ऊर्जा संसाधन , परम्परागत , गैर परंपरागत , आणविक ऊर्जा संसाधन , सौर ऊर्जा energy resources in hindi

By   October 23, 2019

(energy resources in hindi) ऊर्जा :

परम्परागत :

  1. कोयला
  2. पेट्रोलियम
  3. प्राकृतिक गैस
  4. परमाणु ऊर्जा
  5. जल विद्युत
  6. लकड़ी

गैर परंपरागत :

  1. बायो गैस
  2. बायो यास
  3. सौर ऊर्जा
  4. पवन उर्जा
  5. ज्वारीय उर्जा
  6. भू-तापीय उर्जा
  7. हाइड्रोजन ऊर्जा
परमाणु ऊर्जा : U238 का विखण्डन
स्रोत :
  1. यूरोलियम
  2. बैरेलियम
  3. थोरियम
  4. लिथियम
  5. मोनोजाईट
झारखंड – जादुगोडा
उदयपुर – जावर
केरल में रेतीले भाग में मोनोजाइट मिलता है |
1954 ट्रम्बे परमाणु ऊर्जा आयोन
प्रश्न : सबसे पहला परमाणु आयोग शुरू कहा हुआ ?
उत्तर : महाराष्ट्र
प्रश्न : परम्परागत ऊर्जा के स्रोत कौन कौन से है , भारत में परंपरागत ऊर्जा में आण्विक व जल विद्युत ऊर्जा का विस्तृत वर्णन कीजिये |
उत्तर : भारत में परंपरागत ऊर्जा स्रोतों में कोयला , पेट्रोल , प्राकृतिक गैस , ताप ऊर्जा , परमाणु ऊर्जा और जल विद्युत का प्रयोग किया जाता है |
आणविक ऊर्जा : देश में ऊर्जा की बढती हुई मांग और सिमित संसाधनों को देखते हुए परमाणु ऊर्जा का विकास किया गया है , यह ऊर्जा रेडियोधर्मी परमाणुओं के विखण्डन से प्राप्त की जाती है |
जल विद्युत : ऊर्जा के सभी रूपों में विद्युत शक्ति सबसे व्यापक और सहज है , इसकी मांग देश के उद्योग , परिवहन , कृषि एवं घरेलु क्षेत्रो में तेजी से बढ़ रही है , विद्युत शक्ति के अनेक विशिष्ट गुण है , इसलिए इसकी मांग भी अधिक है |
प्रश्न : तापीय ऊर्जा किसे कहते है ? भारत में तापीय ऊर्जा को उत्पन्न करने वाले क्षेत्रो मानचित्र बनाकर प्रदर्शित कीजिये |
उत्तर : तापीय ऊर्जा : कोयला , पेट्रोलियम को ही तापीय उर्जा कहते है |
1. कोयला : ब्रिटेन में हुई औद्योगिक क्रान्ति के आधार पर कोयले को उद्योगों की जननी , काला सोना और शक्ति का प्रतिक कहा जाता है | देश में आज भी कोयला शक्ति का सबसे महत्वपूर्ण साधन है |
विश्व में आधुनिक औद्योगिकरण का सूत्रपात करने का श्रेय कोयले को ही है |
2. पेट्रोलियम : पेट्रोलियम शब्द का शाब्दिक अर्थ चट्टानों से प्राप्त तेल से है | भारत में लगभग 30 लाख वर्ष पुरानी अवसादी चट्टानों में इसके भंडार उपलब्ध है , एक अनुमान के अनुसार भारत में विश्व का कुल संचित तेल का 0.5 प्रतिशत खनिज तेल उपलब्ध है |

सौर ऊर्जा

भारत में यहाँ प्रतिवर्ष 500 ट्रिलियन किलोवाट प्रति घंटा सूर्य से आने वाली विकिरण प्राप्त होती है |
उपयोग : सौर उर्जा से पानी गर्म करने , फसले पकाने , भोजन बनाने , विद्युत पम्प चलाने जैसे एवं ओद्योगिक एवं घरेलु विद्युत उत्पादन का कार्य किया जा सकता है |
राजस्थान को सबसे बड़ा सौर ऊर्जा वाटर हीटर कहा जाने लगा है |
पिलानी में और यहाँ 55 हजार लीटर पानी गर्म किया जाता है |
सोलर पावर पेक कितने स्थापित किये जा चुके है ?
उत्तर : 141
11 जनवरी 2010 को कौनसा मिशन शुरू किया और किसके नाम पर ?
उत्तर : मिशन सोलर और नाम जवाहर लाल नेहरु |

बायो गैस

कृषि , वन , कूड़े – कचरे , गोबर आदि , सामनो से बायो मास को का विकास कर रहे है |
और यह ऊर्जा का यह वैकल्पिक स्रोतों है , सबसे अधिक इसका उत्पादन ग्रामीण नगरो में होता है |
इस प्रकार के संयंत्र तानुकू (आंध्रप्रदेश)
फैजाबाद (उत्तर प्रदेश) , अंकलेश्वर (गुजरात) , मुक्तसर (पंजाब) , बेलगाम (कर्नाटक) में स्थापित किये गए है |
बायो गैस क्षेत्र :
हैदराबाद , विजयवाडा , लखनऊ
यहाँ पर अधिक बिजली व ऊर्जा प्राप्त की जाती है |

पवन ऊर्जा

भारत जैसे विशाल देश में पवन ऊर्जा की कुल क्षमता 45000 मेगावाट है , एशिया महाद्वीप की विशालतम पवन ऊर्जा द्वारा विद्युत उत्पादन की 150 मेगावाट उत्पादन क्षमता की परि योजना मुप्पडाल , तमिलनाडु में स्थित है |
देश में पवन ऊर्जा के उत्पादन के क्षेत्र में तमिलनाडु राज्य का स्थान प्रथम है , पवन ऊर्जा के उत्पादन राज्य और उत्पादन का विवरण दिया गया है –
  1. तमिलनाडु – 6007
  2. महाराष्ट्र – 2310
  3. गुजरात – 2884
  4. कर्नाटक – 1730
  5. राजस्थान – 1524