केंद्रीय कीटनाशक बोर्ड क्या है ? what is Central Insecticides Board in hindi केंद्रीय कीटनाशी प्रयोगशाला

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what is Central Insecticides Board in hindi केंद्रीय कीटनाशक बोर्ड क्या है ? केंद्रीय कीटनाशी प्रयोगशाला  ? 

केंद्रीय संस्थाएं एवं प्रयोगशालाएं
।) केंद्रीय कीटनाशी बोर्ड (Central Insecticides Board)
यह बोर्ड केंद्रीय तथा राज्य सरकारों को सभी तकनीकी मामलों पर जैसे कीटनाशियों के उत्पादन, प्रसूत्रण, भण्डारण, परिवहन, वितरण विक्रय एवं सुरक्षित उपयोग पर सलाह देता है। साथ ही, निर्माताओं द्वारा प्रदान किए गए आंकड़ों पर और देश के वैज्ञानिकों द्वारा किए गए शोध-निष्कर्षों के आधार पर यह बोर्ड कीटनाशक अवशेषों की सहनता सीमाओं, तथा उनकी ष्शेल्फ-लाइफष् यानी उनके क्षमता काल को भी तय करता है। इस बोर्ड के 29 सदस्य हैं जो भारत सरकार के विविध मंत्रालयों एवं विभागों का प्रतिनिधत्व करते हैं और कुछ विशेषज्ञ होते हैं। इस बोर्ड का अध्यक्ष स्वास्थ्य सेवाओं का डाइरेक्टर जनरल होता है।

ठ) पंजीकरण समिति
इस समिति में एक अध्यक्ष और अधिक से अधिक पांच और व्यक्ति होते हैं जो केंद्रीय कीटनाशी बोर्ड के सदस्यों में से होते हैं और उन्हीं में से औषध नियंत्रक (क्तनहे ब्वदजतवससमत) तथा पादप सुरक्षा सलाहकार भी होता है। केंद्रीय सरकार द्वारा मंत्री (सेक्रटरी) नियुक्त किया गया व्यक्ति बोर्ड के एवं इस समिति के मंत्री के रूप में कार्य करता है। मंत्री के सहायतार्थ सात तकनीकी अधिकारी होते हैं- एक कीटविज्ञानी, एक पादपरोग विशेषज्ञ, एक सस्यविज्ञानी, एक आयुर्विज्ञानीय आविषविज्ञानी, एक वरिष्ठ रसायनज्ञ, एक पैकेजिंग इंजीनियर तथा एक विधि (कानून). अधिकारी और साथ में अन्य कार्यालयी कार्यकर्ता।

इससे पहले कि कीटनाशकों को बेचा जाए सभी कीट नाशकों का इस समिति द्वारा अनुमोदन एवं पंजीकरण किया जाना जरूरी है। प्रसूत्रों की जांच और उनकी प्रभावकारिता एवं मनुष्यों तथा प्राणियों की सुरक्षा पर उनका सत्यापन होने पर ही पंजीकरण किया जाता है। इसके अतिरिक्त यह समिति उन सावधानियों को भी विशेष तौर से बता सकती है जिन्हें किसी विशिष्ट कीटनाशी के उपयोग तथा छुने-संभालने से हो सकने वाले विषायण के प्रति ली जानी चाहिए।

ब्) अन्य समितियां
यह बोर्ड कुछ और समितियां तथा विशेष पैनेल (दल) भी बनाता है जो इस प्रकार हैं रू
प) पीड़कनाशी पर्यावरण प्रदूषण सलाहकार समिति, जिसका काम बोर्ड को उन तमाम खतरों जो कृषि, जन-स्वास्थ्य, अनाज भण्डारण अथवा किसी भी अन्य उद्देश्य के लिए पीडकनाशियों के उपयोग से पैदा हो सकते हैं, के विषय में सलाह देना है। इस समिति में अध्यक्ष सहित 20 सदस्य होते हैं।
पप) विशेष दल – छह विभिन्न विशेषज्ञ दल जिनका काम कीटनाशियों, कवकनाशियों, शाकनाशियों तथा धूमकों एवं रोडेण्ट नाशियों
(चूहा-वर्ग नाशियों) के अनुमोदित उपयोग को अंतिम रूप देना है। पीड़कताशियों के निर्माताओं को इन उपयोगों एवं उनके जैव-प्रभावकारी गुणों को सूचनार्थ पुस्तिका-पर्ची में देना अवश्यंभावी है।

