digital computer in hindi डिजिटल कंप्यूटर क्या है तथा प्रकार , डिजिटल कम्प्यूटर किसे कहते है ?

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digital computer & types in hindi डिजिटल कंप्यूटर क्या है तथा प्रकार , डिजिटल कम्प्यूटर किसे कहते है ?

परिभाषा :डिजिटल कंप्यूटर में कंप्यूटर होते हैं जो सभी डाटा को डिजिट के रूप में अर्थार्थ 0 और 1 के रूप में कार्य करते हैं | मुझे कंप्यूटर 0 or 1 को अर्थार्थ बायनरी डिजिट को सभी गणनाएं और ऑपरेशन करने के लिए काम में लेते हैं |

इस प्रकार के कंप्यूटर का उपयोग गणना के लिए किया जाता है

डिजिटल कंप्यूटर को साइज अथवा आकार के आधार पर 4 भागों में वर्गीकृत किया जा सकता है इनको विस्तार पूर्वक आगे समझाया गया है

  1. माइक्रो कंप्यूटर :  माइक्रो कंप्यूटर कंप्यूटर होते हैं  जिनमें माइक्रोप्रोसेसर एक सबसे प्रमुख हिस्सा माना जाता है अर्थार्थ इस प्रकार के कंप्यूटरों में माइक्रोप्रोसेसर सबसे अहम होता है ,    इंटेल कॉरपोरेशन ने सन 1971 में पहला माइक्रोप्रोसेसर विकसित किया तथा माइक्रोप्रोसेसर बनाने वाले ईडी रॉबर्ट्स थे |
  • इस प्रकार के कंप्यूटर साइज तथा कीमत में कम होते हैं
  • इस प्रकार के कंप्यूटरों का विकास निजी उपयोग के लिए हुआ था इसलिए इस प्रकार के कंप्यूटर को पर्सनल कंप्यूटर भी कहते हैं
  • इनको एक बार में एक ही यूजर काम में ले सकता है इसलिए इन्हें सिंगल यूजर सिस्टम भी कहते हैं
  • इनकी प्रोसेसिंग तथा प्राथमिक मेमोरी कम होती है
  1. मिनी कंप्यूटर :  यह कंप्यूटर माइक्रो कंप्यूटर से अधिक विकसित होते हैं मिनी कंप्यूटर की प्रोसेस क्षमता माइक्रो कंप्यूटर की तुलना में 5 गुना अधिक होती है
  • साइज माइक्रो कंप्यूटर से अधिक होती है तथा मेनफ्रेम कंप्यूटर से कम होती है
  • यह कंप्यूटर समय साझा अर्थार्थ टाइम शेयरिंग पद्धती पर आधारित है
  • इस प्रकार के कंप्यूटरों का उपयोग मल्टी यूजर सिस्टम में सेंटर कंप्यूटर के रूप में प्रयुक्त होता है
  • उदाहरण –  पीडीपी- 70 , TDC
  1. मेनफ्रेम कंप्यूटर : कंप्यूटर का साइज मीनिंग तथा माइक्रो कंप्यूटर से अधिक होता है , इस प्रकार के कंप्यूटरों मैं स्टोरेज कैपेसिटी अधिक होती है अर्थात दिए अधिक डेटा को सेव कर सकते हैं ,  इनकी प्रोसेसिंग भी अधिक होती है ,  इनको l a n तथा w a n (local  area network & wide area network ) सिस्टम में सेंटर कंप्यूटर के रूप में प्रयुक्त किया जाता है , इस प्रकार के कंप्यूटर में एक से अधिक प्रोग्राम एक साथ काम कर सकते हैं अतः इनको मल्टी प्रोग्रामिंग कंप्यूटर कहते हैं | सामान्यतया इस प्रकार के कंप्यूटर प्रयोगशालाओं में वैज्ञानिकों द्वारा जटिल गणनाएं करने के लिए किया जाता है |

उदाहरण – DEC  तथा IBM- 3090

  1.  सुपर कंप्यूटर :  सुपर कंप्यूटर को सबसे शक्तिशाली कंप्यूटर माना जाता है क्योंकि इस प्रकार के कंप्यूटर की लॉजिकल डिसीजन क्षमता बहुत अधिक होती है अर्थात दिए लॉजिकल ऑपरेशन भी बड़े बेखुदी से कर सकते हैं ,  इन कंप्यूटरों की प्रोसेसिंग क्षमता तथा डाटा स्टोरेज कैपेसिटी बहुत अधिक होती है क्योंकि इस प्रकार के कंप्यूटरों की लागत क्षमता बहुत अधिक होती है अर्थार्थ यह बहुत ही महंगी कंप्यूटर होते हैं इसलिए यह सामान्य कार्यों के लिए प्रयुक्त नहीं किए जाते हैं

उदाहरण – PARAM ( परम)   सुपर कंप्यूटर

डिजिटल कम्प्यूटर (digital computer)

