destructor in c++ language , what is destructor in c++ explain in hindi with example program

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what is destructor in c++ explain in hindi with example program , destructor in c++ language :-
इससे पहले के article मे , c++ language के सबसे महतवपूर्ण concept constructor को discuss किया है  | अब इस article मे c++ language के दुसरे महतवपूर्ण concept destructor को discuss किया था |
C++ destructor 
जब किसि constructor को किसिस object को create करने के लिए किया जाता है तब किसी प्रोग्राम से किसी object की responsibility को ट्रैक किया जाता है | अतः प्रोग्राम किसी प्रोग्राम को आटोमेटिक call करता है जिसे destructor  कहते है | destructor का use किसी object को clear करने के लिए use किया जाता है | अतः इस destructor को useful application होता है |
जब किसी constructor new का use किसी object के लिए memory को allocate करने के लिए use किया जाता है तब destructor , delete command  को किसी object को डिलीट करने के लिएर किया जाता है | destructor का use किसी memory को free करने के लिए किया जाता है |
stock construtor का use किसी new क्कोम्मंद को use करना complusy नहीं होता है | इसलिए किसि stock destructor मे भी कोई भी task को perform नहीं किया जाता है |अतः complier destructor को  implicit declare नहीं किया जाता है | लेकिन destructor  को explicit declare किया जाता है तब इसका syntax निन्म होता है :
constructor की तरह destructor  का sepcial name होता है | इसे tilde operator (~) को use किया जाता है | जैसे stock destructor को ~stock से call किया जता है | constructor की तरह descructor की तरह कोई भी value return नहीं होती है | और इसका कोई भी declare type नहीं होता है | लेकिन constructor की तरह destructor मे कोई भी argument pass नहीं होता है | अतः इसका  syntax निन्म होता है :
~stock ();
stock()destructor  का केवल एक ही ड्यूटी होता है | इसका syntax निन्म होता है :-
stock :: ~stock ()
{
}
जब किसी destructor  को call किया जाता है तब इसका execution को निन्म code से पहचान जा सकता है :-
stock :: ~stock ()
{
cout<<“object delete !”;
}
जब किसी static object को create किया जाता है तब प्रोग्राम इस code मे allocate memory को आटोमेटिक terminate कर देता है |
जब किसी आटोमेटिक  class object को create किया जाता है तब प्रोग्राम इस destructor से   allocate memory को आटोमेटिक terminate कर देता है | जब class मे perform किये गये task को execute करने के बाद destructor allocate memory को डिलीट किया जाता है |
जब किसि object को new से create किया जाता है तब ये object heap memory और free store मे located होता है | और जब डिलीट command को use किया जाता ही तब destructor से allocate memory से डिलीट किया जाता है |
प्रोग्राम से temporary object को create किया जाता है | जो की कुछ sepecfic task को perform किया जाता है |
जाब class object expire हो जाता है तब destructor को आटोमेटिक call किया जाता है |
Stock management project का modify form :
इससे पहले के article मे discuss Stock management project मे केवल construtor को उससे किया जाता है लेकिन अब इस article मे construtor और destructor को use किया गया है | c++ language मे बहुत लम्बे code को store करने के लिए file format को useकिया जाता है | इसमें code को अलग लग file मे store किया जाता है |
हेडर file stock.h मे हेडर code को include किया जाता है | इसमें class की declartion और source code file जो की method की definition को hold करता है को hold करता है | इसके लिए सभीfile को ट्रैक easily किया जाता है |
stock.cpp मे class की definition को hold किया जाता है |
इसका code निन्म है :
stock.h
class stock
{
char company [50];
int share ;
double sharevalue ;
double total ;
void set_total (){total = share value * share ;}
public :
stick ();
void buy();
void sell();
void show();
void update ();
}
 stock.cpp mai
#include<iostream>
#include<conio.h>
stock :: stock (const char * compnany , int n =0 , double price = 0.0 )
{
std :: strcpy ( name ,company,50 );
company[50]=’\0′;
if(n<0)
{
std::cerr<<“share can not be negetive “;
         << we set share equal to ‘0’ “<<endl;
share = 0 ;
}
else
share = n ;
share_price = price ;
total ();
}
stock :: ~stock ()
{
std :: cout<<“Stock Management Syatem Close “<<Bye ;
}
stock :: buy()
{
if(n<0)
{
std::cerr<<“share purchase can not be negetive “;
         << Please enter share more than ‘0’ “<<endl;
share = 0 ;
}
else
share += n ;
share_price = price ;
total ();
}
stock :: sell()
{
if(n<0)
{
std::cerr<<“share sell can not be negetive “;
         << Please enter share more than ‘0’ “<<endl;
share = 0 ;
}
else
share -= n ;
share_price = price ;
total ();
}
stock :: show()
{
cout<<“company Name :<<company ;
cout<<“share value  :”<<total ;
cout<<“share number :”<<sharevalue
}
Input File मे ,
इस file मे यूजर द्वारा input किये data को console screen पर display किया जाता है और data पर operation perform किया जाता है |इसका code main() function होता है | इसका code निन्म है :
main()
{
cout<<“using constructor for create object “;
stock company1 (“parth “,30 , 200);
company1.show();
stock company2(“meet “,50 , 100);
company2.show();
cout<<“assignment operator”;
company2= company1;
company2.show();
company1.show();
cou<<“using construtor to reset object”;
company2=stock (“Om”,200,200);
cout<<“revised stock”;
company2.show();
cout<<“Done !”;
}
}
इस article मे destructor को discuss किया है अब आगे के article मे destructor के advance method को discuss करेगे |