यूकेरियोटिक व प्रोकेरियोटिक जीन नियमन क्या है | प्रकार difference between eukaryotic and prokaryotic gene regulation in hindi 

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what is the main difference between eukaryotic and prokaryotic gene regulation in hindi यूकेरियोटिक व प्रोकेरियोटिक जीन नियमन क्या है | प्रकार ?

यूकेरियोटिक व प्रोकेरियोटिक जीन नियमन का तुलनात्मक विवरण
(Comparative account of Eukaryotic and Prokaryotic gene regulation)
युकेरियोटिक जीन नियमन में संवेदक (sensor), समाकलक (integrator), ग्राही (receptor) जीनों द्वारा सम्पन्न होता है। यूकेरियोटिक अनुलेखन न्यूक्लियस से होकर कोशिका द्रव्य में अनुदित होता है। m-आर एन ए दीर्घ जीवी होता है। अनुलेखन पूर्व m-आरएनए एन्जाइम तीन आर एन ए पॉलीमरेज I, II, III मिलते हैं। यह सामान्यतः आरएनए पालिमरेज प्प् द्वारा संवर्धित होता है। यूकेरियोटिक जीवों में m-आरएनए हमेशा एकमात्र प्रोटीन कोड करता है। आरएनए न्यूक्लियस में 5श्सिरे पर केप ‘Cap’ तथा 3श्सिरे पर पॉली पुच्छ द्वारा रूपान्तरित होते है। यह इनके स्थिर करने में सहायक है। यूकेरियोटिक जीन में प्रोटीन कोडित जीन इन्ट्रान जीन (असक्रिय) के मध्य स्थित रहते हैं। अतः लगातार प्रोटीन कोडित अनुक्रम प्राप्त करने के लिए पूर्व उ आरएनए के इलेक्ट्रान भाग को हटाना आवश्यक होता है जिसे स्पलाइंसिंग द्वारा हटाया जाता है। यह यूकेरियोटिक जीन नियमन की एक आवश्यक प्रक्रिया है जो आरएनए प्रोटीन सम्मिश्र द्वारा सम्पन्न होती है जिसे SnRNPs कहते हैं। पूर्ण विकसित mRNAS तब न्यूक्लियस से राइबोसोम पर प्रोटीन के रूप में अनुदन के लिए कोशिका द्रव्य में जाते हैं।
प्रोकेरियोटिक जीवों में जीन नियमन (regulator), एक वर्धक (promoter) तथा एक प्रचालक (operator) जीन के समन्वयन (coordination) द्वारा सम्पन्न होता है। इसके साथ ही प्रोकेरियोटिक डीएनए पर उपस्थित अनुक्रम अनुलेखन के प्रारम्भन को इंगित करता है। इसके साथ ही आरएनए पॉलिमरेज I जीन वर्धक (promoter) से समापक (Terminator) पर अनुलेखन करता है। परिणामस्वरूप m-आरएनए एक या दो प्रोटीन को कोडित करने वाले अनुक्रम इंगित करता है। अधिक प्रोटीन को कोडित करने की क्षमता को पॉलिसिस्ट्रोनिक (polycistronic) कहते हैं। डीएनए का वह भाग जो कोडित होता है आपरॉन कहलाता है। m-आरएनए का कोड करने वाला भाग राइबोसोम द्वारा प्रोटीन में अनुदित (translate) हो जाता है। इस प्रकार बन्धित होकर अमीनो अम्ल अनुक्रम की प्रारम्भन कोडोन (strat codon) AUG द्वारा सूचना प्रेषित करता है तत्पश्चात t-आरएनए, अमीनों अम्ल अमीनोएसिल -आरएनए के रूप में आनुवंशिक कोड द्वारा चिन्हित करके लाता है।
प्रमोटर (Promoter)
