हिमांक बिंदु का अवनमन क्या है , सूत्र , व्याख्या , हिमांक में अवनमन (depression in freezing point in hindi)

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(depression in freezing point in hindi) हिमांक बिंदु का अवनमन क्या है , सूत्र , व्याख्या , हिमांक में अवनमन : सबसे पहले बात करते है कि हिमांक बिंदु क्या होता है और इसकी परिभाषा तथा उदाहरण क्या है।
हिमांक बिंदु : वह ताप जिस पर कोई द्रव ,  द्रव और ठोस अवस्था में साम्यावस्था में आ जाता है अर्थात इस ताप पर किसी द्रव का , द्रव और ठोस अवस्था साम्यावस्था में आ जाता है तो इस ताप को हिमांक या हिमांक बिंदु कहते है।
या
वह ताप जिस पर किसी द्रव का , द्रव और ठोस दोनों अवस्थाओं में वाष्प दाब का मान बराबर हो जाता है , उस ताप को हिमांक कहते है।
सरल भाषा में कहे तो वह ताप जिस पर कोई द्रव जमने लगता है , उस ताप को द्रव का हिमांक बिंदु कहते है।

हिमांक में अवनमन

राउल्ट के नियम के अनुसार जब किसी शुद्ध विलायक में जब कोई विलेय मिलाया जाता है तो इसका वाष्प दाब घट जाता है अर्थात शुद्ध विलायक का वाष्प दाब , विलयन की तुलना में अधिक होता है।
विलायक में मिलाया गया विलेय जितना अधिक अवाष्पशील होता है उस विलयन का वाष्प दाब का मान उतना ही कम होता है।
चूँकि विलयन का वाष्प दाब अपेक्षाकृत कम होता है इसलिए विलयन कम ताप पर जमता है या विलयन का हिमांक बिंदु कम होता है।
ऐसा इसलिए होता है क्यूंकि विलयन का वाष्प दाब कम होने के कारण , इसके द्रव अवस्था तथा ठोस अवस्था का वाष्प दाब कम पर ही बराबर प्राप्त हो जाता है और इस ताप पर यह जमने लगता है या हिमांक कम होता है।
चूँकि विलायक का हिमांक अधिक होता है लेकिन जब इसमें विलेय पदार्थ घोलकर विलयन बनाया जाता है तो विलयन का हिमांक कम होता जाता है इसलिए इसे हिमांक में अवनमन कहते है।

यहाँ चित्र में एक ग्राफ दर्शाया गया है जिसमें शुद्ध विलायक और विलयन के वाष्प दाब और ताप के मध्य ग्राफ खिंचा गया है।
यहाँ हम शुद्ध विलायक और विलयन के लिए देखते है कि किस ताप पर ये हिमांक बिंदु पर पहुँच जाते है।
शुद्ध विलायक Tf° ताप पर हिमांक पर पहुच जाता है या Tf° ताप पर शुद्ध विलायक जमना शुरू कर देता है , तथा विलयन Tf ताप पर जमना शुरू होता है या Tf ताप विलयन का हिमांक बिंदु है।
यहाँ माना हिमांक में अवनमन ΔTf है तो
हिमांक में अवनमन = विलायक का हिमांक – विलयन का हिमांक
ΔTf = Tf° – Tf