बैरोमीटर की परिभाषा , कार्य का चित्र ,संकेत उपयोग , आविष्कार खोज (barometers meaning in hindi)

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(barometers meaning in hindi) बैरोमीटर की परिभाषा , कार्य का चित्र ,संकेत उपयोग , आविष्कार खोज : बैरोमीटर एक ऐसा यन्त्र है जिसकी सहायता से वायु दाब का मापन किया जाता है , इसकी सहायता से वायुमण्डलीय दाब को भी मापा जाता है , चूँकि वायुमण्डलीय दाब अलग अलग जगह पर भिन्न होता है क्यूंकि अलग अलग जगह की समुद्र स्तर से ऊंचाई अलग अलग होती है।
बैरोमीटर की खोज टोरोसेली ने वायुदाब को मापने के लिए किया था।
यह दो प्रकार का होता है मर्करी और निर्द्रव (aneroid)

मर्करी बैरोमीटर का कार्य व चित्र

यह बैरोमीटर सबसे सिंपल यन्त्र है जो किसी भी जगह पर वायुमण्डलीय दाब के मापन के लिए उपयोग किया जाता है। मर्करी बैरोमीटर को Torricellian बैरोमीटर भी कहते है।
जैसा की चित्र में दिखाया गया है , इसमें एक कांच की नली होती है जो एक सिरे से खुली होती है और इस नली का दूसरा सिरा बंद होता है।
इस काँच की नली में मरकरी भरते है और एक दुसरे पात्र में मरकरी भरते है , इस मर्करी से भरे पात्र में , भरी हुई नली को इस प्रकार डुबोते है कि नली का खुला मुंह मर्करी वाले पात्र में डूबा रहे जैसा चित्र में दर्शाया गया है।
इसे इस प्रकार रखने पर मर्करी का स्तर कुछ निचे आता है और बिंदु A पर आकर रुक जाता है , चूँकि नली के ऊपर कोई वायु उपस्थित नहीं है इसका अभिप्राय है कि बिंदु A के ऊपर नली में निर्वात उत्पन्न हो गया है अत: यहाँ किसी प्रकार का कोई वायु दाब नही है अत: बिंदु A पर दाब का मान शून्य होगा अर्थातPA  = 0
चूँकि बिंदु B और मर्करी तल पर दाब का मान समान है अत: जो दाब B का होगा वही दाब का मान पात्र में रखे मर्करी की सतह पर भी होगा।
अत: जो वायुदाब उस जगह का होगा वही वायु दाब बिंदु B का होगा , B बिंदु पर दाब का मानPB = PA + pgH होगा।
यहाँ H = बिंदु A तथा B के मध्य की दूरी है।
चूँकि बिंदु A पर वायुदाब का मान शून्य है (हमने ऊपर ज्ञात किया है )
अत: B बिंदु पर वायुदाब का मानPB = pgH होगा।
चूँकि बिंदु B का और सतह का वायुदाब समान है अत: उस जगह का वायु दाब का मान भी B बिंदु के समान ही होगा अत: उस जगह का वायुदाब =  pgH होगा।