जाती है।

जिसे ग्राफ में ADF क्षेत्र से व्यक्त है अतः अभिक्रिया का वेग दो गुणा वर्धित हुआ है।

प्रश्न : वेग पर ताप का प्रभाव बताने के लिए आरेनियस समीकरण लिखो। 

उत्तर : K = Ae-Ea/RT

       यहाँ  K = वेग स्थिरांक

A = पूर्वचर घातांकी स्थिरांक या आरेनियस स्थिरांक

Ea    = संक्रियण ऊर्जा (activation energy )

R       = गैस नियतांक

R= 8.314 JK-1mol-1

             T = परमताप