केशिका उन्नयन या केशिकात्व की परिभाषा क्या है , उदाहरण  , पृष्ठ तनाव व अपमार्जक , capillary action in hindi

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केशिका उन्नयन या केशिकात्व :

केश नली : वह नली जिसका व्यास बाल के व्यास के बराबर होता है , केशनली कहलाती है।

अर्थात केशनली की त्रिज्या बहुत ही अल्प होती है।

केशिका उन्नयन : जब किसी केश नली को द्रव में डुबोया जाता है तो द्रव या तो केशनली में ऊपर चढ़ जाता है या द्रव केशनली में नीचे उतर जाता है , इस घटना को केशिका उन्नयन या केशिकात्व कहते है।

वे द्रव जो ठोस सतह को गिला कर देते है , उनके लिए आंसजक बल का मान संसजक बल से अधिक होता है अर्थात सम्पर्क कोण का मान न्यून कोण होता है , उसे द्रव केशनली में ऊपर चढ़ जाते है।

वे द्रव जो ठोस सतह को गीला नहीं करते है उनके लिए ससंजक बल का आन आसंजक बल से अधिक होता है अर्थात सम्पर्क कोण अधिक कोण होता है। उसे द्रव केशनली में नीचे उतर जाते है।

n = 2Tcosθ/drg

n = द्रव की ऊँचाई

T = द्रव का पृष्ठ तनाव

d = द्रव का घनत्व

r = केशनली की त्रिज्या

g = गुरुत्वीय त्वरण

उदाहरण :

  1. जडो द्वारा अवशोषित जल तने में निर्मित केश नलियाँ द्वारा पत्तियों तक पहुँच जाता है।
  2. लिखने वाली कलम के कटे हुए भाग को जब स्याही में डुबोया जाता है तो कटे हुए भाग पर बनी केश नलियो में स्याही ऊपर चढ़ जाती है।
  3. किसान सिंचाई करने के बाद खेत में जुताई करता है क्योंकि मिट्टी में केश नलियाँ पाई जाती है और जल केश नलियों में ऊपर चढ़कर वायु मण्डल में वाष्पित हो जाता है अत: खेत की जुताई करने पर मिट्टी में बनी हुई केश नालियाँ टूट जाती है जिसके कारण मिट्टी में नमी बनी रहती है।
पृष्ठ तनाव व अपमार्जक : जब जल में अपमार्जक मिलाया जाता है तो पृष्ठ तनाव कम हो जाता है। जब तेल , चिकनाई युक्त धब्बे वाले कपडे धोये जाते है तो अपमार्जक के कारण धब्बे विलय हो जाते है।
ताप का मान बढाने पर द्रव का पृष्ठ तनाव कम हो जाता है।
यदि किसी द्रव में घुलनशील द्रव पदार्थ मिला दिया जाए तो द्रव का पृष्ठ तनाव बढ़ जाता है।
यदि किसी द्रव में अघुलनशील विलय पदार्थ मिला दिया जाए तो पृष्ठ तनाव कम हो जाता है।
किसी द्रव पदार्थ में अशुद्धियां मिलाने पर द्रव का पृष्ठ तनाव कम हो जाता है।