आरएनए संश्लेषण के दौरान जीन के प्रारम्भिक विशिष्ट स्थल पर जहाँ आरएनए पॉलिमरेज (जो संश्लेषण को उत्प्रेरित (catalysed) करता है) जुड़ता (binds) है उस विशिष्ट स्थल को प्रमोटर (promoter) कहते हैं । यह प्रथम क्षार, युग्म जिसका अनुलेखन (transcipted) आरएनए पर होना है, के साथ संलग्न रहता है जहां से प्रारम्भन होता है। इसी प्रारम्भन स्थल से आरएनए पॉलिमरेज टेम्पलेट के साथ आरएनए निर्मित करता है। यह निर्माण अन्तिम क्षार पर पहुंच कर समाप्त होता है।
आरएनए अनुलेखन डीएनए के किसी विशिष्ट भाग से ही प्रारम्भ होता है। इसी लिए आरएनए पॉलिमरेज द्वितीय डीएनए के किसी विशिष्ट स्थल से जुड़ता है जिसे प्रमोटर कहते हैं यही वह स्थान होता है जिसकी पहचान प्रमोटर पर स्थित T अथवा C द्वारा आरएनए पॉलिमरेज करता हैं। यहीं से अनुलेखन (transcription) प्रारम्भ हो जाता है। नव निर्मित श्रृंखला में T अथवा C के सामने A व G निर्मित होता है।
प्रमोटर के प्रकार (Types of Promoter)
प्रमोटर भिन्न-भिन्न प्रकार के हो सकते हैं तथा इनकी विभिन्नता प्रमोटर से कौन से 6-घटक संलग्न है, इस पर निर्भर करता है। सबसे अधिक प्रचलित 6-घटक 6-70 है जिसकी पहचान आरएनए पॉलिमरेज करता है। इसका आण्विक भार 70,000 है। प्रत्येक प्रमोटर से जुड़ने वाले -घटक का आकार भिन्न-भिन्न होता है। इनमें कुछ अनुक्रमों में समानता होती है जिसे कनसेन्सस (consensus) कहते हैं। इन कनसेन्सस के द्वारा विभिन्न प्रमोटर अलग से पहचाने जा सकते हैं।
प्रमोटर के अनुक्रम में निम्न दो प्रमुख भाग होते हैं-
(i) एक छोटा AT.की अधिकता वाला भाग (टाटा बॉक्स) यह लगभग 10 क्षार युग्म लम्बा होता है। यह उर्ध्वप्रवाह (upstream) कहलाता है क्योंकि यह अनुलेखन में प्रारम्भिक स्थल पर स्थित होता है। इसे -10 अनुक्रम (- 10 sequence) कहते हैं।
(ii) एक बड़ा -35 अनुक्रम अपस्ट्रीम (-35 sequence upstream) जिसमें 35 क्षार युग्म उपस्थित होते हैं। आरएनए पॉलिमरेज को इन दोनों -10 तथा – 35 अनुक्रम के साथ सलंग्न होना आवश्यक होता है।
एटीन्यूएशन (Attenuation)
प्रोकेरियोटिक जीवों के ट्रिप्टोफॉन ऑपेरॉन में यह एक नियमन प्रक्रिया (regulatory mechanism) है जो जीन के अनुलेखन की आवृत्ति (frequency of transcription) को नियमित करती है। यह वास्तव ने ऐसा न्यूक्लियोटाइड अनुक्रम रखती (employs) हैं जो समय से पहले अनुलेखन (premature transcription) में भाग लेता है।
ई.कोलाई में ट्रिप्टोफॉन ऑपेरोन द्वारा अमीनो अम्ल ट्रिप्टोफॉन संश्लेषण का नियमन (regulation) होता है। ट्रिप्टोफॉन ऑपेरॉन को जतच से दर्शाते हैं। ट्रिप्टोफॉन के संश्लेषण में निम्नलिखित पांच जीन इनसे सम्बन्धित एन्जाइम के लिए कोड करते हैं।
trp R, trp E, trp C, trp B, trp A यह पांच जीन इसी क्रम में अनुलेखित होते हैं। इन पांच जीनो के अतिरिक्त ई.कोलाई के trp ऑपेरोन में प्रमोटर (P) तथा ऑपरेटर (O) उपस्थित रहते हैं।