डिजिटल कम्प्यूटर सभी डाटा डिजिट में प्रदर्शित करते है और सभी ऑपरेशन इन डिजिटपर करते है। अर्थात ये कंप्यूटर केवल संख्याओं पर कार्य करते है। ये कंप्यूटर ऑपरेशन के लिए संख्याओं में 0 और 1 (बाइनरी संख्याओं) का प्रयोग करते है। यह कंप्यूटर गणनाओं से सम्बन्धित सभी ऑपरेशन डाटा को जोड़ कर ही करते है। ये कंप्यूटर एक साथ आवश्यक डाटा को इनपुट के रूप में लेते है और उसके बाद उन पर गणितीय क्रियाएं करते है और एक साथ उनका परिणाम स्क्रीन पर दर्शाते है। डिजिटल कंप्यूटरों को आकार के आधार पर चार भागों में विभाजित किया जाता है जिनकी मुख्य विशेषताएँ निम्नलिखित है –

(i) माइक्रो कंप्यूटर : 1971 में इंटेल कारपोरेशन के द्वारा सर्वप्रथम माइक्रो प्रोसेसर का विकास किया गया तथा Ed रोबर्ट्स द्वारा प्रथम माइक्रो कंप्यूटर का विकास किया गया था। वे सभी कंप्यूटर जो माइक्रो प्रोसेसर को मुख्य अवयव के रूप में प्रयोग में लेते है माइक्रो कंप्यूटर कहलाते है।
  • निजी उपयोग में लिए जाने के कारण इन्हें पर्सनल कंप्यूटर (PC) कहा जाता है।
  • ये आकार में छोटे और कम कीमत के होते है।
  • ये कंप्यूटर सिंगल यूजर सिस्टम है अर्थात इन पर एक बार में एक ही यूजर कार्य कर सकता है।
  • इन कंप्यूटरों की प्राइमरी मेमोरी की क्षमता और प्रोसेसिंग की क्षमता अन्य कंप्यूटरों से कम होती है।
  • होम कंप्यूटर , पर्सनल कंप्यूटर , नोट बुक कंप्यूटर और लैपटॉप कंप्यूटर आदि माइक्रो कंप्यूटर के महत्वपूर्ण उदाहरण है।
(ii) मिनी कंप्यूटर : मिनी कम्प्यूटर , माइक्रो कंप्यूटर की तुलना में अधिक शक्तिशाली होते है और इनकी प्रोसेसिंग की गति माइक्रो कंप्यूटर की तुलना में पांच गुना अधिक होती है। इन्हें सामान्यतया टाइम शेयरिंग और डिस्ट्रिब्यूटेड डाटा प्रोसेसिंग में प्रयोग में लिया जाता है। मिनी कंप्यूटर की मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित है –
  • ये आकार में माइक्रो कम्प्यूटर से बड़े और मेनफ्रेम कम्प्यूटर से छोटे होते है।
  • इन कम्प्यूटरों को मल्टी यूजर सिस्टम में केन्द्रीय कम्प्यूटर के रूप में प्रयोग में लिया जाता है।
  • ये कम्प्यूटर टाइम शेयरिंग पद्धति के आधार पर कार्य कर सकते है।
  • PDP-70 और TDC आदि मुख्य मिनी कम्प्यूटर है।
(iii) मेनफ्रेम कम्प्यूटर : मेनफ्रेम कंप्यूटर की मुख्य विशेषताएँ निम्नलिखित है –
  • मेनफ्रेम कंप्यूटर आकार में बड़े होते है।
  • ये कम्प्यूटर मल्टी यूजर वातावरण के लिए बनाये गए है अत: इनकी भण्डारण क्षमता अधिक और प्रोसेसिंग की गति अधिक होती है।
  • इनका प्रयोग लोकल एरिया नेटवर्क और वाइड एरिया नेटवर्क में केन्द्रीय कम्प्यूटर के रूप में किया जाता है।
  • इन कम्प्यूटरों की मेमोरी में एक साथ एक से अधिक प्रोग्राम लोड किये जा सकते है अत: कम्प्यूटर मल्टी प्रोग्रामिंग के सिद्धांत पर कार्य करते है।
  • इनका प्रयोग वैज्ञानिक प्रयोगों और जटिल गणनाएँ करने के लिए किया जाता है।
  • DEC और IBM-3090 मुख्य मेनफ्रेम कम्प्यूटर है।
(iv) सुपर कंप्यूटर : सुपर कंप्यूटर की मुख्य विशेषताएँ निम्नलिखित है –
  • ये सबसे शक्तिशाली कंप्यूटर है।
  • इन कम्प्यूटरों की लॉजिकल डिसीजन लेने की क्षमता अधिक होती है।
  • ये कम्प्यूटर भी मल्टी यूजर वातावरण के लिए तैयार किये गए है।
  • इन कंप्यूटरों की स्टोरेज क्षमता अधिक और प्रोसेसिंग की गति अन्य कंप्यूटरों से कही अधिक होती है।
  • इन कंप्यूटरों पर एक साथ एक से अधिक प्रोग्राम चलाये जा सकते है अत: इनका प्रयोग सामान्यतया मल्टीप्रोग्रामिंग और टाइम शेयरिंग पद्धति में किया जाता है।
  • इन कंप्यूटरों की कीमत अधिक होती है अत: इनका प्रयोग विशेष कार्यो के लिए किया जाता है।
  • भारत में निर्मित PARAM मुख्य सुपर कंप्यूटर है।