मेन्डल की सफलता के कारण , पनेट वग विधि , मेण्डल ने उधान मटर के उपलक्षणों का चुनाव किया, 7 लक्षणों पर प्रयोग किये

मेण्डल ने उधान मटर के उपलक्षणों का चुनाव किया तथा 7 लक्षणों पर प्रयोग किये, पनेट वग विधि ,  मेण्डल की सफलता के कारण Due to Mendel’s success in hindi

मेण्डल की सफलता के कारण:-

1- मेण्डल ने अपने अध्ययन के लिए उधान मटर पाइसम सेयइवन का चुनाव किया क्योकि:-

1 शकीय पादप:- कम जगह घेरता है।

2 वार्षिकी पादप कई पीढीयों का अध्ययन

3 द्वितलिंगी/स्व-परागण होता है किन्तु परमपरागत कराया जा सकता है।

4 विर्षर्यासी युग्म विकल्पी लक्षण अलग-2 लक्षण

5मेण्डल द्वारा चुने गये एकल लक्षण:-

मेण्डल ने उधान मटर के उपलक्षणों का चुनाव किया तथा 7 लक्षणों पर प्रयोग किये।

क्र.सं. लक्षण प्रभावी अग्रभावी

1 पादप की ऊंचाई लम्बापन बौनापन

2 पुष्प का रंग बैंगनी सफेद

3 पुष्प की स्थिति कक्षस्थ/अक्षीय अग्रस्थ/शीर्षस्थ

4 फली का रंग हरा पीला

5 फली की आकृति फूली पिचकी

6 बीज चोल का आकार गोल झुर्रीदार

7 बीज चोल का रंग पीला हरा

एक संकर संकरण प्रयोग/एकल संकर/एकल लक्षण एकल संकरण:-

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लम्बा: बोना  समलक्षणी अनुपात

75 ः 25 लक्षण प्रारूप

3: 1  phenotype

शुद्ध लम्बा: अशुद्ध लम्बा: बोना

25   :      50  :      25 समजीनी अनुपात

1    :2   :1  जीन प्रारूप /genotype

 पनेट वग विधि (वैकल्पिक):-

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 गणितिय विधि:-

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