ऑपरेटर व trp E के मध्य 162 अनुक्रमों पर लीडर (L) कहलाते हैं। यहीं पर एन्टीन्यूएट (attenuation)ं ंस्थित होता है। दमनकारी जीन trp R प्रमोटर से पहले स्थित होता है।
जब ट्रिप्टोफॉन वृद्धि माध्यम में उपस्थित रहता है तब जतच ऑपेरॉन सक्रिय नहीं रहता तथा अनलेखन (transcription) नहीं होता। इसका अर्थ यह हुआ कि अमीनो अम्ल ट्रिप्टोफॉन की अधिकता में ट्रिप्टोफॉन की संश्लेषण हेतु अनुलेखन नहीं होता व निर्माण रूक जाता है। परन्तु यदि ट्रिप्टोफान की मात्रा ई. कोलाई के वृद्धि माध्यम में कम होती है तब अनुलेखन शुरू हो जाता है।
ट्रिप्टोफॉन ऑपेरॉन में एकमात्र अणु trp R दमनकारीध्रिप्रेशन जिसे एपोरिप्रेशनध्एपोदमनकर भी कहते हैं, नहीं होता है। इसमें एक अन्य सूक्ष्म सह दमन (co-repressor) की आवश्यता होती है। यह सोनों ही (दमनकरध्सहदमनकर) मिल कर ऑपरेटर (O) के साथ बन्ध कर ट्रिप्टोफान संश्लेषण को नियंत्रित करते हैं। जब इनमें से सहदमनकर अनुपस्थित होता है तब दमनकर ऑपरेटर के साथ नही बंधता तथा ऑपेरॉन के लिए जीन अभिव्यक्त (expressed) हो जाते हैं।
यहां एक बात मुख्य है कि ट्रिप्टोफान अणु जो सहदमनकर है उसका ज्तच दमनकर के साथ बन्छ ना अत्यन्त आवश्यक है अन्यथा प्रक्रिया दमनकारी नहीं होगी व जीन अभिव्यक्त होगा।
. ऑपेरॉन जतच के दमनकारी तंत्र (repression system) के नियमनकारी प्रोटीन (regulatory protein) trp दमनकारीध्रिप्रेसर (repressor) कहलाते हैं। यह trp R जीन के उत्पाद होते हैं।
ट्रिप्टोफान ओपेरॉन लेक ऑपेरॉन से निम्न लक्षणों में भिन्न होता है।
(1) ट्रिप्टोफॉन प्रेरक (inducer) की जगह दमनकारी तंत्र की तरह कार्य करता है।
(2) Trp ऑपेरॉन एक पूरे सेट का संश्लेषण करता है अर्थात् एनाबोलिक (anabolic) है तथा यह केटाबोलिक एन्जाइम की तरह व्यवहार नहीं करता। इसमें ग्लूकोज तथा cAMP-CAP की कोई भूमिका नहीं रहती।
(3) ट्रिप्टोफॉन संश्लेषण में निम्न दो नियमन तंत्र होते है
ं(i) ट्रिप्टोफॉन की उच्च सान्द्रता सहदमनकर ट्रिप्टोफॉन अणु के स्तर पर अनुलेखन रोक देती है तथा प्रमोटर को ब्लॉक
कर देती है।
(ii) ट्रिप्टोफान की कमी से सहदमनकर दमनकर के साथ बन्ध कर तंत्र को पुनः प्रारम्भ करता है तथा अनुलेखन प्रारम्भ हो
जाता है।
ट्रिप्टोफॉन ऑपेरॉन में जतच उत्छ। पर 162 क्षारक अनुक्रमों को लीडर आरएनए, (ऐसे आरएनए जिनका अनुलेखन (translation) नहीं होता) से दर्शाते हैं । इसका मुख्य गुण है कि यह समय से पहले अनुलेखन को लीडर क्षेत्र में जतच में रोक सकने में सक्षम बनाते हैं।
1. लीडर पेप्टाइड : AUG कोडोन तथा अधोप्रवाह (down stream) UGA स्टॉप कोडोन (stancodon) उपस्थित हैं।
यह क्षेत्र 14 अमीनो अम्ल की पॉलिपेप्टाइड के लिए कोड करती है।
2. लीडर पर अमीनो अम्ल 10 तथा 11जी स्थल पर उपस्थित 2 ट्रिप्टोफान कोडोन
3. लीडर आरएनए पर स्थित 4 खण्ड 1, 3 तथा 4

