बोहर कक्षायें : हाइड्रोजन और हाइड्रोजन के समान परमाणु के लिए बोहर कक्षा (bohr orbits for hydrogen atom in hindi)

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(bohr orbits for hydrogen atom in hindi) बोहर कक्षायें : हाइड्रोजन और हाइड्रोजन के समान परमाणु के लिए बोहर कक्षा : हमने बोहर का परमाणु मॉडल का अध्ययन कर लिया है जिसमे हमने देखा कि बोहर के अनुसार नाभिक के चारों ओर इलेक्ट्रान निश्चित कक्षाओं में चक्कर लगाता है जिनकी ऊर्जा भी निश्चित होती है , ऊर्जा पाकर इलेक्ट्रॉन आपकी स्थायी कक्षा से उच्च ऊर्जा कक्षाओं में गति कर जाता है और उच्च ऊर्जा कक्षाओं से ऊर्जा का उत्सर्जन करके निम्न ऊर्जा स्तरों की कक्षा में आ जाता है।

अब हम बोहर के मॉडल से सम्बंधित सूत्रों की स्थापना और अध्ययन करते है।

कक्षीय त्रिज्या (orbital radius)

जब कोई इलेक्ट्रॉन स्थायी कक्षाओं में चक्कर लगाता है तो आवश्यक अभिकेन्द्रीय बल , इलेक्ट्रॉन और नाभिक के मध्य कूलाम बल (विद्युत आकर्षण बल) के द्वारा प्राप्त होता है।
जब इलेक्ट्रॉन स्थायी कक्षाओं में चक्कर लगा रहा हो तब
अभिकेन्द्रीय बल = कूलाम बल

बोहर के मॉडल के अनुसार इलेक्ट्रान केवल उन्ही कक्षाओं में चक्कर लगाता है जिनमें कोणीय संवेग का मान nh/2π के गुणज के बराबर होता है –
अत:
mvr = nh/2π
दोनों समीकरणों को हल करने पर कक्षा की त्रिज्या (r)

यहाँ n = कक्षा 1 , 2 , 3 ……… आदि।
h = प्लांक नियतांक = 6.67 x 10–34 J-s होता है।
K =  नियतांक है जिसका मान 1/(4πε0)  = 9 x 109 N m2 C–2 होता है।
m = इलेक्ट्रान का द्रव्यमान = 9.1 x 10–31 Kg होता है।
e = इलेक्ट्रान पर आवेश1.6 x 10–19 C होता है।
Z = परमाणु क्रमांक

इलेक्ट्रॉन की कक्षीय चाल

कोई भी इलेक्ट्रॉन अपनी कक्षा में जिस चाल से गति करता है उसे कक्षीय चाल कहते है।
कक्षीय चाल का सूत्र निम्न होता है –

इलेक्ट्रॉन की कक्षीय आवृत्ति

नाभिक के चारों ओर चक्कर लगा रहे इलेक्ट्रॉन की किसी कक्षा में आवृत्ति का मान इलेक्ट्रॉन की कक्षीय आवृत्ती कहलाती है।
इलेक्ट्रॉन की कक्षीय आवृत्ति का सूत्र निम्न होता है –
f = v/2π
n वीं कक्षा की इलेक्ट्रान कक्षीय आवृत्ति

इलेक्ट्रॉन  की ऊर्जा

जब कोई इलेक्ट्रॉन  उच्च ऊर्जा स्तर कक्षा से निम्न ऊर्जा स्तर कक्षा में आता है तो ऊर्जा का उत्सर्जन करते है , उत्सर्जित विकिरण के फोटोन की ऊर्जा यदि hv हो तो इसका मान निम्न सूत्र द्वारा ज्ञात किया जाता है –