शुभ की परिभाषा क्या है | शुभ किसे कहते है शब्द का अर्थ मतलब बताइए Auspicious in hindi meaning

By   February 4, 2021

Auspicious in hindi meaning definition शुभ की परिभाषा क्या है | शुभ किसे कहते है शब्द का अर्थ मतलब बताइए ?

शब्दावली
शुभ (Auspicious): सौभाग्य, सफलता के साथ इस शब्द का प्रयोग सकारात्मक या भाग्यशाली अवसरों को चिन्हित करता है।
सह-भोज (Commensality): इस संदर्भ में इस शब्द का अर्थ है एक ही मेज पर एक साथ भोजन करना।
शुद्धतावादी (Puritanical): जो व्यक्ति कड़े नैतिक अनुशासन का पालन करता है।
समन्वय (Syncretism): विभिन्न विश्वास मतों में सामंजस्य स्थापित करना या करने का प्रयास करना।

उद्देश्य
इस इकाई को पढ़ने के बाद, आप,
ऽ जावा के इतिहास, समाज और संस्कृति का संक्षेप में वर्णन कर सकेंगे, और
ऽ दो उदाहरणों द्वारा जावा के प्रमुख अनुष्ठान “स्लामेतान” के अर्थ और महत्व को स्पष्ट कर सकेंगे।

प्रस्तावना
इकाई 7 में आप ने दक्षिण अफ्रीका की एक सरल संरचना वाली जाति की अनुष्ठान व्यवस्था के विषय में पढ़ा। इस इकाई में हम दक्षिण पूर्व एशिया के संश्लिष्ट या जटिल संरचना वाले समाज की ओर ध्यान देंगे और व्यवसाय, अर्थव्यवस्था, संस्कृति और समाज व्यवस्था की विविधता जिस की विशेषता है। हम जावा के कुछ अनुष्ठानों की चर्चा करेंगे। जहाँ के धर्म का विस्तृत अध्ययन क्लिफोर्ड ग्यट्र्स ने अपनी पुस्तक “दि रिलिजन आफ जावा‘‘ में दिया है। यह (विनिबंध) पुस्तक सर्वप्रथम (1960) में समकालीन जावाई जीवन के विभिन्न पक्षों पर लिखी गई अनेक (विनिबंध) पुस्तकों में सर्वप्रथम पुस्तक है। ग्यर्ट्स ने पूर्व मध्य जावा के एक शहर जिसे उन्होंने मोदजोकूटो नाम दिया है, में खोज की। (समाजशास्त्रियों में यह परम्परा रही है कि गोपनीयता के ख्याल से अनुसंधान (खोज) की जगह और लोगों के काल्पनिक नाम दिये जाते हैं)। इस इकाई में ग्यर्ट्स की पुस्तक मात्र जावा के धार्मिक अनुष्ठानों के संबंध में नहीं बल्कि संपूर्ण धर्म के संबंध में है, किन्तु इस इकाई के उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए हम अनुष्ठानों के विषय में विवरण और विश्लेषण पर विस्तार से चर्चा करेंगे।

इस इकाई का आरम्भ हम जावा के इतिहास की एक संक्षिप्त रूपरेखा के साथ करेंगे। तत्पश्चात हम ग्यर्ट्स के अनुसार मोदजोकूटो समाज और अर्थव्यवस्था का विवरण देंगे और वहां की तीन प्रमुख सांस्कृतिक जटिलताओं (सम्मिश्रण) का वर्णन करेंगे। यह इकाई का पहला खंड होगा। दूसरे खण्ड में स्लामेतान के सामूहिक भोज (सह भोज) का वर्णन होगा। ग्यर्ट्स के अनुसार यह जावा के धार्मिक जीवन का प्रमुख अनुष्ठान है। स्लामेतान के कुछ प्रकार तीसरे और अंतिम भाग में वर्णित किए जाएंगे।

सारांश
इकाई के आरम्भ में हमने जावा के इतिहास को लिया फिर वहां आजीविका के आधार पर सामाजिक संरचना और सांस्कृतिक संस्कार को समझा जैसा कि ग्यट्र्स ने अपने शोध क्षेत्र मोदजोकूटो शहर में पाया। हमने देखा कि जावा की गूढ़ सांस्कृतिक विविधता वहां के पार्मिक जीवन को समृद्ध करती है।

उसके बाद हमने जावाई धर्म के मुख्य अनुष्ठान ‘‘स्लामेतान‘‘ की सामान्य पद्धति और उससे जुड़े हुए प्रतीकार्थ को समझा। हमने देखा कि जहां एकता और शक्ति जैसे मूल्यों की आवश्यकता होती है वहां ‘‘स्लामेतान‘‘ का आयोजन किया जाता है।

 कुछ उपयोगी पुस्तकें
लीक, एडमंड आर, 1968, ‘रिचुअल‘ इन इंटरनेशनल इनसाइक्लोपीडिया ऑफ सोशल साइंस, डेविड एल. सिल्स् द्वारा संपादित, खंड 13, न्यू यार्क: मैकमिलन एंड फ्री प्रेस।
ईवन एम.जेस 1987, ‘रिचुअल‘ इन दि इनसाइक्लोपीडिया ऑफ रिलीजन, संपादन (मिर्किआ एलिऐड), मैकमिलन ।