Try repressor ़ Trytophan
Repressor Copressor ⟶ In the excess of
tryptophan complex it binds to
the operator to stop transcription
and genes not expressed

 

Transcription occurs,
Try repressor – Trytophan ⟶ genes expressed in the absence
Absence of of corepressor tryptophan
corepressor

लीडर अनुक्रम (non translated RNA) कोडित क्षेत्र से पहले स्थित होते हैं इनमें भी नियमन क्षेत्र में उपस्थित हो सकते है जिसे एटीन्यूएटर (attenuater) कहते हैं जो जीन अभिव्यक्ति को ज्ञात करते है।
एटीन्यूएटर (attenuator) प्रोकेरियोटिक जीन अथवा इसके आरएनए में 5जी भाग में उपस्थित न्यूक्लियोटाइड के अनुक्रम हैं जो समय से पहले अनुलेखन (transcription) का समापन कर देते हैं जिसे प्री-मैच्योर अनुलेखन (pre&mature transcription) कहते हैं। ऐसा एक द्वितीयक संरचना निर्मित होने के कारण संभव होता है।
एन्टीटर्मिनेशन (Anti&termination)
कुछ प्रोटीन होते हैं जिसके कारण आरएनए पॉलिमरेज कुछ अनुलेखनकारी टर्मिनेशन सिग्नल (stop) को अनदेखा (ignore) कर देते हैं तथा इनके द्वारा प्रदत्त सूचनाओं का उपयोग करके दीर्घित सूचना उ-आरएनए अनुलेखन (transcript) तैयार करते हैं, यह प्रक्रिया एन्टीटर्मीनेशन कहलाती है।
बैक्टीरियोफाज 2 डीएनए ई.कोलाई के आरएनए पॉलिमरेज का प्रयोग करते हुए अपने उ-आरएनए का सम्पूर्ण अनुलेखन करते हैं। गुणात्मक नियंत्रण प्रारम्भन तथा समापन (termination) द्वारा होता है। प्रारम्भन -कोडित सक्रियक (activators) cI, cII तथा दमनकरध्रिप्रेसर cI, Cro द्वारा नियमित (regulated) होते हैं। समापन (termination) फॉज विशिष्ट एन्टीटर्मिनेटर्स (antiterminators) N तथा Q द्वारा नियंत्रित होता है तथा यह प्रोटीन आरएनए पॉलिमरेज को विशिष्ट समापन स्थल के बाहर अनुलेखित करता है।
प्रश्न (Questions)
(।) बहुविकल्पी प्रश्न (Multiple Choice Questions)
1. कारक संकल्पना किसने प्रस्तुत की ?
(ं) बेटसन (इ) मेंडल
(ब) मार्गन (क) नीरेनबर्ग
Who proposed the Factor’s hypothesis?
(a) Bateson (b) Mendel
(c) Morgan (d) Nirenberg
2. किस वैज्ञानिक ने संरचना पर आधारित जीन के तीन प्रकार बताये ?
(ं) बेंजर ;इ) मार्गन
(ब) मुलर (क) खुराना
Who proposed three type of genes on the basis of structure \
(a) Beæer ;b) Morgan
(c) Muller ;d) Khurana
3. किस वीषाणु में आर. एन. ए. द्विसूत्रीय होता है ?
(ं) TMV ;इ) [MS]
(ब) रियो (क) एन्फ्लूएन्जा
In which virus, RNA is double stranded
(a) TMV (b) MS]
(c) Rheo (d) Infleueæa
4. सेन्ट्रल डोग्मा किसने प्रतिपादित किया ?
(ं) वाटसन (इ) क्रिक
(ब) मार्गन ;क) मुलर
Who proposed the ‘Central Dogma’k~ \
(a) Watson ;b) Crick
(c) Morgan ;d) Muller
5. जीव में कितने अमीनों अम्ल प्राकृतिक रूप से पाये जाते हैं ?