क्) केंद्रीय कीटनाशी प्रयोगशाला
अधिनियम के प्रावधानों के अंतर्गत भारत सरकार ने एक केंद्रीय कीटनाशक प्रयोगशाला की स्थापना की है जिस पर एक निदेशक का नियंत्रण होगा। इस प्रयोगशाला के निदेशक पर निम्नलिखित जिम्मेदारियां एवं क्रियाएं होंगी –
a) केंद्रीय अथवा राज्य सरकार के किसी भी अधिकारी अथवा प्राधिकरण द्वारा भेजे गए कीटनाशक नमूनों का विश्लेषण करना।
b) कीट नाशक अवशेषों के लिए सामग्री-नमूनों का विश्लेषण करना।
c) कीटनाशकों के पंजीकरण की शर्तों को पूरा करने की दिशा में सभी प्रकार के अन्वेषणों को करना।
d) कीटनाशकों की प्रभावशीलता एवं विषालुता निर्धारण करना।
e) केंद्रीय सरकार अथवा राज्य सरकारों द्वारा उसे सुपुर्द किए जा सकने वाले सभी कार्यों को कीटनाशक बोर्ड की अनुमति से पूरा करना।

म्) राज्य कीटनाशक परीक्षण प्रयोगशाला (State Insecticides Testing Laboratory)
प्रत्येक राज्य तथा केंद्र शासित क्षेत्र को एक या एक से अधिक कीटनाशक परीक्षण प्रयोगशालाएं स्थापित करनी आवश्यक हैं ताकि कीटनाशक इन्स्पेक्टरों द्वारा वहां भेजे गए नमूनों की गुणवत्ता की जांच हो सके। ऐसी प्रत्येक प्रयोगशाला में पीड़कनाशियों के नमूनों के विश्लेषण हेतु आवश्यक कार्यदल एवं उपयुक्त प्रयोगशाला उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं। कीटनाशक विश्लेषक प्रयोगशाला अधिकारी की तरह काम करता है और उसे परीक्षण अथवा विश्लेषण की रिपोर्ट आगे भेजनी होती है।

 पैकिंग तथा लेबलिंग
अधिनियम के प्रवर्तन (लागू किए जाने) के बाद पीड़कनाशकों को तभी बेचा जा सकता है जब उनकी पैंकिग एवं लेबिलिंग नियमों के अनुरूप हुआ हो। कीटनाशी के प्रत्येक पात्र की आकति. साइज एवं स्वरूप का अनमोदन पंजीकरण समिति द्वारा किया जाना चाहिए। लेबलों का छापना और चिपकाया जाना भी निर्धारित तरीके से ही किया जाना चाहिए जैसा कि आप इस पाठ्यक्रम की इकाई 12 में पढ़ चुके हैं।

 प्रवर्तन व्यवस्था (Enforcement Machinery)
कीटनाशक निरीक्षकों (इंस्पेक्टरों) के कर्त्तव्य रू केंद्रीय अथवा राज्य सरकारों द्वारा नियुक्त कीटनाशक निरीक्षकों को ये सब कार्य करने होते हैं रू
प) सुनिश्चित करना कि लाइसेंस की सभी शर्ते पूरी की गयी हैं,
पप) उसको लिखित में दी गयी हर शिकायत की जांच कराना,
पपप) वर्ष में कम से कम तीन बार अपने अधिकार-क्षेत्र के सभी कीटनाशक विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों का निरीक्षण करना,
पअ) उसके द्वारा किए गए सभी निरीक्षणों एवं कार्यवाहियों का रिकार्ड रखना, जिनमें नमूने लेने, भण्डार को कब्जे में लेना आदि शामिल
है, और इन सबकी रिपोर्टों को लाइसेंस-अधिकारी के पास भेजना,
अ) ऐसे निरीक्षण करना अथवा ऐसी जांच-पड़तालें करना जिन्हें यह जानने के लिए आवश्यक समझा जाए कि किसी ऐसे कीटनाशक
की बिक्री तो नहीं हो रही जिसका अधिनियम में प्रावधान न किया गया हो,
अप) अधिनियम के अंतर्गत बनाए नियमों का उल्लंघन होने पर स्थानीय न्यायालयों में मुकदमा दायर करना।