(ं) 18 (इ) 20
(ब) 22 (क) 24
How many natural amino acids are found in organism \
(a) 18 (b) 20
(c) 22 (d) 24
6. आर.एन.ए का संश्लेषण निम्न एंजाइम द्वारा होता हैः
(ं) आर.एन.ए सिंथेटेज (इ) आर.एन.ए लाइगेज
(ब) राइबोन्यूक्लीयेज (क) आर.एन.ए. पोलीमरेज
RNA is synthesised by the eæyme:
(a) RNA synthetase ;b) RNA ligase
(c) Ribonuclease ;d) RNA polymerase
7. एक कोडोन में पाये जाते हैंः
(ं) एक न्यूक्लीयोटाइड (इ) दो न्यूक्लीयोटाइड
(ब) तीन न्यूक्लीयोटाइड (क) चार न्यूक्लियोटाइड
A codon is composed of:
(a) One nucleotide ;b) Two nucleotides
(c) Three nucleotides ;d) Four nucleotides
8. एन्टीकोडोन पाये जाते हैंरू
(ं) डी.एन.ए. पर ;इ) टी-आर.एन.ए. पर
(ब) एम-आर.एन.ए. पर ;क) राइबोजोम पर
Anticodons are found in:
(a) DNA ;b) t-RNA
(c) m-RNA ;d) Ribosomes
उत्तर (Answers)
1- a), 2- a] 3- c] 4- b] 5- b] 6- d] 7- c , 8- b]
(ठ) रिक्त स्थान भरिए (Fill In the Blanks)
1. यूकेरियोटिक कोशिकाओं में ……………….S राइबोसोम्स होते हैं।
Eucaryotic cells have ………………S ribosomes.
2. प्रतिलेखन की क्रिया में डी. एन. ए. से ………………..बनता है।
Transcription is the process of formation of ——————–from DNA-
3. ………………..जीन सिद्धान्त को बताया।
——————–proposed gene concept.
4. ………………..पुनर्योजन की सूक्ष्मतम इकाई है ?
——————–is the smallest unit of recombination-
5. टी. एम. वी में आनुवंशिक पदार्थ………………..पाया जाता है।
The genetic material——————–is found in TMV
6. राइबोसोम में ………………..RNA पाया जाता है।
——————–RNA is found in ribosomes-
7. आनुवंशिक संरचनाओं के वृत्तीय प्रवाह को ………………..ने बताया ।
——————–proposed about circular flow of genetic information-
8. पोलीजोम्स………………..निर्माण के दौरान बनते हैं।
Polyzomes are formed during——————–synthesis-
उत्तर (Answers)
1. 80, 2. mRNA, 3. मार्गन (Morgan), 4. रिकान (Recon), 5. RNA, 6.आर (त), 7. बेरी कामनर (Bary Commoner) 8. प्रोटीन (Protein)
(ब्) अतिलघुत्तरात्मक प्रश्न (Very Short Answer Type Questions)
1. जीन की परिभाषा दीजिये।
Define a gene.
2. ऑपरेटर साइट की परिभाषा दीजिए।
Define operatorsite.
3. प्रमोटर की परिभाषा लिखिये।
Define promoter-
(क्) लघुत्तरात्मक प्रश्न (Short Answer Type Questions)
1. आनुवंशिक सूचनाओं के प्रवाह की धारणाओं को बताइये।
Write about concept of the flow of genetic information-
2. सिग्मा कारक क्या होते है ?
What is Sigma factor.
3. लेक ओपरॉन धारणा को बताइये।
Write about Lac operson concept-
4. धनात्मक नियंत्रण पर टिप्पणी लिखिये।
Write a short note on positive control.
5. ऋणात्मक नियंत्रण पर टिप्पणी लिखिये।
Write a short note on negative control-
6.. एटीन्यूऐशन पर टिप्पणी लिखिये।
Write a short note on attenuation.
7. प्रमोटर पर टिप्पणी लिखिये।
Write a short note on promoter.
(थ्) निबन्धात्मक प्रश्न (Essay Type Questions)
1. लेक ऑपेरॉन मॉडल पर लेख लिखिये।
Write an essay on Lac Operon model-]